पाकिस्तान में पेट्रोल की मार: लग्जरी कार छोड़ गधा गाड़ी से विधानसभा पहुंचे विधायक, महंगाई के खिलाफ अनोखा हल्लाबोल
पाकिस्तान में चरमराई अर्थव्यवस्था और बेतहाशा बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर पूरी तरह तोड़ कर रख दी है। ईंधन की रिकॉर्ड तोड़ कीमतों ने जब लोगों की जेब खाली कर दी, तो इसका जोरदार विरोध सदन के दरवाजे तक जा पहुंचा। खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विपक्षी विधायक अपनी चमचमाती वीआईपी गाड़ियों के काफिले को छोड़कर सीधे गधा गाड़ी (Donkey Cart) पर सवार होकर विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने पहुंच गए। विधानसभा के मुख्य द्वार पर जब सुरक्षाकर्मियों ने विधायक को एक साधारण गधे द्वारा खींची जा रही लकड़ी की रेहड़ी पर आते देखा, तो उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और इसकी तस्वीरें व वीडियो पूरे पाकिस्तान समेत अंतरराष्ट्रीय मीडिया में वायरल हो गए।
पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों पर सरकार को घेरा, बोले- 'अब यही बचा सहारा'
विधानसभा परिसर के बाहर मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए विधायक ने शहबाज शरीफ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 300 रुपये प्रति लीटर से भी पार निकल चुकी हैं, जिसके चलते देश का मध्यम और गरीब वर्ग दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो चुका है। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि हुकूमत ने देश को ऐसी कंगाली के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब जनप्रतिनिधियों के पास भी पेट्रोल का खर्च उठाने की औकात नहीं बची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब आम अवाम अपनी बाइक और गाड़ियों में तेल नहीं डलवा पा रही है, तो वह किस मुंह से एसी कारों में घूमें। गधा गाड़ी पर सफर करना कोई शौक नहीं, बल्कि हुक्मरानों को उनकी नाकामी का आईना दिखाने का एक मजबूरी भरा जरिया है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों और टैक्स के बोझ तले दबी जनता
पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली किसी से छिपी नहीं है। दिवालिया होने से बचने के लिए सरकार को लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ (IMF) के बेलआउट पैकेज पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आईएमएफ द्वारा लगाई गई कड़ी शर्तों के तहत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर लेवी, सेल्स टैक्स और अन्य शुल्कों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का यह कदम देश के राजकोषीय घाटे को पाटने के लिए उठाया गया है, लेकिन इसका सीधा और क्रूर असर आम नागरिकों के बजट पर पड़ा है। फल, सब्जियां, दालें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया दोगुने से ज्यादा बढ़ चुका है। विधानसभा में हुए इस गधा गाड़ी प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि जनता का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के भीतर फूटने लगा है।
सोशल मीडिया पर छाया विधायक का अंदाज, यूजर्स ने किए तीखे कमेंट्स
विधायक के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने डिजिटल दुनिया में भी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जहां विपक्षी दलों के समर्थक इस कदम को जनहित की सच्ची आवाज बता रहे हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन के लोग इसे महज एक 'सस्ता पब्लिसिटी स्टंट' करार दे रहे हैं। कई नेटिजन्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि यह प्रदर्शन भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन यह पाकिस्तान के मौजूदा जमीनी सच को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करता है। लोगों का कहना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह अंधाधुंध इजाफा जारी रहा, तो आने वाले कुछ महीनों में पूरे देश को आधुनिक वाहनों को अलविदा कहकर गधा गाड़ियों और बैलगाड़ियों के पुराने दौर में ही लौटना पड़ेगा।