नेपाल सीमा से काशी तक दौड़ी सीधी ट्रेन: नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस का हुआ भव्य शुभारंभ, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और पूर्वांचल के यात्रियों को मिली ऐतिहासिक सौगात

नेपाल सीमा से काशी तक दौड़ी सीधी ट्रेन: नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस का हुआ भव्य शुभारंभ, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और पूर्वांचल के यात्रियों को मिली ऐतिहासिक सौगात

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े तराई और पूर्वांचल के लाखों नागरिकों के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। दो साल के लंबे इंतजार के बाद नेपाल सीमा पर स्थित नेपालगंज रोड (रुपईडीहा) से बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी सिटी के बीच सीधी रेल सेवा की शुरुआत हो गई है। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा बहराइच से नेपालगंज रोड तक 57 किलोमीटर लंबे मीटर गेज रेलखंड को ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) में बदलने और उसके विद्युतीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस बहुप्रतीक्षित रूट पर यात्री ट्रेनों के पहिए पूरी रफ्तार से घूमने लगे हैं। इस नई रेल कनेक्टिविटी से सीमावर्ती बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ और गाजीपुर समेत पूरे पूर्वांचल के जिलों को आवागमन की एक आधुनिक और सुलभ सुविधा प्राप्त हुई है।

दो साल का इंतजार खत्म: 342 करोड़ के ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट से नेपाल सीमा तक बहाल हुई रेल सेवा

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा-नेपालगंज रोड स्टेशन तक बड़ी रेल लाइन बिछाने की मांग पिछले कई दशकों से की जा रही थी। रेलवे प्रशासन ने करीब 342 करोड़ रुपये की भारी लागत से बहराइच-नेपालगंज रोड के बीच 57 किलोमीटर लंबे ट्रैक, नए रेलवे स्टेशनों, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम, बड़े पुल-पुलियों और ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइनों का निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कराया है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य पूरा कर रेलवे को हैंडओवर किए जाने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और संरक्षा आयुक्त की टीम ने पूरे ट्रैक का सघन परीक्षण किया और इसे तेज गति से ट्रेनों के संचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया।

इस नई रेल लाइन के शुरू होने से नेपाल सीमा से सटे कस्बों और गांवों का देश के मुख्य रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपालगंज रोड-रुपईडीहा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन विशेष ट्रेन (गाड़ी संख्या 05064) को वाराणसी के लिए रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उद्घाटन ट्रेन के अवसर पर नेपालगंज रोड से यात्रा शुरू करने वाले स्थानीय नागरिकों को रेलवे द्वारा विशेष टोकन जारी कर निशुल्क यात्रा की अनूठी सौगात भी प्रदान की गई, जिससे सीमावर्ती जनता में भारी उत्साह देखने को मिला।

नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी का रूट और टाइम टेबल: जानिए कहां-कहां होगा ठहराव

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक समय सारणी के अनुसार यह नई ट्रेन भारत-नेपाल सीमा से चलकर पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक, व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगी। उद्घाटन विशेष ट्रेन नेपालगंज रोड से प्रस्थान कर नानपारा, मटेरा, रिसिया, बहराइच, पयागपुर और गोंडा के रास्ते आगे बढ़ेगी। इसके बाद यह ट्रेन बलरामपुर, तुलसीपुर, बढ़नी, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर और आनंदनगर होते हुए गोरखपुर जंक्शन पहुंचेगी।

गोरखपुर से आगे बढ़ते हुए यह ट्रेन चौरीचौरा, देवरिया सदर, भटनी, सलेमपुर, बेल्थरा रोड, मऊ जंक्शन, दुल्लहपुर, जखनियां, सादात, औंड़िहार और सारनाथ होते हुए अगले दिन सुबह अपने अंतिम गंतव्य वाराणसी सिटी स्टेशन पहुंचेगी। इस रूट पर ट्रेन को आधुनिक 17 से 18 कोचों के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसमें वातानुकूलित (एसी द्वितीय व तृतीय श्रेणी), स्लीपर (शयनयान श्रेणी) और सामान्य अनारक्षित डिब्बे शामिल हैं ताकि हर आय वर्ग के यात्री आराम से सफर कर सकें।

नियमित संचालन के तहत गाड़ी संख्या 15132 वाराणसी सिटी-नेपालगंज रोड एक्सप्रेस प्रतिदिन रात 10:35 बजे वाराणसी सिटी से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 04:00 बजे गोरखपुर होते हुए सुबह 11:45 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी। वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 15131 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस प्रतिदिन शाम 04:30 बजे नेपालगंज रोड से प्रस्थान करेगी और देर रात 12:10 बजे गोरखपुर होते हुए अगली सुबह 05:30 बजे वाराणसी सिटी पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त नेपालगंज रोड-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस (14213/14214) और गोंडा से नेपालगंज के बीच दो नई मेमू पैसेंजर ट्रेनों (75109/75110 व 75111/75112) को भी पटरी पर उतारा गया है।

बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और सिद्धार्थनगर के यात्रियों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा

इस रेल सेवा के आरंभ होने से सबसे बड़ा लाभ बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के सीमावर्ती निवासियों को हुआ है, जो अब तक सीधी लंबी दूरी की ट्रेनों के अभाव में केवल सड़क परिवहन पर निर्भर थे। अब तक बहराइच और नानपारा के लोगों को लखनऊ, गोरखपुर या वाराणसी जाने के लिए कई बार बसें बदलनी पड़ती थीं या निजी टैक्सियों का भारी खर्च उठाना पड़ता था। इस ट्रेन के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय आधा रह जाएगा, बल्कि किराए में भी भारी बचत होगी।

बलरामपुर और तुलसीपुर के यात्रियों के लिए वाराणसी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी एक बड़ा वरदान है। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर तुलसीपुर आने वाले श्रद्धालुओं को अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से आने-जाने में सीधी सुविधा मिलेगी। इसी तरह सिद्धार्थनगर और बढ़नी के सीमावर्ती नागरिकों को गोरखपुर और वाराणसी के प्रमुख चिकित्सा और उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए एक भरोसेमंद रेल माध्यम मिल गया है।

काशी दर्शन, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वरदान साबित होगी यह नई ट्रेन

धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यह रेल मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। नेपालगंज, बहराइच और तराई क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं के लिए भगवान शिव की नगरी काशी (वाराणसी) में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और मां गंगा के दर्शन करना अब बेहद सुगम हो गया है। रात में ट्रेन में बैठकर यात्री सुबह-सुबह वाराणसी पहुंच सकेंगे और दर्शन-पूजन के बाद शाम को पुनः वापसी की ट्रेन पकड़ सकेंगे।

इसके साथ ही यह ट्रेन स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। तराई क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल या गोरखपुर एम्स (AIIMS) जाना पड़ता है। सीधी स्लीपर और एसी कोच वाली ट्रेन उपलब्ध होने से मरीजों और बुजुर्गों को बिना किसी झटके और थकान के अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। पूर्वांचल विश्वविद्यालय, बीएचयू और काशी विद्यापीठ में पढ़ने वाले सीमावर्ती जिलों के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए भी यह ट्रेन लाइफलाइन बनेगी।

भारत-नेपाल सीमा पर 'रोटी-बेटी' और कारोबारी रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और 'रोटी-बेटी' के संबंध रहे हैं। नेपाल के बांके जिले और नेपालगंज शहर के नागरिकों की भारत के रुपईडीहा, बहराइच, गोंडा और लखनऊ में गहरी रिश्तेदारियां हैं। सड़क मार्ग पर जाम और सीमित साधनों की वजह से सीमा पार करने वाले परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नेपालगंज रोड स्टेशन से बड़ी लाइन की ट्रेनें शुरू होने से नेपाल के नागरिक पैदल सीमा पार कर सीधे स्टेशन पहुंच सकते हैं और भारत के किसी भी हिस्से की यात्रा कर सकते हैं।

व्यापारिक दृष्टि से भी रुपईडीहा एक प्रमुख लैंड कस्टम पोर्ट और व्यापारिक हब है। नेपाल को जाने वाले खाद्यान्न, वस्त्र, दवाइयां, निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई के साथ-साथ व्यापारियों का आवागमन अब कई गुना तेज हो जाएगा। वाराणसी के प्रसिद्ध रेशम व साड़ी उद्योग और भदोही के कालीन उद्योग का सीधा संपर्क नेपाल के बाजारों से जुड़ेगा, जिससे दोनों देशों के सीमावर्ती व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

नियमित ट्रेनों का शेड्यूल और टिकट बुकिंग: 1 सितंबर से इन नंबरों से चलेंगी गाड़ियां

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त को उद्घाटन विशेष ट्रेन के सफल संचालन के बाद 1 सितंबर से सभी नियमित एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का टाइम टेबल पूरी तरह लागू हो जाएगा। यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट ऐप अथवा किसी भी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से इन ट्रेनों में रिजर्वेशन करा सकते हैं। सामान्य द्वितीय श्रेणी के टिकट अनारक्षित टिकट प्रणाली (UTS) काउंटर और यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप से भी प्राप्त किए जा सकेंगे।

पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस नए रेलखंड के जुड़ने से गोरखपुर-बहराइच स्पेशल ट्रेनों की पुरानी सीमाओं को समाप्त कर दिया गया है और ट्रेनों का दायरा सीधे भारत-नेपाल सीमा तक बढ़ा दिया गया है। भविष्य में इस रूट पर लंबी दूरी की अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के फेरे बढ़ाने की भी योजना है, जिससे पूरे देवीपाटन मंडल और पूर्वांचल के आर्थिक विकास को नए पंख लगेंगे।

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