Tata Power मेगा प्लान: 2030 तक 1 लाख करोड़ की कमाई का लक्ष्य, एक्सपर्ट्स बोले- रॉकेट बनने को तैयार है यह शेयर
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा पावर (Tata Power) से एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। कंपनी ने अपने बिजनेस को लेकर अगले 4 सालों का एक ऐसा आक्रामक रोडमैप तैयार किया है, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टाटा पावर ने 2030 तक 10,000 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट और 1 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 63,681 करोड़ रुपये और मुनाफा 5,212 करोड़ रुपये रहा था। इस बड़े विजन को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स कंपनी के शेयरों को लेकर काफी बुलिश (Bullish) नजर आ रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय: कहां तक जाएगा टाटा पावर का शेयर?
वर्तमान में टाटा पावर का शेयर करीब 377 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। हाल ही में मार्केट एनालिस्ट प्रदीप हल्दर ने एक बिजनेस न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में इस शेयर में खरीदारी की बड़ी सलाह दी है। हल्दर के मुताबिक, टाटा पावर के शेयर में जल्द ही ₹440 और इसके बाद ₹480 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं।
उनका मानना है कि जब भी पावर सेक्टर के शेयरों में रैली आएगी, तो टाटा पावर उसका नेतृत्व करेगा। एक्सपर्ट को इस शेयर में मौजूदा स्तर से 25 से 30 फीसदी तक की जबरदस्त उछाल की उम्मीद है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के लिए उन्होंने ट्रेडर्स को ₹352 के लेवल पर स्टॉप-लॉस बनाए रखने की भी सलाह दी है। बता दें कि इस शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹464.80 और न्यूनतम स्तर ₹342.35 रहा है।
2030 का मास्टर प्लान: हर सेक्टर में दबदबा बनाने की तैयारी
हाल ही में हुई टाटा पावर की सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भविष्य की बड़ी योजनाओं से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कंपनी बिजली उत्पादन, डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, रूफटॉप सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में तेजी से विस्तार कर रही है। टाटा पावर अब हाउसिंग और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को क्लीन व ग्रीन एनर्जी मुहैया कराने के लिए 'एनर्जी ऐज ए सर्विस' (Energy as a Service) मॉडल पर तेजी से काम कर रही है।
ओडिशा में मेगा प्रोजेक्ट और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा पावर ओडिशा में 10 गीगावाट (GW) की क्षमता वाले नए सोलर उपकरण मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रही है। अगले कुछ महीनों में इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। वर्तमान में कंपनी की सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तमिलनाडु और बेंगलुरु प्लांट को मिलाकर करीब 4.9 गीगावाट है।
अगर कुल पावर जनरेशन की बात करें तो निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स को मिलाकर कंपनी की क्षमता 26 गीगावाट के पार पहुंच चुकी है, जिसमें 66% हिस्सेदारी सिर्फ क्लीन और ग्रीन एनर्जी की है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल क्षमता को 30 गीगावाट तक पहुंचाना है, जिसमें से 20 गीगावाट सिर्फ रिन्यूएबल एनर्जी से आएगा। टाटा का यह मजबूत विजन बता रहा है कि आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसका दबदबा और भी बढ़ने वाला है।