रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे कमान, इधर सीएम योगी ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खोला खजाना और दिए 40 लाख तक के बीमा का तोहफा
अयोध्या में स्थित करोड़ों राम भक्तों की आस्था के केंद्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को एक नया और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही अयोध्या के धार्मिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पिछले कई महीनों से इस पद के लिए चल रही लंबी और बेहद कड़ी चयन प्रक्रिया का आधिकारिक रूप से समापन हो गया, जब ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगा दी गई। इस उच्च पद के लिए देश भर से प्रशासनिक और सैन्य सेवा से जुड़े दिग्गजों ने दावेदारी पेश की थी। आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रतिष्ठित पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे, जो इस पद की गंभीरता और महत्ता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। कई चरणों की कठिन स्क्रीनिंग, एआई आधारित मूल्यांकन, ऑनलाइन इंटरव्यू और उच्च स्तरीय पैनल की समीक्षा के बाद अंततः रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस जिम्मेदारी के लिए सबसे योग्य पाया गया। उनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर के दैनिक कामकाज, सुरक्षा, वित्त और कानूनी मामलों को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खुला खजाना
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करते हुए उनके लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया और इसके साथ ही 'यूपीकॉस' पोर्टल, वेबसाइट व नए लोगो का भी अनावरण किया। इस क्रांतिकारी पहल के तहत राज्य सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके जरिए अब सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर किया जाएगा। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म होगी और कर्मचारियों को समय पर उनका पूरा वेतन मिल सकेगा।
इस नई योजना के तहत सरकार ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारी-भरकम बीमा और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है। दुर्घटना या आपदा की स्थिति में निर्धारित श्रेणी के अनुसार कर्मचारियों के परिवारों को 20 से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी अप्रिय अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपये, आकस्मिक चिकित्सा और दवाओं के लिए 5 लाख रुपये, आपातकालीन स्थिति में एयर एंबुलेंस सेवाओं के लिए 10 लाख रुपये, तथा कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए बेटों को 8 लाख और बेटियों को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दिए जाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। सरकार के इस कदम से उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे प्रशासनिक दक्षता और कर्मचारियों के मनोबल दोनों को मजबूती मिलेगी।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ का सैन्य और प्रशासनिक सफर
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ताल्लुक रखने वाले जितेंद्र मिश्रा का जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल रहा है। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में एक फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लगभग चार दशक के लंबे और गौरवशाली सैन्य करियर के दौरान उन्होंने देश के लिए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है। वे पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान मिराज-2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बम तैनात करने वाली विशेष टीम में उनकी भूमिका बेहद सराहनीय रही थी। इसके अलावा, बहुचर्चित 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी उन्होंने वेस्टर्न कमांड के प्रमुख के रूप में सामरिक कौशल का परिचय दिया था, जिसके लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। अब उनके इसी प्रशासनिक और सामरिक अनुभव का लाभ अयोध्या के राम मंदिर प्रबंधन को मिलेगा, जिससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को एक नई गति और अनुशासन प्राप्त होगा।