Monsoon Stomach Infection: बारिश में रहना है सेहतमंद, तो आज ही बदल लें ये 4 आदतें; डॉक्टरों ने बताए पेट के संक्रमण से बचने के आसान उपाय

Monsoon Stomach Infection: बारिश में रहना है सेहतमंद, तो आज ही बदल लें ये 4 आदतें; डॉक्टरों ने बताए पेट के संक्रमण से बचने के आसान उपाय

चिलचिलाती गर्मी के बाद मानसून की बारिश भले ही सुहावनी लगती हो, लेकिन यह मौसम अपने साथ बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की बाढ़ भी लेकर आता है। हवा में अत्यधिक नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इस मौसम में पेट के संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, मानसून के दौरान उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग, गैस्ट्रोएन्टराइटिस, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए जैसी गंभीर बीमारियों के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। इन बीमारियों की मुख्य वजह दूषित पानी, बासी भोजन और साफ-सफाई में लापरवाही है। कुछ साधारण आदतों को बदलकर इन समस्याओं से पूरी तरह बचा जा सकता है।

सबसे बड़ी वजह: सीवर का मिक्स पानी और दूषित सोर्स

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मानसून में पेट की 90 फीसदी बीमारियां दूषित पानी के कारण होती हैं। भारी बारिश के चलते अक्सर सीवर का गंदा पानी पीने के पानी के मुख्य पाइपलाइन या स्रोतों में मिल जाता है। ऐसे में जो पानी देखने में बिल्कुल साफ लगता है, वह भी हानिकारक बैक्टीरिया से भरा हो सकता है।

  • डॉक्टरों की सलाह: इस मौसम में हमेशा पानी को अच्छी तरह उबालकर, फिल्टर करके या प्रमाणित पैक्ड बोतल का ही पानी पिएं। यदि पानी की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो अच्छे वाटर प्यूरीफायर या क्लोरीन टैबलेट का उपयोग करें। बाहर का खुला पानी, बर्फ या सड़क किनारे मिलने वाले लोकल ड्रिंक्स पीने से पूरी तरह बचें।

बाहर के खुले खाने और कटे हुए फलों को कहें 'नो'

बारिश के दिनों में उमस और नमी के कारण खुले में रखे भोजन पर बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले चाट-पकौड़े, खुले खाद्य पदार्थ और काफी देर पहले से काटकर रखे गए फल इन्फेक्शन का सबसे बड़ा घर होते हैं।

  • डॉक्टरों की सलाह: मानसून में केवल घर का बना ताजा और गर्म भोजन ही सबसे सुरक्षित है। फ्रिज में रखे बासी भोजन को भी अच्छी तरह गर्म करके ही खाएं। कच्चे स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) खाने से बचें, क्योंकि इनमें नमी के कारण बैक्टीरिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

सब्जियों को सिर्फ पानी से धोना काफी नहीं, अपनाएं यह तरीका

अक्सर लोग बाजार से लाई गई हरी सब्जियों और फलों को सिर्फ सादे पानी से धोकर इस्तेमाल कर लेते हैं, जो मानसून में खतरनाक हो सकता है। इन पर चिपकी मिट्टी में जानलेवा सूक्ष्मजीव हो सकते हैं।

  • डॉक्टरों की सलाह: फल और सब्जियों को नल के बहते पानी में रगड़कर साफ करें। बेहतर सुरक्षा के लिए इन्हें कुछ मिनटों के लिए सिरके (विनेगर) या नमक वाले पानी में भिगोकर रखें और फिर साफ पानी से धोएं। इस मौसम में पत्तागोभी और हरी पत्तेदार सब्जियों को बनाते समय विशेष सावधानी बरतें।

हाथ धोने की यह मामूली आदत बचाएगी डॉक्टरों के खर्च से

संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा माध्यम हमारे हाथ होते हैं। अनजाने में गंदी सतहों को छूने के बाद जब हम उन्हीं हाथों से बिना धोए कुछ खाते हैं, तो बैक्टीरिया सीधे पेट में पहुंच जाते हैं।

  • डॉक्टरों की सलाह: खाना खाने या बनाने से पहले, टॉयलेट का उपयोग करने के बाद और बाहर से घर लौटने पर अपने हाथों को साबुन या हैंडवॉश से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।

संक्रमण होने पर क्या करें और कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर अनजाने में आप पेट के संक्रमण का शिकार हो गए हैं और उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हो गई है, तो शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) न होने दें। पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी या छाछ लेते रहें। भोजन बिल्कुल हल्का और सुपाच्य (जैसे खिचड़ी या दलिया) रखें। लेकिन ध्यान रहे, यदि आपको तेज बुखार हो, उल्टी या दस्त में खून आ रहा हो, या 2-3 दिनों तक घरेलू उपायों से आराम न मिले, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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