टाटा स्टील के विदेशी कारोबार में बड़ा यू-टर्न: शेयर छुएगा ₹250 का स्तर? चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शेयरहोल्डर्स को दी बड़ी खुशखबरी

टाटा स्टील के विदेशी कारोबार में बड़ा यू-टर्न: शेयर छुएगा ₹250 का स्तर? चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शेयरहोल्डर्स को दी बड़ी खुशखबरी

टाटा ग्रुप (Tata Group) की दिग्गज स्टील निर्माता कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) के निवेशकों के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर आ रही है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने टाटा स्टील के विदेशी ऑपरेशन्स, खासकर नीदरलैंड और ब्रिटेन (UK) के कारोबार को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। इस रणनीतिक अपडेट के बाद शेयर बाजार (Stock Market) के एक्सपर्ट्स और दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस टाटा स्टील के शेयर को लेकर काफी बुलिश नजर आ रहे हैं और उन्होंने इसके लिए ₹250 तक का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है।

नीदरलैंड बिजनेस से ₹4,500 करोड़ से ज्यादा मुनाफे की उम्मीद

टाटा स्टील की 119वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के प्रदर्शन पर चिंता जताई थी। इस पर जवाब देते हुए चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि चालू वित्त वर्ष (FY27) में कंपनी के नीदरलैंड कारोबार से 400-500 मिलियन यूरो (करीब ₹4,500 करोड़ से अधिक) का एबिटा (EBITDA) मिलने की उम्मीद है।

इतना ही नहीं, कंपनी का लॉन्ग-टर्म प्लान इसे बढ़ाकर €800 मिलियन से €1 बिलियन तक ले जाने का है। गौरतलब है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) में डच ऑपरेशन्स ने €267 मिलियन का एबिटा दर्ज किया था, जिसमें अब तेजी से सुधार हो रहा है।

2007 की कोरस डील के बाद से नीदरलैंड प्लांट खुद से है फंडेड

चेयरमैन ने यूरोप में हो रहे नुकसान को स्वीकार करते हुए कहा कि अभी काफी काम करना बाकी है, लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि साल 2007 में जब टाटा स्टील ने कोरस ग्रुप (Corus Group) का अधिग्रहण किया था, तब से लेकर आज तक नीदरलैंड ऑपरेशन्स पूरी तरह से 'सेल्फ-फंडेड' (खुद के पैसे से चलने वाले) रहे हैं। टाटा स्टील ने भारत से नीदरलैंड्स को कोई अतिरिक्त फंड नहीं भेजा है, बल्कि वहां के ऑपरेशन्स ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पेरेंट कंपनी को लगभग €1 बिलियन का डिविडेंड भी कमा कर दिया है।

ब्रिटेन (UK) के पोर्ट टैलबोट प्लांट में लगेगा नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस

ब्रिटेन के कारोबार पर अपडेट देते हुए चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी साउथ वेल्स स्थित पोर्ट टैलबोट प्लांट में पारंपरिक और प्रदूषण फैलाने वाले ब्लास्ट फर्नेस को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। करीब 1.25 अरब पाउंड की इस विशाल ग्रीन स्टील परियोजना को ब्रिटेन सरकार से भी 500 मिलियन पाउंड की वित्तीय मदद का मजबूत समर्थन मिला है।

शेयर परफॉर्मेंस और ब्रोकरेज फर्म्स के बड़े टारगेट प्राइस

गुरुवार के कारोबारी सत्र में टाटा स्टील का शेयर 1.08% की बढ़त के साथ ₹187.15 पर बंद हुआ। इस स्टॉक का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर (High) मई 2026 में ₹224.40 रहा है, जबकि अगस्त 2025 में इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर (Low) ₹152.55 था।

विदेशी कारोबार में सुधार की उम्मीदों को देखते हुए देश के शीर्ष ब्रोकरेज हाउसेस ने इस शेयर पर अपनी नई रेटिंग और टारगेट प्राइस जारी किए हैं:

ब्रोकरेज फर्म (Brokerage House) रेटिंग (Rating) टारगेट प्राइस (Target Price)
मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) बाय (Buy) ₹250
यस सिक्योरिटीज (Yes Securities) ऐड (Add) ₹240
एक्सिस सिक्योरिटीज (Axis Securities) होल्ड (Hold) ₹235

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यूरोपियन मार्केट में स्टील की मांग में और सुधार होता है, तो टाटा स्टील का यह शेयर बहुत जल्द अपने पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ते हुए ₹250 के नए स्तर को छू सकता है।

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