रेलवे की नवरत्न PSU 'RVNL' के प्रॉफिट में 18.5% का उछाल: जानें Q1 नतीजे, ऑर्डर बुक और शेयर का परफॉर्मेंस
भारतीय रेलवे से जुड़ी सरकारी नवरत्न कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड (Rail Vikas Nigam Ltd - RVNL) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने सालाना आधार पर (YoY) अपने शुद्ध लाभ में 18.5% की शानदार बढ़त दर्ज की है।
तगड़े एबिटा (EBITDA) सुधार के बावजूद शेयर बाजार में मंगलवार को इसका शेयर मामूली उतार-चढ़ाव के साथ ₹227.75 से ₹231.75 के दायरे में कारोबार करता नजर आया।
RVNL Q1 FY27 के वित्तीय नतीजों की मुख्य बातें
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शुद्ध लाभ (Net Profit): जून तिमाही में कंपनी का समेकित मुनाफा बढ़कर ₹159.36 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (Q1 FY26) में ₹134.53 करोड़ था। (हालांकि, पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के ₹187.07 करोड़ की तुलना में इसमें 14.8% की गिरावट आई है)।
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रेवेन्यू (Revenue from Operations): ऑपरेशन्स से कुल राजस्व सालाना आधार पर बढ़कर ₹4,321.23 करोड़ हो गया। हालांकि चौमाही (QoQ) आधार पर इसमें 35.5% की कमी आई है।
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एबिटा (EBITDA) और मार्जिन: एबिटा तीन गुने से अधिक बढ़कर ₹185.4 करोड़ हो गया (जो पिछले साल ₹56 करोड़ था)। वहीं, एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 1.43% से सुधरकर 4.3% पर पहुंच गया है।
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कुल खर्च: तिमाही के दौरान कुल खर्च सालाना आधार पर 7% बढ़ा, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 35% घटकर ₹4,244.91 करोड़ रहा।
जुलाई 2026 में मिले बड़े ऑर्डर्स (Order Book)
रेल विकास निगम को लगातार नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं। जुलाई में कंपनी को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से ₹358.97 करोड़ (18% GST सहित) का बड़ा ऑर्डर मिला है।
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प्रोजेक्ट विवरण: समस्तीपुर डिवीजन के सीतामढ़ी-रक्सौल सेक्शन में कुंडावा चैनपुर से रक्सौल तक 41.04 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण (Double Line Project) का काम।
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काम का दायरा: इसमें अर्थवर्क, पुलों (Bridge Construction), स्टेशनों, इमारतों, प्लेटफॉर्म और लेवल क्रॉसिंग के विविध सिविल कार्य शामिल हैं, जिन्हें 25-टन लोडिंग मानक के आधार पर डिजाइन किया जाएगा।
RVNL शेयर का हालिया परफॉर्मेंस
पिछले कुछ महीनों से शेयर में लगातार करेक्शन और कंसोलिडेशन का दौर देखा जा रहा है:
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52-हफ्ते का उच्चतम स्तर (52-Week High): ₹400.90 (29 दिसंबर 2025)
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52-हफ्ते का निचला स्तर (52-Week Low): ₹220.25 (28 जुलाई 2026)
बाजार विशेषज्ञों की राय: मार्च तिमाही की तुलना में मौसमी कारणों (Seasonality) से जून तिमाही में रेवेन्यू धीमा रहता है, लेकिन सालाना आधार पर एबिटा मार्जिन 1.43% से बढ़कर 4.3% होना कंपनी की परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को दर्शाता है। मजबूत ऑर्डर बुक के चलते लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।