थलपति विजय ने खोला खजाना: महिलाओं को 8 ग्राम सोने का सिक्का, Gen-Z के लिए लैपटॉप और साइकिल; जानें टीवीके सरकार के पहले बजट की सभी बड़ी बातें
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेट्टी कजगम' (TVK) के सत्ता में आने के बाद अपना पहला ऐतिहासिक बजट विधानसभा में पेश करवाकर सूबे की राजनीति में भूचाल ला दिया है. विधानसभा में भारी गहमागहमी और राजनीतिक हंगामे के बीच वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा प्रस्तुत किया गया यह बजट इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि थलपति विजय केवल एक फिल्मी स्टार के रूप में नहीं, बल्कि एक परिपक्व और दूरदर्शी राजनेता के रूप में लंबी राजनीतिक पारी खेलने के लिए आए हैं. राज्य के सामने मौजूद भारी वित्तीय चुनौतियों और लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के संकट से बाहर निकलने का दावा करते हुए विजय सरकार ने अपने पहले ही बजट में समाज के हर वर्ग को साधने की अनूठी रणनीति अपनाई है. इस बजट का सबसे बड़ा आकर्षण नई पीढ़ी यानी जेन-Z, महिलाओं और छात्रों के लिए की गई कल्याणकारी घोषणाएं हैं, जिन्होंने देश भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
Gen-Z और छात्रों के लिए खुले पिटारे, लैपटॉप और साइकिल का तोहफा
आज के डिजिटल और आधुनिक दौर में नई पीढ़ी यानी जेन-Z (Gen-Z) की भूमिका किसी भी राजनीतिक बदलाव में सबसे अहम मानी जाती है. इसी नब्ज को पहचानते हुए मुख्यमंत्री थलपति विजय ने अपने पहले बजट में युवाओं और छात्रों के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है. सरकार ने 'वेत्री मणिकणिनि थिट्टम' (Vetri Manikanini Thittam) नामक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत कॉलेज जाने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांटे जाएंगे. इस योजना के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सके. इसके अलावा स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं को मुफ्त साइकिलें, हेलमेट और बॉटल होल्डर देने का ऐलान किया गया है, जिस पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर सरकारी आवासीय स्कूल बनाने हेतु 125 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि 'पल्ली निरावु थिट्टम' के तहत सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. युवाओं को नशे की बुरी लत से बचाने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है.
महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए सोने के तोहफे की शानदार योजना
तमिलनाडु के चुनावी मैदान में महिलाओं का वोट बैंक हमेशा से ही निर्णायक साबित होता रहा है, और इस बात को थलपति विजय ने बखूबी समझा है. अपने चुनाव पूर्व वादों को पूरा करते हुए विजय सरकार ने महिलाओं और नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की गोल्ड असिस्टेंस योजनाओं का ऐलान करके तहलका मचा दिया है. बजट के दौरान 'ब्रदर्स गिफ्ट स्कीम' के तहत महिलाओं के लिए 'सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी योजना' की घोषणा की गई, जिसके लिए 812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है. इस योजना के तहत राज्य में विवाह के अवसर पर महिला लाभार्थियों को 8 ग्राम का शुद्ध सोने का सिक्का और एक पारंपरिक सिल्क साड़ी भेंट की जाएगी. इतना ही नहीं, मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक और अनूठी पहल की गई है जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी. इस योजना के लिए सरकार ने 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो देश भर में एक अनूठी और बड़ी सामाजिक कल्याण योजना के रूप में देखी जा रही है.
मुस्लिम समुदाय के लिए हज सब्सिडी में बड़ा इजाफा और अन्य घोषणाएं
समावेशी राजनीति और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने के एजेंडे पर काम करते हुए थलपति विजय की सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के लिए भी कई महत्वपूर्ण सौगातों का ऐलान किया है. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राज्य से पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए दी जाने वाली हज सब्सिडी को 25,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 35,000 रुपये कर दिया गया है. इस वित्तीय सहायता में 10,000 रुपये की बढ़ोतरी से उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो जीवन में पहली बार पाक यात्रा पर जाना चाहते हैं. इसके साथ ही, ईसाई और मुस्लिम महिला कल्याण संघों को बेहतर प्रशासनिक और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए 1.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, तथा राज्य भर में पांच प्रमुख ईसाई और मुस्लिम कब्रिस्तानों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 34 करोड़ रुपये का विशेष फंड मंजूर किया गया है. इन फैसलों से साफ जाहिर होता है कि टीवीके सरकार तुष्टीकरण से ऊपर उठकर एक संतुलित और धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है.
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का विजन और शराब की दुकानों पर शिकंजा
केवल लोकलुभावन वादों तक सीमित न रहते हुए विजय सरकार ने तमिलनाडु की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए एक ठोस रोडमैप भी पेश किया है. सरकार ने वर्ष 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की एक विशाल अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके अलावा, राज्य में सामाजिक सुधारों की दिशा में एक कड़ा कदम उठाते हुए 717 शराब की दुकानों को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया गया है, जिससे परिवारों को बिखरने से बचाने में मदद मिलेगी. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि मुख्यमंत्री थलपति विजय के नेतृत्व में सरकारी टेंडरों में बिचौलियों और कुछ खास राजनीतिक दलों को मिलने वाली 'कट' (कमीशन) संस्कृति पर पूरी तरह से लगाम लगा दी गई है, जिससे सरकारी खजाने को भारी बचत हो रही है और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है. इसके साथ ही, केंद्र सरकार से नीट (NEET) परीक्षा को पूरी तरह समाप्त कर 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल दाखिले की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की पुरजोर मांग भी दोहराई गई है.