आज से दो जिलों में बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज, एक जिले में 10 दिन की छुट्टी
उत्तर प्रदेश में पवित्र सावन मास और कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य के दो प्रमुख जिलों—मेरठ और मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने 12वीं तक के सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का बड़ा आदेश जारी किया है। इन इलाकों में प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है ताकि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुजफ्फरनगर में स्कूल-कॉलेज बंद
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले मुजफ्फरनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन के आदेशानुसार यहाँ सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थान 3 अगस्त से 10 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर दिशानिर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो।
मेरठ में घोषित हुई 10 दिन की लंबी छुट्टी
मेरठ जिला प्रशासन (डीएम) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, शहर और ग्रामीण इलाकों में 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज 12 अगस्त तक बंद रखे गए हैं। कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह एहतियातन कदम उठाया है, जिसके तहत यहाँ लगभग 10 दिनों की लंबी छुट्टी घोषित कर दी गई है। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिव भक्त (कांवड़िए) हरिद्वार और अन्य जगहों से गंगा जल लेकर पैदल अपने गंतव्य की ओर निकलते हैं। मेरठ और मुजफ्फरनगर ऐसे मुख्य मार्ग हैं जहाँ से सबसे ज्यादा कांवड़िए गुजरते हैं। बच्चों की सुरक्षा, स्कूल बसों की वजह से लगने वाले भारी जाम और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए हर साल प्रशासन द्वारा इस प्रकार के अवकाश घोषित किए जाते हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।