'अल्लाह के लिए खारिज कर दो...': PoK चुनाव से पहले कश्मीरी नेताओं ने क्यों की बॉयकॉट की भावुक अपील? जानें पूरा मामला
नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली जन-संगठन जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने इन चुनावों को पूरी तरह से 'दिखावा' करार देते हुए जनता से मतदान के पूर्ण बहिष्कार (Election Boycott) का आह्वान किया है।
JAAC के कोर सदस्य और प्रमुख नेता उमर नजीर कश्मीरी का एक सार्वजनिक संबोधन सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लोगों से पाकिस्तान समर्थित चुनावी प्रक्रिया से दूर रहने की बेहद भावुक अपील की है।
'जो चुनाव लड़ रहे हैं, वे हमारे शहीदों के कातिल हैं'
अपने संबोधन में उमर नजीर कश्मीरी ने PoK की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए:
"अल्लाह के लिए, इतिहास के इस नाजुक मोड़ को समझें। जो लोग इस चुनावी ड्रामे में शामिल हैं, जो चुनाव लड़ रहे हैं या दूसरों को लड़वा रहे हैं—वे सब हमारे शहीदों के कातिल हैं। वे हमारे अधिकारों के कातिल हैं। 5 जून के बाद से क्षेत्र में जो दमन, हिंसा और निर्दोषों पर अत्याचार हुआ है, उसके लिए यही राजनीतिक दल और सुरक्षा बल जिम्मेदार हैं।" - उमर नजीर कश्मीरी (नेता, JAAC)
दमन और हिंसा के खिलाफ 'इमोशनल कार्ड'
कश्मीरी नेता ने PoK के नागरिकों से राष्ट्रभक्ति और शहीदों के सम्मान की दुहाई देते हुए कहा कि जिस किसी के मन में अपने क्षेत्र, शहीदों के खून, घायलों और जेलों में बंद कैदियों के प्रति जरा सा भी आदर है, उसे इस "दिखावटी चुनाव" को सिरे से खारिज कर देना चाहिए।
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दमनकारी नीतियां: JAAC का आरोप है कि स्थानीय कठपुतली सरकार और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम जनता की जायज आवाजों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया है।
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फर्जी वैधता देने का विरोध: उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान में भाग लेने का मतलब पाकिस्तानी हुकूमत और दमनकारी नीतियों को वैधता प्रदान करना होगा।
क्यों उबल रहा है PoK? जानिए विरोध की वजह
वर्ष 2026 की शुरुआत से ही PoK में पाकिस्तानी शासन के खिलाफ अभूतपूर्व जन-आंदोलन चल रहा है:
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महंगाई और बिजली संकट: गेहूं-आटे की भारी किल्लत, आसमान छूती महंगाई और बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी थी।
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हिंसक झड़पें और गिरफ्तारियां: JAAC के नेतृत्व में हुए इन नागरिक आंदोलनों पर पाकिस्तानी पुलिस और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया, जिसमें दर्जनों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया।