वृषभ राशि में मंगल का गोचर बढ़ाएगा टेंशन: आज से बदल जाएगी इन राशियों की चाल, रिश्तों में बढ़ेगी कड़वाहट

वृषभ राशि में मंगल का गोचर बढ़ाएगा टेंशन: आज से बदल जाएगी इन राशियों की चाल, रिश्तों में बढ़ेगी कड़वाहट

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल देव ने आज यानी 20 जून 2026 को वृषभ राशि में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, जोश और साथ ही गुस्से व आक्रामकता का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, वृषभ राशि के स्वामी धन, सौंदर्य और प्रेम के देवता शुक्र हैं। जब अग्नि तत्व के प्रधान मंगल का गोचर विलासिता और सौम्यता के प्रतीक शुक्र की राशि वृषभ में होता है, तो यह मिलाजुला या संतुलित नहीं माना जाता। इस गोचर का सीधा और गहरा असर आम जनमानस के व्यवहार, वाणी और उनके आपसी रिश्तों पर पड़ने वाला है। मशहूर ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को बेहद संभलकर रहने की जरूरत होगी।

बात करने का तरीका बिगाड़ सकता है मंगल: वाणी पर रखें काबू

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, मंगल के वृषभ राशि में आते ही लोगों के स्वभाव में अचानक तेजी या उग्रता देखने को मिल सकती है। इस गोचर का सबसे पहला और नकारात्मक असर व्यक्ति की वाणी पर पड़ता है। इस अवधि में लोग अनजाने में या आवेश में आकर कुछ ऐसी कड़वी बातें कह सकते हैं, जिसका पछतावा उन्हें बाद में होगा। यदि आप कार्यक्षेत्र में हैं, या परिवार व दोस्तों के बीच बैठे हैं, तो बातचीत करते समय अपने धैर्य का परिचय दें। याद रखें, इस समय आपकी एक छोटी सी तीखी प्रतिक्रिया किसी बड़े विवाद का रूप ले सकती है।

प्रेम संबंधों में बढ़ सकती हैं दूरियां: साथी की बात सुनना है जरूरी

जो जातक किसी के साथ प्रेम संबंध (Love Life) में हैं, उनके लिए मंगल का यह राशि परिवर्तन काफी संवेदनशील रहने वाला है। शुक्र की राशि में मंगल की उपस्थिति के कारण पार्टनर के बीच अकारण ही गलतफहमियां और शक की स्थिति पैदा हो सकती है। अपने साथी की बात को पूरा सुने बिना या समझे बिना तुरंत रिएक्ट करने से बचें, अन्यथा रिश्ते में ऐसी कड़वाहट आ सकती है जिसे संभालना मुश्किल होगा। लव बर्ड्स के लिए सलाह है कि आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता बंद न करें, बल्कि खुलकर संवाद करें।

पति-पत्नी के बीच बढ़ सकता है तनाव: अहंकार से बचें

मंगल का यह गोचर विवाहित जातकों के दांपत्य जीवन (Married Life) की भी परीक्षा लेगा। घर की बेहद छोटी और गैर-जरूरी बातों पर भी पति-पत्नी के बीच तीखी बहस होने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे समय में रिश्तों पर अहंकार को हावी न होने दें और एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करें। याद रखें कि गुस्से या आवेश में आकर इस दौरान लिए गए पारिवारिक फैसले भविष्य में आपकी मानसिक और आर्थिक परेशानी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

सेहत को लेकर भी रहें सतर्क: चिड़चिड़ापन और तनाव रहेगा हावी

स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी मंगल का यह गोचर कुछ चुनौतियां लेकर आ रहा है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस गोचर के प्रभाव से कुछ लोगों को हार्मोनल असंतुलन या उससे जुड़ी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मानसिक रूप से बेचैनी, अकारण चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। इससे बचने के लिए अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करें, योग का सहारा लें और खानपान पर विशेष ध्यान दें।

मंगल के बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस पूरे गोचर काल के दौरान खुद को सुरक्षित रखने और मानसिक शांति बनाए रखने का एकमात्र मूलमंत्र 'धैर्य' है। किसी भी अप्रिय स्थिति या बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहें और कुछ देर रुककर सोचें। हनुमान जी की आराधना करना और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना इस दौरान मंगल के अशुभ प्रभावों को काफी हद तक शांत कर सकता है।

गोचर काल में इन 5 बातों का रखें विशेष ध्यान-

  1. अत्यधिक गुस्से या आवेश में आकर करियर, बिजनेस या व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला न लें।

  2. रिश्तों में 'मैं' यानी अहंकार की भावना को पूरी तरह त्याग दें और विनम्र बने रहें।

  3. चाहे प्रेम संबंध हो या वैवाहिक जीवन, आपस में संवाद (Communication) कभी टूटने न दें।

  4. अपने मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भरपूर नींद लें और संतुलित आहार अपनाएं।

  5. किसी भी घरेलू या बाहरी विवाद को बढ़ावा देने के बजाय बैठकर उसका शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करें।

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