घंटों तक कुरकुरे रहेंगे बेसन के पकौड़े, नोट करें हलवाई का यह सीक्रेट नुस्खा
बारिश का सुहावना मौसम हो या शाम की चाय की चुस्की, गरमा-गरम पकौड़ों की थाली हर भारतीय रसोई की पहली पसंद होती है। लेकिन अधिकांश गृहिणियों और शौकिया कुक्स की सबसे आम शिकायत यह होती है कि उनके तले हुए पकौड़े कड़ाही से निकलते ही चंद मिनटों में ढीले, तैलीय और नरम (Soggy) पड़ जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, जब आप बाजार में हलवाई की दुकान से पकौड़े खरीदते हैं, तो वे ठंडे होने के बाद भी घंटों तक खस्ता और कुरकुरे बने रहते हैं। कई लोग इसे अधिक तेल या तेज आंच का कमाल मान लेते हैं, जबकि असल खेल बेसन के घोल की बनावट, बाइंडिंग सामग्री और हलवाईयों के एक खास गुप्त मिश्रण का होता है। यदि आप पकौड़े का बैटर तैयार करते समय कुछ छोटे लेकिन बेहद वैज्ञानिक उपायों को आजमा लें, तो आपके हाथ के बने पकौड़े भी बिल्कुल बाजार जैसे खनकदार और स्वादिष्ट बनेंगे।
हलवाई का पहला सीक्रेट: चावल का आटा और मक्के का स्टार्च
केवल शुद्ध बेसन से बने पकौड़े नमी को बहुत तेजी से सोखते हैं, जिसकी वजह से वे तलने के थोड़ी देर बाद ही मुलायम हो जाते हैं। हलवाईयों का सबसे बड़ा गुप्त फॉर्मूला यह है कि वे कभी भी 100 प्रतिशत बेसन का इस्तेमाल नहीं करते। जब भी आप पकौड़े के लिए बेसन निकालें, तो प्रति एक कप बेसन में कम से कम दो से तीन बड़े चम्मच बारीक पिसा हुआ चावल का आटा (Rice Flour) या कॉर्नस्टार्च (Cornstarch) जरूर मिलाएं। चावल के आटे में नमी को रोकने और तलते समय एक कड़क बाहरी परत (Crispy Crust) बनाने का प्राकृतिक गुण होता है। यह परत पकौड़े के भीतर के मॉइस्चर को बाहर आने से रोकती है, जिससे पकौड़ा लंबे समय तक अपनी क्रंचीनेस बनाए रखता है और खाते वक्त दांतों के नीचे कुरकुरा अहसास देता है।
दूसरा सीक्रेट: खौलता हुआ गर्म तेल और बेकिंग सोडा का सही संतुलन
अधिकांश लोग बैटर को फूलने के लिए उसमें सीधे ढेर सारा बेकिंग पाउडर या सोडा डाल देते हैं, जिससे पकौड़े तेल बहुत ज्यादा पी लेते हैं और भारी हो जाते हैं। हलवाई ऐसा कभी नहीं करते। बैटर को हल्का और क्रिस्पी बनाने के लिए उसमें केवल एक चुटकी बेकिंग सोडा डालें और उसके तुरंत बाद कड़ाही में गर्म हो रहे तेल में से एक से दो बड़े चम्मच खौलता हुआ गर्म तेल (Moyan) सीधे बेसन के घोल में डालकर अच्छी तरह फेंट दें। इसे हलवाई की भाषा में 'मोयन देना' कहा जाता है। गर्म तेल बेसन के कणों के बीच हवा के छोटे-छोटे पॉकेट्स बना देता है, जिससे पकौड़े अंदर से बिल्कुल जालीदार व नरम बनते हैं और बाहर की परत बेहद पतली और कुरकुरी सिकती है।
बैटर की सही कंसिस्टेंसी: ज्यादा पतला घोल बिगाड़ देता है खेल
पकौड़े के नरम पड़ने का एक मुख्य कारण बेसन का जरूरत से ज्यादा पतला होना है। यदि घोल बहुत पानीदार होगा, तो वह सब्जियों (जैसे प्याज, आलू, गोभी या पालक) पर चिपकने के बजाय कड़ाही में बिखर जाएगा और सब्जियों से निकलने वाला प्राकृतिक पानी बैटर को और ढीला कर देगा। बैटर हमेशा मध्यम गाढ़ा (Medium-Thick Coating Consistency) होना चाहिए, जो सब्जियों पर एक पतली और एकसमान परत चढ़ा सके। प्याज के लच्छा पकौड़े बनाते समय तो पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न के बराबर करें; कटी हुई प्याज में नमक मिलाकर 5 मिनट छोड़ दें, प्याज का खुद का छूटा पानी ही बेसन को लपेटने के लिए पर्याप्त होता है। इसके साथ ही, बैटर को एक ही दिशा में 3 से 4 मिनट तक हाथ या विस्कर से अच्छी तरह फेंटें ताकि उसमें हवा समाहित हो सके।
डबल फ्राइंग तकनीक: जो घंटों तक बरकरार रखती है क्रंच
रेस्टोरेंट और पेशेवर हलवाई जिस सबसे बड़ी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, उसे 'डबल फ्राई' (Double Frying Technique) कहा जाता है। पहली बार में पकौड़ों को मध्यम गर्म तेल में केवल 70 से 80 प्रतिशत तक ही तलकर बाहर एक प्लेट में निकाल लिया जाता है। इस स्टेज पर पकौड़े हल्के पीले रहते हैं और पक जाते हैं लेकिन पूरी तरह क्रिस्प नहीं होते। जब आपको सर्व करना हो या पकौड़े खाने हों, तो तेल को तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म करें और इन हाफ-डन पकौड़ों को उस खौलते तेल में दोबारा डालकर केवल 1 से 2 मिनट के लिए 'फ्लैश फ्राई' करें। यह दूसरी बार का तेज तापमान बाहरी सतह की बची हुई नमी को पूरी तरह सुखाकर उसे गहरा सुनहरा और अविश्वसनीय रूप से कुरकुरा बना देता है।
प्लेटिंग का सही नियम: कभी न करें टिश्यू पेपर पर ढकने की भूल
पकौड़े तलने के बाद कई लोग उन्हें एक के ऊपर एक ढेर लगाकर रख देते हैं या सीधे अखबार या टिश्यू पेपर पर रखकर ऊपर से किसी बर्तन से ढक देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। पकौड़ों से निकलने वाली भाप (Steam) जब बाहर नहीं निकल पाती, तो वह वापस पानी की बूंदों में बदलकर पकौड़ों को गीला और चिपचिपा बना देती है। पकौड़ों को कड़ाही से निकालकर हमेशा एक तार वाली जाली (Wire Rack या Sieve) पर फैलाकर रखें ताकि हवा नीचे और ऊपर दोनों तरफ से पास हो सके। ऊपर से चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर बुरकें और हरी पुदीने की तीखी चटनी के साथ परोसें। इस आसान तरीके से बने पकौड़े मेहमानों के आने के दो घंटे बाद भी अपनी वही खनक और स्वाद बनाए रखेंगे।