दूसरे टी20 में भी नहीं होगा वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल के इस बयान से सबकुछ हो गया साफ
आईपीएल 2026 के बाद से ही भारतीय क्रिकेट जगत में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है— 15 साल के युवा रन-मशीन वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) टीम इंडिया के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू कब करेंगे? दुनिया भर के क्रिकेट फैंस से लेकर कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी तक वैभव को नीली जर्सी में खेलते देखने के लिए बेताब हैं।
संजू सैमसन की हालिया नाकामियों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले दूसरे टी20 मैच में वैभव को प्लेइंग-11 में मौका मिल सकता है। लेकिन मैच से ठीक पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल (Morne Morkel) ने एक बड़ा बयान देकर इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मोर्केल के बयान से साफ हो गया है कि वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल बेंच पर ही बैठना होगा।
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर भरोसा कायम रखेगा मैनेजमेंट
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मोर्ने मोर्केल से वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मौजूदा ओपनर्स का खुलकर बचाव किया।
मोर्ने मोर्केल ने कहा:
"हमें इस बात का पूरा सम्मान करना चाहिए कि हमारे पास अभिषेक शर्मा के रूप में टी20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज मौजूद है। वहीं संजू सैमसन हाल ही में विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं और आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। ऐसे में एक कोचिंग स्टाफ के तौर पर अपने खिलाड़ियों पर भरोसा जताना और उनका समर्थन करना हमारा कर्तव्य है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह सच है कि एक प्रतिभावान युवा खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) प्लेइंग-11 के दरवाजे पर लगातार दस्तक दे रहा है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत उत्साहजनक बात है। लेकिन मेरा मानना है कि केवल इन दोनों खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि मैनेजमेंट अपने खिलाड़ियों के साथ कठिन समय में भी मजबूती से खड़ा रहता है।"
"सिर्फ बदलाव के लिए सूर्यवंशी को नहीं खिला सकते"
गेंदबाजी कोच ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि टीम मैनेजमेंट बल्लेबाजों के बल्लेबाजी क्रम (Batting Order) में बिना किसी ठोस रणनीतिक कारण के बदलाव करने के सख्त खिलाफ है, खासकर तब जब वे खिलाड़ी पहले उसी क्रम पर मैच जिताऊ प्रदर्शन कर चुके हों।
मोर्केल ने साफ लहजे में कहा:
"आखिरकार इंटरनेशनल लेवल पर सबसे महत्वपूर्ण बात प्रदर्शन करना ही है, लेकिन हम केवल बदलाव करने के नाम पर खिलाड़ियों को उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी स्थिति से हटाना नहीं चाहते। इसलिए यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है कि हम बस यूं ही कह दें— ‘चलिए, आज सूर्यवंशी को खिला देते हैं’।"
उनका मानना है कि जिन खिलाड़ियों ने देश को विश्व कप जिताया है और कठिन परिस्थितियों में टीम की नैया पार लगाई है, उन पर भरोसा बनाए रखना होगा। उसके बाद ही परिस्थितियों को देखते हुए शीर्ष बल्लेबाजी क्रम को और मजबूत बनाने की दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा।
ड्रेसिंग रूम में खुद को ढाल रहे हैं वैभव
भले ही मोर्ने मोर्केल ने वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू की कोई निश्चित तारीख या समय-सीमा (Timeline) नहीं बताई, लेकिन उन्होंने इस युवा खिलाड़ी की तारीफ करते हुए एक सकारात्मक बात जरूर साझा की। मोर्केल ने बताया कि वैभव ने सीनियर भारतीय ड्रेसिंग रूम के माहौल, सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल और नेट्स की दिनचर्या में खुद को बहुत अच्छी तरह से ढाल लिया है, जो भविष्य के लिहाज से उनके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होगा।