8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! HRA, DA और TPTA में ऐतिहासिक बदलाव से 65% तक बढ़ सकती है सैलरी

8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! HRA, DA और TPTA में ऐतिहासिक बदलाव से 65% तक बढ़ सकती है सैलरी

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार कर्मचारी संगठनों की तरफ से सिर्फ फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) बढ़ाने की ही मांग नहीं हो रही है, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA), महंगाई भत्ता (DA) और फैमिली यूनिट के कैलकुलेशन में भी ऐतिहासिक बदलाव करने का बड़ा दबाव बनाया जा रहा है।

कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में मौजूदा भत्तों के सहारे बढ़ती महंगाई में गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। अगर सरकार इन मांगों को हरी झंडी दे देती है, तो लेवल-1 (शुरुआती स्तर) के कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में 65% तक का बंपर उछाल देखने को मिल सकता है।

फैमिली यूनिट 3.0 से बढ़कर 5.0 करने का प्रस्ताव, बदलेगा फिटमेंट फैक्टर

7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए फैमिली यूनिट का आकार 3.0 माना गया था (कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे)। लेकिन ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) समेत कई बड़े संगठनों ने इस बार इसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल करने की मांग की है, जिससे फैमिली यूनिट बढ़कर 4.4 से 5.0 हो जाएगी।

फैमिली यूनिट में करीब 46.66% की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर फिटमेंट फैक्टर को प्रभावित करेगी। कर्मचारियों का गणित है कि इससे पुराने 1.58 के फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर लगभग 2.05 किया जा सकता है, जिसे सरकार 2.10 तक राउंड ऑफ कर सकती है। इसका सीधा फायदा बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के रूप में मिलेगा।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37,080 से बढ़कर हो जाएगी ₹61,344!

आइए समझते हैं कि यदि कर्मचारी संगठनों (AINPSEF) की सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो दिल्ली जैसे 'X' श्रेणी के शहरों में तैनात लेवल-1 के कर्मचारी की मासिक ग्रॉस सैलरी में कितना अंतर आएगा:

वेतन और भत्ते (Parameters) वर्तमान व्यवस्था (7th Pay Commission) संभावित व्यवस्था (8th Pay Commission)
मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 ₹37,800 (2.1 फिटमेंट फैक्टर पर)
महंगाई भत्ता (DA) ₹10,800 (अनुमानित 58% पर) ₹756 (शुरुआती 2% पर)
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) ₹5,400 (30% की दर से) ₹13,608 (36% की दर से)
ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) ₹2,880 ₹9,180 (न्यूनतम ₹9,000 की मांग)
कुल ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) लगभग ₹37,080 लगभग ₹61,344

इस संभावित कैलकुलेशन के हिसाब से कर्मचारियों की इन हैंड और ग्रॉस सैलरी में सीधे 65% तक का इजाफा देखा जा सकता है।

प्रमुख कर्मचारी संगठनों (AINPSEF, NC-JCM, AIDEF, FNPO, IRTSA) की HRA और TPTA पर मांगें

विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार को जो मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा है, उसमें भत्तों को लेकर निम्नलिखित मुख्य बातें कही गई हैं:

  • HRA में भारी बढ़ोतरी: AINPSEF ने X शहरों के लिए 36%, Y के लिए 24% और Z के लिए 12% HRA मांगा है। वहीं, NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे संगठनों ने इसे बढ़ाकर क्रमशः 40%, 35% और 30% करने की वकालत की है। सभी संगठन चाहते हैं कि पेंशनरों को भी HRA का लाभ मिले।

  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA/TA) तीन गुना करने की मांग: यूनियनों की मांग है कि मौजूदा यात्रा भत्ते को सीधे 3 गुना बढ़ाया जाए और इसे महंगाई भत्ते से लिंक किया जाए। साथ ही पूर्व में बंद किए गए सिटी कॉम्पेन्सेटरी अलाउंस (CCA) को दोबारा बहाल करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है।

DA मर्ज करने और न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने पर अड़े संगठन

महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सभी प्रमुख संगठनों (NC-JCM, AIDEF, FNPO) का एक सुर में कहना है कि जैसे ही DA का आंकड़ा 25% को छुए, उसे तुरंत मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज (मिला दिया) कर दिया जाना चाहिए।

न्यूनतम वेतन की बात करें तो 5 फैमिली यूनिट के नए फॉर्मूले के आधार पर अधिकांश बड़े संगठनों ने देश में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹69,000 तय करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 4.6 से 4.8 फैमिली यूनिट के आधार पर न्यूनतम वेतन ₹52,600 करने का सुझाव दिया है।

विशेष नोट: यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह पूरा कैलकुलेशन और आंकड़े फिलहाल विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार को भेजी गई सिफारिशों और उनके अनुमानों पर आधारित हैं। केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक बोर्ड ने अभी तक इन मांगों को स्वीकार करने पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

Latest Posts