नारियल और एवोकाडो ऑयल या सरसों-मूंगफली का तेल? जानिए किचन के लिए कौन सा कुकिंग ऑयल है सबसे बेहतर
आजकल स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग अपने किचन में इस्तेमाल होने वाले तेल पर विशेष ध्यान देने लगे हैं। सोशल मीडिया और फिटनेस ट्रेंड्स के दौर में नारियल ऑयल (Coconut Oil) और एवोकाडो ऑयल (Avocado Oil) को बेहद हेल्दी विकल्प के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या ये महंगे और ट्रेंडी तेल वाकई सामान्य कुकिंग ऑयल से बेहतर हैं, या फिर यह सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रेंड है? आइए जानते हैं कि डाइट एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या कहते हैं।
हर तेल की होती है अपनी खासियत
डाइट विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी एक तेल को सभी लोगों के लिए 'सबसे अच्छा' नहीं कहा जा सकता। हर तेल की अपनी न्यूट्रिशन प्रोफाइल, फैटी एसिड कंपोजिशन और इस्तेमाल का तरीका अलग होता है। इसलिए तेल का चुनाव आपकी सेहत, उम्र, फिजिकल एक्टिविटी और खानपान की आदतों पर निर्भर करता है।
नारियल ऑयल के फायदे और सावधानियां
नारियल के तेल में सैचुरेटेड फैट (Saturated Fat) की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण यह हाई हीट पर भी स्थिर रहता है और जल्दी खराब नहीं होता। कुछ रिसर्च में इसे अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने से भी जोड़ा गया है।
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सावधानी: जिन लोगों का एलडीएल (LDL - बैड कोलेस्ट्रॉल) पहले से ज्यादा है या जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारियां हैं, उन्हें नारियल तेल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
एवोकाडो ऑयल के गुण
एवोकाडो ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट (MUFA) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिसे हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें विटामिन-ई और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं।
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उपयोग: यह सलाद ड्रेसिंग, हल्की कुकिंग और मध्यम से तेज आंच पर खाना पकाने के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है, हालांकि यह अन्य तेलों की तुलना में काफी महंगा होता है।
क्या पारंपरिक और दूसरे कुकिंग ऑयल खराब हैं?
सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, सूरजमुखी और राइस ब्रान (Rice Bran) जैसे सामान्य कुकिंग ऑयल भी यदि सही और संतुलित मात्रा में इस्तेमाल किए जाएं, तो शरीर को जरूरी फैटी एसिड प्रदान करते हैं। एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं कि लंबे समय तक एक ही तरह का तेल इस्तेमाल करने के बजाय, समय-समय पर अलग-अलग तेलों का संतुलित उपयोग (Rotation) करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
तेल चुनते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
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मात्रा है सबसे अहम: चाहे नारियल ऑयल हो, एवोकाडो ऑयल या कोई सामान्य तेल, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किसी भी तेल से सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
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बार-बार गर्म न करें: एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे तेल में हानिकारक टॉक्सिन बनने का खतरा बढ़ जाता है।
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विशेष स्थितियों में डॉक्टर की सलाह: यदि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक हेल्दी तेलों का चयन कर सकते हैं। वहीं, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या दिल की बीमारी जैसी समस्याएं हैं, उन्हें अपनी डाइट में कोई भी नया तेल शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।