कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान पर गरजा KDA का बुलडोजर: बाउंड्री और अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त, भारी पुलिस व PAC तैनात

कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान पर गरजा KDA का बुलडोजर: बाउंड्री और अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त, भारी पुलिस व PAC तैनात

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी और विकास प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार तड़के बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की प्रवर्तन टीम ने भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के साथ बर्रा-6 थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बरी की विवादित भूमि पर धावा बोल दिया। यहां सरकारी जमीन पर कथित तौर पर अवैध रूप से बनाए गए कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल और उसके भीतर खड़े किए गए कमरों व पक्के निर्माणों को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के उपद्रव या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, हाईकोर्ट से खारिज हुई थी याचिका

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, पूरा विवाद ग्राम बरी की आराजी संख्या 314 से जुड़ा हुआ है। इस स्थान पर करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी द्वारा बाउंड्री वॉल खड़ी कर कमरे और अन्य निर्माण कार्य करवा लिए गए थे। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष से दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया था। कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत से याचिका खारिज हो जाने के बाद प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराने की रूपरेखा तैयार की। नोटिस की अवधि पूरी होने और कब्जा न हटाए जाने के बाद शनिवार सुबह 6 बजे से ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

'कब्रों को नहीं पहुंचाया कोई नुकसान', केडीए ने दी प्रशासनिक सफाई

केडीए के ओएसडी और प्रवर्तन दल के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की कार्रवाई किसी धार्मिक स्थल या वास्तविक कब्रों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं थी। प्राधिकरण ने साफ किया कि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज मूल हिस्से को बिल्कुल नहीं छुआ गया है और न ही कब्रों को खोदा गया है। बुलडोजर की कार्रवाई केवल उस हिस्से पर की गई जो केडीए और सरकारी भूमि बैंक की जमीन पर कब्जा करके बाउंड्री वॉल और चबूतरे बनाकर घेरा गया था। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराना विकास प्राधिकरण की विधिक जिम्मेदारी है और यह अभियान पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर चलाया गया।

मुस्लिम पक्ष ने अचानक कार्रवाई का लगाया आरोप, कोर्ट जाने की कही बात

दूसरी तरफ, बुलडोजर चलने की खबर मिलते ही मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी से जुड़े लोग और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया। लोगों का आरोप था कि यह कब्रिस्तान कई दशकों पुराना है और यहां लंबे समय से शवों को दफनाया जाता रहा है। कमेटी के प्रतिनिधियों ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपना पक्ष रखने और सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और सुबह-सुबह अचानक पुलिस बल लेकर बुलडोजर चला दिया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद एसीपी स्तर के अधिकारियों, महिला पुलिस बल और पीएसी के कड़े पहरे के चलते विरोध प्रदर्शन उग्र रूप नहीं ले सका और अधिकारियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जमीन को कब्जामुक्त घोषित कर दिया।

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