Gold Silver Price Crash: सोना-चांदी धड़ाम! 4,000 रुपये से ज्यादा गिरे दाम, खरीदने का सबसे सही मौका?
नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सर्राफा बाजार से लेकर ग्लोबल मार्केट तक इस समय हलचल मची हुई है। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर है। घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में 1% से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों के मुताबिक, कीमतों में आई यह कमी पिछले कई महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बाजार में अचानक ऐसा क्या हुआ और अब 10 ग्राम सोने व 1 किलोग्राम चांदी के ताजा भाव क्या हैं।
MCX पर सोना-चांदी औंधे मुंह गिरे, निवेशक हैरान
घरेलू बाजार में आज कारोबार की शुरुआत होते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। एमसीएक्स (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,42,402 रुपये से सीधे 1,516 रुपये (1%) टूटकर 1,40,886 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ। देखते ही देखते बाजार में गिरावट और बढ़ गई और यह 1.37% यानी 1,952 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ दिन के सबसे निचले स्तर 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, निचले स्तरों पर मामूली रिकवरी जरूर देखी गई।
दूसरी ओर, चांदी की चमक भी आज फीकी रही। सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 2,22,634 रुपये से 2,387 रुपये यानी 1% की गिरावट के साथ 2,20,247 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। यही चांदी का आज का सबसे निचला स्तर भी रहा, जिसके बाद इसमें बेहद हल्की रिकवरी दर्ज की गई।
ग्लोबल मार्केट में भी मंदी, 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट का डर
ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं पर चौतरफा दबाव साफ नजर आ रहा है। स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) करीब 1.5% की गिरावट के साथ 3,956.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। आंकड़ों को देखें तो अकेले जून महीने में ही सोने की कीमतों में करीब 12.7% की बड़ी कटौती हो चुकी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का दावा है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो सोना अक्टूबर 2008 के बाद की अपनी सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज कर सकता है।
सोने के साथ-साथ स्पॉट सिल्वर (चांदी) भी 2% गिरकर 57.13 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। इसके अलावा प्लेटिनम में 1.1% और पैलेडियम में 0.4% की कमजोरी देखी गई है, जिससे यह पूरी तिमाही इन धातुओं के लिए बेहद सुस्त साबित हो रही है।
क्यों अचानक सस्ते हुए सोना और चांदी? समझें 3 बड़े कारण
बाजार विश्लेषकों (Market Experts) के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं:
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अमेरिकी फेड की सख्त नीतियां: पश्चिम एशिया (Mid-East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण एनर्जी और कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित हुई हैं, जिससे ग्लोबल स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बाजार को पूरी आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) महंगाई को काबू में करने के लिए आगे भी ब्याज दरें बढ़ा सकता है। ऊंची ब्याज दरों से डॉलर मजबूत होता है और सोने जैसी बिना ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों की मांग घट जाती है।
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मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के चलते निवेशकों का रुझान सोने से हटकर डॉलर की तरफ बढ़ा है।
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कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव: इस बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा 1.03% गिरकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल और सितंबर डिलीवरी वाला कॉन्ट्रैक्ट 73.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे कमोडिटी मार्केट का सेंटिमेंट बदला है।
आगे क्या होंगे सोने-चांदी के रेट? इन आंकड़ों पर रखें नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रह सकता है। अब निवेशकों की सीधी नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, संघर्ष विराम की संभावनाओं और इसी हफ्ते आने वाले कुछ बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार (Non-Farm Payroll) के आंकड़े, बेरोजगारी दर, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस पीएमआई (PMI) के आंकड़े और यूरोजोन की महंगाई दर से जुड़े डेटा सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। अगर ये आंकड़े मजबूत आते हैं, तो सोने की कीमतों में गिरावट का यह दौर आगे भी बढ़ सकता है। स्थानीय खरीदारों के लिए यह समय भाव पर नजर रखने और सही स्तर पर खरीदारी करने का एक अच्छा मौका साबित हो सकता है।