जन्माष्टमी पर सोना हुआ सस्ता: यूपी-बिहार के सर्राफा बाजारों में अचानक लुढ़के 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड के दाम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जहां देश भर के मंदिरों और घरों में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं आभूषण प्रेमियों और निवेशकों के लिए सर्राफा बाजार से एक राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के आभूषण बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर किसी भी बड़े हिंदू त्योहार के मौके पर आभूषणों की भारी मांग के कारण धातुओं के दाम आसमान छूते हैं, लेकिन जन्माष्टमी के दिन बाजार का रुख इसके ठीक उलट दिखाई दिया।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर से लेकर पटना, गया और मुजफ्फरपुर के बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट शुद्धता वाले सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। अचानक आई इस नरमी से उन परिवारों के चेहरों पर चमक आ गई है जो कान्हा के लिए सोने के मुकुट, बांसुरी, पालने या आगामी वैवाहिक सीजन के लिए गहनों की खरीदारी करने की योजना बना रहे थे। आइए जानते हैं कि आज यूपी-बिहार के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के क्या भाव चल रहे हैं और त्योहार के दिन दाम गिरने के पीछे कौन से बड़े आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं।
आज के ताजा भाव: यूपी और बिहार के प्रमुख शहरों में 24K और 22K सोने की दरें
स्थानीय सर्राफा संघों द्वारा जारी दरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार में सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 250 रुपये से लेकर 450 रुपये तक की नरमी देखी गई है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की स्थिति:
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव लगभग 73,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना 67,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।
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कानपुर: औद्योगिक नगरी कानपुर में 24 कैरेट सोना 73,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 67,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
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वाराणसी और प्रयागराज: पूर्वांचल के इन प्रमुख केंद्रों में 24 कैरेट सोने का भाव 73,900 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव 67,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
बिहार के प्रमुख शहरों की स्थिति:
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पटना: बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट शुद्ध सोने की दर 73,950 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है, जबकि 22 कैरेट आभूषण सोने का भाव 67,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर टिका है।
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गया और भागलपुर: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोना 73,900 रुपये और 22 कैरेट सोना 67,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
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चांदी का भाव: दोनों राज्यों में चांदी की कीमतों में भी मामूली सुस्ती देखी गई है, जहां रिफाइनरी और बाजार में चांदी का भाव 85,200 रुपये से लेकर 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रहा है।
(नोट: सर्राफा बाजार के इन भावों में 3 प्रतिशत जीएसटी (GST), टीसीएस और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं; ज्वेलरी शोरूम में अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज और टैक्स अलग से जुड़ते हैं।)
जन्माष्टमी के दिन क्यों गिरे सोने के दाम? जानिए इसके पीछे के 4 बड़े कारण
त्योहार के दिन जब खुदरा मांग मजबूत होती है, तब सोने के दामों में आई इस गिरावट ने कई आम उपभोक्ताओं को हैरान कर दिया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतें केवल स्थानीय मांग से तय नहीं होतीं, बल्कि इनका सीधा संबंध वैश्विक आर्थिक गतिविधियों से होता है। इस गिरावट के पीछे निम्नलिखित चार प्रमुख कारण सामने आए हैं:
1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार (COMEX) में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में अचानक आई मजबूती ने सोने पर भारी दबाव बना दिया है। वैश्विक स्तर पर सोने का कारोबार डॉलर में होता है; इसलिए जब भी डॉलर सूचकांक मजबूत होता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग सुस्त पड़ती है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (बॉन्ड प्रतिफल) में आई तेजी के कारण बड़े संस्थागत निवेशकों ने सोने जैसे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स में लगाना शुरू कर दिया, जिसका असर घरेलू बाजारों तक पहुंचा।
2. यूएस फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक निवेशक अत्यधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं। बाजार में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखते हुए ब्याज दरों में उम्मीद से कम कटौती हो सकती है। उच्च ब्याज दरों का माहौल सोने की चमक को फीका करता है। इसी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना (Spot Gold) 2,500 डॉलर प्रति औंस के अपने उच्च स्तर से फिसलकर नीचे आ गया, जिसने भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर भी बिकवाली का दबाव बना दिया।
3. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर तेज मुनाफावसूली
त्योहारी सीजन से पहले सोने ने घरेलू बाजार में ऑल-टाइम हाई के करीब कारोबार किया था। बड़े सटोरियों, फंड हाउसों और बुलियन ट्रेडर्स ने त्योहार की सुबह ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा सुरक्षित करने (Profit Booking) के लिए बिकवाली शुरू कर दी। कमोडिटी एक्सचेंज पर अनुबंधों के बंद होने और बिकवाली के चलते थोक बाजार में सोने के दाम तुरंत गिर गए, जिसका सीधा प्रभाव यूपी और बिहार के खुदरा सर्राफा बाजार पर कुछ ही घंटों में दिखने लगा।
4. स्थानीय स्तर पर स्क्रैप सप्लाई और आयात शुल्क का अनुकूल असर
स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में ऊंचे दामों को देखते हुए कई पुराने उपभोक्ता अपने पुराने गहनों को बदलकर नए गहने बनवाने (Scrap Gold Supply) के लिए बाजार में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर सीमा शुल्क (Import Duty) में की गई पूर्ववर्ती कटौती के कारण बाजार में सोने की लिक्विडिटी और आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है। पर्याप्त स्टॉक होने और पुराने सोने की आवक बढ़ने से खुदरा स्तर पर किसी तरह की कृत्रिम जमाखोरी नहीं हो सकी, जिससे दामों में नरमी का रुख बना रहा।
यूपी और बिहार के बाजारों का हाल: लड्डू गोपाल के आभूषणों की खरीदारी में तेजी
दामों में आई इस नरमी ने जन्माष्टमी के दिन बाजारों की रौनक को दोगुना कर दिया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ठठेरी बाजार, लखनऊ के चौक और अमीनाबाद, तथा पटना के बाकरगंज और बोरिंग रोड स्थित ज्वेलरी दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की खासी भीड़ देखी गई।
विशेष रूप से लड्डू गोपाल के लिए चांदी के झूले, सोने की छोटी बांसुरी, मुकुट, कुंडल और चरण पादुकाओं की मांग में 20 से 30 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। छोटे आभूषणों का वजन 1 ग्राम से लेकर 5 ग्राम के बीच होता है, और प्रति 10 ग्राम 300 से 400 रुपये की बचत भी मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बजट में राहत का काम कर रही है। ज्वेलर्स का कहना है कि शाम के वक्त जब मंदिरों के पट खुलेंगे, तब तक बाजार में खुदरा बिक्री का आंकड़ा और ज्यादा बढ़ सकता है।
क्या सोना खरीदने का यह सही मौका है? विशेषज्ञों की राय और जरूरी सावधानियां
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट तात्कालिक और तकनीकी है। भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और आने वाले महीनों में धनतेरस-दिवाली की भारी मांग को देखते हुए लंबी अवधि में सोने का रुझान सकारात्मक (Bullish) बना रहेगा। ऐसे में जो लोग शादी-ब्याह के लिए आभूषण बनवाना चाहते हैं या डिजिटल गोल्ड/गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) का अवसर साबित हो सकती है।
हालांकि, त्योहार की भीड़भाड़ के दौरान सोने के आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ अनिवार्य बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
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हमेशा बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark) और 6 अंकों वाले विशिष्ट HUID (Hallmark Unique Identification) कोड वाले आभूषण ही खरीदें।
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पक्के बिल में सोने का शुद्ध वजन, कैरेट (24K, 22K या 18K), उस दिन का प्रति ग्राम रेट और मेकिंग चार्ज का विवरण अलग से दर्ज करवाएं।
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यदि आप सिर्फ निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो गहनों के बजाय सोने के सिक्के या बार को प्राथमिकता दें, क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज का नुकसान न्यूनतम होता है।
जन्माष्टमी के दिन यूपी-बिहार के बाजारों में आई यह नरमी खरीदारों के लिए त्योहार की खुशियों में एक मीठा बोनस साबित हो रही है।