अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक: पाकिस्तान के घर में घुसा तालिबान, ड्रोन और लड़ाकू विमानों से आतंकी ठिकानों को किया तबाह
काबुल/नई दिल्ली ब्यूरो: डूरंड रेखा (Durand Line) के दोनों ओर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुका है। पाकिस्तान द्वारा जून के अंत में अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर किए गए हमलों का करारा जवाब देते हुए अब अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने पलटवार किया है। अफगानिस्तान की वायु सेना (Afghan Air Force) ने पाकिस्तानी सीमा के काफी भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर हवाई और ड्रोन हमले (Drone Strikes) किए हैं। तालिबान प्रशासन का दावा है कि उसने पाकिस्तान के अशांत क्षेत्रों में मौजूद खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) के ठिकानों को सफलतापूर्वक नेस्तनाबूद कर दिया है।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में तालिबान की सर्जिकल स्ट्राइक
अफगानिस्तान की प्रमुख न्यूज एजेंसी टोलो न्यूज (TOLOnews) की रिपोर्ट के मुताबिक, आॅफिशियल इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने इन एयरस्ट्राइक्स की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार:
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यह हवाई कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में स्थित उन आतंकी केंद्रों पर की गई, जिनका इस्तेमाल अफगानिस्तान के भीतर निर्दोष नागरिकों पर आत्मघाती हमले और तोड़फोड़ की साजिश रचने के लिए किया जा रहा था।
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रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यह सैन्य ऑपरेशन बेहद सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर किया गया था, जिसमें ISIS-K के कमांडरों और आतंकियों को भारी जानी और माली नुकसान पहुंचा है, जबकि किसी भी आम नागरिक (Civilian) के हताहत होने की खबर नहीं है। तालिबान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान की सुरक्षा को अस्थिर करने वाले किसी भी विदेशी ठिकाने को भविष्य में भी बख्शा नहीं जाएगा।
कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने बरपाया था कहर, मारे गए थे दर्जनों नागरिक
तालिबान की यह जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए उस खूनी हवाई हमले का प्रतिशोध है, जिसमें आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया था। दोनों देशों के दावों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भारी विसंगति है:
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UNAMA (संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) की रिपोर्ट: पाकिस्तान की पिछली एयरस्ट्राइक में कम से कम 28 बेगुनाह अफगान नागरिक मारे गए थे और 49 गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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तालिबान सरकार का दावा: अफगान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, पाकिस्तानी बमबारी में मरने वालों की संख्या 38 थी और 163 लोग घायल हुए थे, जिनमें सबसे ज्यादा तादाद महिलाओं और मासूम बच्चों की थी।
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पाकिस्तान का स्टैंड: इसके विपरीत, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दावा किया था कि उन्होंने अफगानिस्तान की धरती पर फल-फूल रहे टीटीपी (TTP - तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और आईएसआईएस के 29 खूंखार आतंकियों को मार गिराया है।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया: पाकिस्तान की 'लापरवाह हताशा' को किया बेनकाब
इस पूरे भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटनाक्रम और सीमा पार जारी युद्ध पर भारत सरकार ने भी बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर 'खुला हमला' और पूरे दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए एक 'सीधा खतरा' करार दिया है।
भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपनी गंभीर आंतरिक आर्थिक और राजनीतिक विफलताओं से अपने देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए हताशा में इस तरह के लापरवाह, हिंसक और उकसावे वाले कदम उठा रहा है।