मेरठ में कांवड़ यात्रा का भारी दबाव: रुड़की रोड से एक्सप्रेसवे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू, 5 अगस्त की रात से बढ़ेंगी पाबंदियां; जाम से निपटने के लिए आ रही है 'वैरिएबल स्पीड लिमिट' की नई व्यवस्था

मेरठ में कांवड़ यात्रा का भारी दबाव: रुड़की रोड से एक्सप्रेसवे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू, 5 अगस्त की रात से बढ़ेंगी पाबंदियां; जाम से निपटने के लिए आ रही है 'वैरिएबल स्पीड लिमिट' की नई व्यवस्था

सावन के पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में शिवभक्तों यानी कांवड़ियों का सैलाब उमड़ने लगा है। देश के विभिन्न हिस्सों से गंगा जल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। कांवड़ियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए और आम जनजीवन व यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से सख्त ट्रैफिक प्लान को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों और हाईवे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।

रुड़की रोड पर रूट डायवर्जन और एक लेन आरक्षित

कांवड़ियों के बढ़ते जत्थों और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार की रात से ही रुड़की रोड पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के निर्देशानुसार रुड़की रोड पर सिवाया टोल प्लाजा से लेकर टैंक चौराहे तक सड़क की एक पूरी लेन को विशेष रूप से केवल कांवड़ियों के पैदल आवागमन के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसके साथ ही दूसरी लेन से सामान्य वाहनों के आने-जाने की व्यवस्था को नियंत्रित रूप से जारी रखा गया है, ताकि शहर का कुल ट्रैफिक पूरी तरह से ठप न हो और लोग अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सकें। टैंक चौराहे से शहर के भीतर प्रवेश करने वाले रास्तों पर वन-वे की व्यवस्था को कांवड़ियों की भीड़ के सटीक आकलन के बाद बुधवार को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

पांच अगस्त की रात से और सख्त होंगी यातायात पाबंदियां

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे कांवड़ियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी, वैसे-वैसे ट्रैफिक प्रतिबंधों के दायरे को भी बढ़ाया जाएगा। एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शहर के भीतर विभिन्न कांवड़ मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थों की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त की रात 12 बजे से कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा और नियंत्रण को और कड़ा करते हुए अतिरिक्त रास्तों को आरक्षित कर दिया जाएगा। यदि आने वाले दिनों में शिवभक्तों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया जाता है, तो इस पूरी व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर बेगमपुल और मेरठ शहर के अन्य प्रमुख अंदरूनी हिस्सों तक विस्तारित कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पूरे मुख्य मार्ग को एक सुरक्षित कॉरिडोर में भी बदला जा सकता है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी बदला गया ट्रैफिक पैटर्न

केवल स्थानीय मार्ग ही नहीं, बल्कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे अति-व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। एक्सप्रेसवे की एक लेन को पूरी तरह से कांवड़ियों के सुरक्षित सफर के लिए सुरक्षित कर दिया गया है और सामान्य वाहनों के लिए डायवर्जन रूट तय किए गए हैं। एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें ताकि दिल्ली और एनसीआर आने-जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: शहरी एक्सप्रेसवे पर लागू होगी 'वैरिएबल स्पीड लिमिट'

कांवड़ यात्रा के दौरान और आम दिनों में भी एक्सप्रेसवे पर लगने वाले लंबे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंकाओं से स्थायी रूप से निपटने के लिए ट्रैफिक विभाग एक बड़ी तकनीकी पहल करने जा रहा है। अब तक सड़कों और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए एक समान और स्थायी गति सीमा (स्पीड लिमिट) निर्धारित होती थी, जो पूरे दिन और रात एक जैसी ही रहती थी और लंबे समय तक इसमें कोई बदलाव नहीं होता था। लेकिन अब शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे पर यातायात के दबाव को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए 'वैरिएबल स्पीड लिमिट' (परिवर्तनीय गति सीमा) लागू करने की तैयारी की जा रही है।

इस नई व्यवस्था के तहत दिन के अलग-अलग समयान्तरालों पर वाहनों की गति सीमा भिन्न-भिन्न होगी। जिस समय एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव अत्यधिक होता है या पीक आवर्स होते हैं, उस समय गति सीमा को कम कर दिया जाएगा ताकि एक ही प्वाइंट पर वाहनों का भारी दबाव न बने और जाम की समस्या से आसानी से निपटा जा सके। यह आधुनिक जनरेटिव और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम सड़क सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

पुलिस और प्रशासन की आम जनता से विशेष अपील

प्रशासन और यातायात पुलिस विभाग ने मेरठ के स्थानीय नागरिकों तथा बाहरी यात्रियों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के इस पावन और संवेदनशील दौर में पूरी तरह सहयोग करें। यात्रा मार्ग पर निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली एडवाइजरी और रूट डायवर्जन की जानकारी अवश्य देख लें। एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और आम जनता की सहूलियत, दोनों का संतुलन बनाए रखना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। यदि सभी नागरिक नियमों का अनुशासन के साथ पालन करेंगे, तो किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या भारी ट्रैफिक जाम से बचा जा सकेगा और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी।

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