अरुणाचल में कुदरत का कहर: 48 घंटे की मूसलाधार बारिश से आई अचानक बाढ़, 3 लापता, केंद्रीय मंत्री रिजिजू बोले- 'हम साथ खड़े हैं'
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। राज्य के केई पन्योर और लोअर सुबनसिरी जिलों में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन (Landslide) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में जहां कम से कम 3 लोगों के लापता होने की खबर है, वहीं 20 से अधिक आशियाने ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जताया दुख: "सुरक्षा हमारी प्राथमिकता"
अरुणाचल प्रदेश से आने वाले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इस त्रासदी को लेकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा:
"अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जान-माल की क्षति और तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। हमारे लोगों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव, राहत और बहाली के कार्य जारी हैं। हम इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
सिर्फ 3 घंटे की 'अतिवृष्टि' से उफनाई सुबनसिरी नदी
मौसम विज्ञान केंद्र (गुवाहाटी और ईटानगर) से मिले आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में स्थिति तब बिगड़ी जब याजाली और उसके आसपास के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के भीतर 72.8 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई। सैटेलाइट और रडार इमेजरी से पता चला है कि इस बारिश का अधिकांश हिस्सा 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच यानी महज 3 घंटों में बरसा।
इतने कम समय में अत्यधिक पानी बरसने के कारण सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ गया और तीव्र जलप्रवाह (Flash Flood) ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।
असम में हाई अलर्ट: निचले इलाकों पर मंडराया डूबने का खतरा
अरुणाचल की पहाड़ियों में मची इस तबाही का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। सुबनसिरी नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर असम की ओर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए असम सरकार ने नदी के किनारे बसे निचले जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर असम के कई मैदानी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस सकता है, जिसके चलते प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।