20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: पीएम मोदी ने बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- 'विकसित भारत के संकल्प में युवा सबसे बड़ी शक्ति'

20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: पीएम मोदी ने बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- 'विकसित भारत के संकल्प में युवा सबसे बड़ी शक्ति'

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में रिक्त पदों को मिशन मोड पर भरने की मुहिम के तहत शनिवार को 20वें 'रोजगार मेले' का भव्य आयोजन किया गया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं के लिए आधिकारिक नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) वितरित किए। देश के 45 अलग-अलग शहरों और स्थानों पर एक साथ आयोजित हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने चयनित अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। त्योहारों के इस मौसम में सरकारी नौकरी का यह उपहार पाकर युवाओं और उनके परिवारों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

रेलवे, रक्षा, गृह और राजस्व समेत कई प्रमुख मंत्रालयों में मिली तैनाती

इस 20वें रोजगार मेले के माध्यम से चयनित युवाओं को केंद्र सरकार के अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विंग्स में सेवाएं देने का अवसर मिला है। इनमें मुख्य रूप से रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल), रक्षा मंत्रालय (डीआरडीओ और अन्य तकनीकी सेवाएं), राजस्व विभाग (इनकम टैक्स और कस्टम्स), वित्तीय सेवा विभाग (बैंकिंग एवं बीमा) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय शामिल हैं। अहमदाबाद में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर से लेकर पुणे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में 'साइंटिस्ट बी' के रूप में नियुक्त हुए युवाओं ने राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

अब तक 12.75 लाख युवाओं को मिल चुके हैं नियुक्ति पत्र: सरकारी आंकड़ा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2022 में शुरू की गई रोजगार मेला पहल के तहत अब तक विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और राष्ट्रीयकृत बैंकों में कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी और त्वरित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पहले भर्ती प्रक्रियाओं में लगने वाले महीनों और सालों के समय को घटाकर अब पारदर्शी ऑनलाइन परीक्षाओं और फास्ट-ट्रैक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के जरिए युवाओं को रिकॉर्ड समय में रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

'सिटिजन-फर्स्ट' भाव से काम करें: पीएम मोदी ने दिया प्रशासनिक मंत्र

नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे एक ऐसे ऐतिहासिक दौर में सरकारी तंत्र का हिस्सा बन रहे हैं जब देश 'विकसित भारत 2047' के महान लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों को 'नागरिक-प्रथम' (Citizen-First Approach) की भावना से कार्य करने की सीख दी। पीएम ने कहा कि जब कोई बुजुर्ग पेंशनभोगी, छात्रवृत्ति का इंतजार करता छात्र या कोई किसान सरकारी दफ्तर आता है, तो वह सरकार का चेहरा उस कर्मचारी में देखता है। आपका आचरण, कार्यक्षमता और ईमानदारी ही तय करती है कि जनता का शासन पर कितना भरोसा है। उन्होंने युवाओं से व्यवस्था में उन अड़चनों को दूर करने का आह्वान किया जिनका सामना कभी उन्होंने या उनके परिवारों ने किया होगा।

स्टार्टअप, स्किलिंग और निजी क्षेत्र में रोजगार पर भी जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि सरकारी भर्तियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसरों को भी अभूतपूर्व गति दी जा रही है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें करीब 50 फीसदी स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ₹1 लाख करोड़ के बजट वाली 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का जिक्र किया, जिसके तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है ताकि देश के 2 करोड़ से अधिक युवाओं को औपचारिक कार्यबल से जोड़ा जा सके। पीएम ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से डिजिटल ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म 'मिशन कर्मयोगी' से जुड़कर अपनी कार्यकुशलता को लगातार अपग्रेड करने की भी अपील की।

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