पाकिस्तान में उबाल: इमरान खान की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरे लोग, शहबाज शरीफ सरकार को 27 सितंबर तक का अल्टीमेटम; जानें पूरा मामला
पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक आम जनता और विपक्षी दलों का गुस्सा फूट पड़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने और उनकी बिगड़ती सेहत के विरोध में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। हालात यह हैं कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार चौतरफा घिरती नजर आ रही है और देश में आक्रोश का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
पीटीआई का 27 सितंबर का अल्टीमेटम और इमरान खान की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों और पार्टी नेताओं ने मौजूदा सत्ताधारी तंत्र को सीधी चेतावनी दी है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि यदि इमरान खान और उनकी पत्नी के मामलों में न्याय नहीं मिला, तो आगामी 27 सितंबर को देशभर से पीटीआई समर्थक इस्लामाबाद की ओर कूच करेंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि कानूनी अड़चनें हटाई जाएं और निष्पक्षता बरती जाए, तो इमरान खान महज आधे घंटे में जेल से बाहर आ सकते हैं। पार्टी की मुख्य मांग है कि पूर्व प्रधानमंत्री से उनकी कानूनी टीम, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मुलाकात तुरंत बहाल की जाए और उनके खिलाफ चल रहे मामलों की पारदर्शी सुनवाई हो।
पुलिसिया कार्रवाई और देशव्यापी प्रदर्शनों से गहराता राजनीतिक संकट
प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तानी प्रशासन और पुलिस ने कई शहरों में सख्त रुख अपनाया है। लाहौर, रावलपिंडी और मियांवाली समेत कई इलाकों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए पांच विधायकों समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ है और वे इमरान खान के समर्थन में लगातार लामबंद हो रहे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने भी इमरान खान को अकेले कैद में रखे जाने और बुनियादी अधिकारों से वंचित करने पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिससे शहबाज शरीफ सरकार की मुश्किलें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी बढ़ गई हैं।