यूपीटीईटी परीक्षा के लिए सीएम योगी के कड़े निर्देश, शुचिता से समझौता नहीं; सेवारत शिक्षकों के लिए हुआ बड़ा ऐतिहासिक फैसला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा की। सीएम योगी ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा का सफल संचालन केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है। प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सेवारत शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला, अब आयोजित होगी अलग से टीईटी परीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यरत शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए सेवारत शिक्षकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मौके मिलने चाहिए।
इसी उद्देश्य से सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए हैं कि कार्यरत (सेवारत) शिक्षकों के लिए एक पृथक (अलग) शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाए। इस फैसले से सेवारत शिक्षकों को पात्रता साबित करने के अधिक अवसर मिलेंगे और केवल अवसरों की कमी के कारण किसी भी शिक्षक को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
2 से 4 जुलाई तक 5 पालियों में होगी परीक्षा, नोट कर लें पूरा शेड्यूल
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जनपदों में स्थापित कुल 955 परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा। यह परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक कुल पांच पालियों में संपन्न होगी:
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02 जुलाई 2026: दोनों पालियों (प्रथम और द्वितीय) में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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03 जुलाई 2026: प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक स्तर और द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी।
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04 जुलाई 2026: प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।
UPTET 2026 में बैठेंगे रिकॉर्ड 19.94 लाख अभ्यर्थी, अन्य राज्यों से भी भारी भीड़
इस बार यूपीटीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों का एक विशाल आंकड़ा शामिल होने जा रहा है। परीक्षा से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण सांख्यिकीय आंकड़े इस प्रकार हैं:
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कुल अभ्यर्थी: परीक्षा में कुल 19,94,661 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
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यूपी बनाम अन्य राज्य: कुल अभ्यर्थियों में से 17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से परीक्षा देने यूपी आ रहे हैं।
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नए छात्र बनाम शिक्षक: इस महापरीक्षा में 1,85,791 सेवारत शिक्षक और 18,08,870 नए अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
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स्तर के अनुसार आवेदन: प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436 और दोनों स्तरों (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक) के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ में सबसे ज्यादा भीड़, विशेष इंतजाम के आदेश
बैठक में जानकारी दी गई कि सर्वाधिक परीक्षा केन्द्रों और अभ्यर्थियों वाले जिलों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा और जौनपुर शीर्ष पर हैं।
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वाराणसी: यहाँ सबसे ज्यादा 68 परीक्षा केन्द्रों पर 1,27,239 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
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प्रयागराज: यहाँ 53 परीक्षा केन्द्रों पर 76,634 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
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लखनऊ: राजधानी में 43 परीक्षा केन्द्रों पर 76,720 परीक्षार्थी बैठेंगे।
बाहरी जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए सीएम योगी ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख यातायात केंद्रों पर पर्याप्त सहायता काउंटर (Help Desks) बनाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन निगम (UPSRTC) और रेलवे के साथ समन्वय बनाकर अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाई जाएंगी। साथ ही सीएम ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अभ्यर्थियों के आवागमन के दौरान स्थानीय बाजारों में खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं।
शुचिता सर्वोपरि: अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को अचूक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि परीक्षा ड्यूटी में केवल साफ-सुथरी और स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की ही तैनाती की जाए। गोपनीय परीक्षा सामग्री (Question Papers & OMR Sheets) के भंडारण, परिवहन और उसे वापस आयोग तक भेजने की पूरी प्रक्रिया उच्चतम सुरक्षा मानकों के तहत संपन्न होगी।
इसके साथ ही, सीएम योगी ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर परीक्षा को लेकर अफवाह, भ्रामक खबरें या गलत सूचनाएं प्रसारित करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और पकड़े जाने पर त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों (DMs) को परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का मॉक ड्रिल या पूर्वाभ्यास करने को कहा गया है ताकि परीक्षा त्रुटिरहित संपन्न हो सके।