India-US Trade Deal: क्या भारत ने अमेरिका के साथ जल्दबाजी में व्यापार समझौते से किया इनकार? रॉयटर्स के दावे पर पीयूष गोयल ने दिया करारा जवाब

India-US Trade Deal: क्या भारत ने अमेरिका के साथ जल्दबाजी में व्यापार समझौते से किया इनकार? रॉयटर्स के दावे पर पीयूष गोयल ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता (Trade Talks) को लेकर अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' (Reuters) के एक दावे पर भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रॉयटर्स की इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और भ्रामक (Misleading) करार दिया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?

रॉयटर्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि भारत ने हाल ही में हुई बातचीत के दौरान अमेरिका के साथ जल्दबाजी में कोई भी व्यापार समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर कई नए व्यापारिक साझेदारों का भरोसा जीता है और घरेलू मोर्चे पर भी राजनीतिक लाभ हासिल किए हैं। इसी वजह से भारत किसी दबाव या जल्दबाजी में न रहकर अधिक फायदेमंद और बेहतर शर्तों वाले समझौते का इंतजार कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर दिया जवाब

इस खबर के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा:

"यह खबर पूरी तरह से झूठी, आधारहीन और लोगों को गुमराह करने वाली है। जून 2026 में जब अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर भारत दौरे पर आए थे, तब उनके साथ बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बैठक हुई थी।"

दोनों देश संतुलित और व्यावहारिक समझौते के लिए प्रतिबद्ध

पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका किसी जल्दबाजी में हाथ पीछे नहीं खींच रहे हैं, बल्कि दोनों देश एक ऐसे व्यापक व्यापार समझौते के प्रति प्रतिबद्ध हैं जो संतुलित हो। उन्होंने बताया कि वार्ता का उद्देश्य एक ऐसा कमर्शियल फ्रेमवर्क तैयार करना है जिससे दोनों देशों के:

  • कारोबारियों और निवेशकों (Businessmen & Investors)

  • किसानों और श्रमिकों (Farmers & Workers)

  • आम उपभोक्ताओं (Consumers)

को वास्तविक और दीर्घकालिक लाभ मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार काम कर रही हैं और बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इसलिए किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर विश्वास न किया जाए।

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