'मेरे आसपास घूमना बंद करो और फिल्म बनाओ': जब एटली को मिली शाहरुख की 'जवान', तो सीएम थलपति विजय ने दिया था ये रिएक्शन
भारतीय सिनेमा के सबसे सफल युवा फिल्ममेकर्स में शुमार एटली कुमार इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। चेन्नई में आयोजित अभिनेता विजय सेतुपति की फिल्म 'बठ्था' (Baththa) के भव्य ऑडियो लॉन्च इवेंट में पहुंचे एटली ने अपनी जिंदगी और करियर से जुड़े कई अनसुने पलों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जवान' का जिक्र किया और बताया कि इस बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सुपरस्टार थलपति विजय की कितनी अहम भूमिका रही थी। एटली ने मंच से खुलासा किया कि जब शाहरुख खान पहली बार इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर उनके दफ्तर पहुंचे थे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने मेंटर और बड़े भाई समान विजय से संपर्क साधा था।
'मेरे इर्द-गिर्द घूमना छोड़ो और जाओ': थलपति विजय की वो दो टूक सलाह
एटली ने उस ऐतिहासिक मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब शाहरुख खान उनके ऑफिस आए, तो दोनों के बीच लंबी चर्चा हुई। बॉलीवुड के इतने बड़े किंग खान के साथ हिंदी सिनेमा में कदम रखने को लेकर एटली मन ही मन थोड़े असमंजस में थे। जब उन्होंने यह पूरी बात विजय को बताई, तो विजय ने उन्हें बिना किसी झिझक के एक बड़ी नसीहत दी। एटली के शब्दों में, "विजय अन्ना ने मुझसे सीधे कहा कि देखो, मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम क्या करोगे या इसे कैसे संभालोगे। बस अब मेरे इर्द-गिर्द घूमना बंद करो। तुरंत जाओ और वह फिल्म करो, क्योंकि यह फिल्म तुम्हारे पूरे करियर का नक्शा बदल देगी।" एटली ने भावुक होते हुए कहा कि विजय अन्ना की उस एक प्रेरणा ने उनकी पूरी दुनिया बदल दी और आज 'जवान' की ऐतिहासिक सफलता का श्रेय उसी सलाह को जाता है।
'मेरी शर्ट, पैंट और घड़ी सब विजय अन्ना की बदौलत': एटली का भावुक बयान
इवेंट में भाषण के दौरान एटली काफी भावुक नजर आए और उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि वे आज जिस मुकाम पर हैं, उसमें विजय का हाथ सबसे बड़ा है। एटली ने कहा कि साल 2013 में आई उनकी फिल्म 'राजा रानी' ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उन्हें सुपरस्टार बनाने का श्रेय केवल विजय को जाता है। उन्होंने कहा, "आज मैंने जो कपड़े, पैंट और घड़ी पहनी है, वह बेशक मेरी मेहनत की कमाई है, लेकिन इसके पीछे मेरे अन्ना थलपति विजय का अटूट भरोसा है। उनके बिना मेरे लिए यहां तक पहुंचना नामुमकिन था।" एटली ने याद दिलाया कि 'राजा रानी' के बाद विजय ने उन पर भरोसा जताते हुए लगातार तीन मेगा बजट फिल्में—'थेरी' (2016), 'मर्सल' (2017) और 'बिगिल' (2019) दीं, जिन्होंने उन्हें देश के शीर्ष डायरेक्टर्स की कतार में खड़ा कर दिया।
सीएम बनने के बाद अब नहीं मिलेगी अगली फिल्म, लेकिन भाई का रिश्ता हमेशा रहेगा
एटली ने उन आलोचकों को भी करारा जवाब दिया जो अक्सर यह कहते हैं कि वे बार-बार विजय का नाम इसलिए लेते हैं ताकि उन्हें आगे भी फिल्में मिलती रहें। डायरेक्टर ने मुस्कुराते हुए साफ कहा कि विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं और पूरी तरह जनसेवा और राजनीति में सक्रिय हैं, इसलिए अब उन्हें उनके साथ कोई नई फिल्म करने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि अब मुझे उनके साथ फिल्म नहीं मिलेगी, लेकिन वे हमेशा मेरे भाई रहेंगे।" एटली ने विजय के राजनीतिक सफर की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके सीएम बनने से युवाओं में राजनीति के प्रति जबरदस्त दिलचस्पी जगी है और एक नई जागरूक पीढ़ी तैयार हो रही है।