Q1 नतीजों के बाद रॉकेट बना नई लिस्टेड LG इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर, 10% के करीब उछलकर ₹1732 के पार पहुंचा भाव; ब्रोकरेज फर्म CLSA ने दिया ₹1885 का नया टारगेट प्राइस

Q1 नतीजों के बाद रॉकेट बना नई लिस्टेड LG इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर, 10% के करीब उछलकर ₹1732 के पार पहुंचा भाव; ब्रोकरेज फर्म CLSA ने दिया ₹1885 का नया टारगेट प्राइस

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान हाल ही में दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने वाली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड (LG Electronics India Ltd) के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के शानदार और मजबूत वित्तीय नतीजों के दम पर कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर करीब 10 प्रतिशत तक उछल गया। कारोबार के दौरान भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। इस तेज उछाल के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउसेज ने कंपनी के भविष्य के कारोबार और मुनाफे पर भरोसा जताते हुए 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दी है और अपने टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रीमियम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग, विनिर्माण क्षमता में विस्तार और मजबूत बैलेंस शीट के चलते आने वाले दिनों में यह स्टॉक निवेशकों को और भी बेहतरीन रिटर्न दे सकता है।

पहली तिमाही (Q1) के दमदार नतीजों से शेयरों में आई जोरदार तेजी

शेयर बाजार में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी का सबसे बड़ा कारण कंपनी द्वारा घोषित किए गए पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम रहे। कंपनी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद अप्रैल-जून तिमाही (Q1) के नतीजों का आधिकारिक ऐलान किया था।

शुक्रवार सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो निवेशकों ने नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए सुबह से ही आक्रामक खरीदारी शुरू कर दी। शुक्रवार को बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर पिछले बंद भाव की तुलना में मजबूती के साथ 1,610.60 रुपये के स्तर पर खुला। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर खरीदारी के भारी दबाव से स्टॉक 9.72 प्रतिशत (करीब 10%) की शानदार बढ़त दर्ज करते हुए 1,732 रुपये के इंट्रा-डे हाई स्तर पर जा पहुंचा। ट्रेडिंग सत्र के दौरान कंपनी का शेयर अपने 52-वीक हाई (1,735.40 रुपये) के बेहद करीब पहुंच गया था। कंपनी का 52-सप्ताह का निचला स्तर (52-Week Low) 1,300.40 रुपये है।

ब्रोकरेज फर्म्स और एक्सपर्ट्स का बुलिश आउटलुक: ₹1885 तक का नया टारगेट

पहली तिमाही के वित्तीय आंकड़ों के विश्लेषण के बाद प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए (CLSA) ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर पर अपनी 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) रेटिंग को बरकरार रखा है। सीएलएसए ने स्टॉक के लिए 1,885 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। यह टारगेट प्राइस गुरुवार के क्लोजिंग स्तर की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक की संभावित बढ़त को दर्शाता है।

इसके अलावा, अन्य प्रमुख तकनीकी और मौलिक विश्लेषकों ने भी इस शेयर पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शेयर 1,735 रुपये के अपने पिछले रेजिस्टेंस स्तर को पार करके टिक जाता है, तो यह बहुत कम समय में 1,815 रुपये और उसके बाद 1,885 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकता है। ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि भारत में शहरीकरण, प्रीमियम होम अप्लायंसेज (जैसे बड़े रेफ्रिजरेटर, इन्वर्टर एसी, ओएलईडी टीवी और फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन) की बढ़ती खपत कंपनी की बिक्री को लंबे समय तक समर्थन देती रहेगी।

आय और खर्च का वित्तीय लेखा-जोखा: 15.5% उछली ऑपरेटिंग इनकम

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड (LGEI) द्वारा शेयर बाजारों को दी गई नियामकीय सूचना के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की कुल परिचालन आय (Operating Income) में सालाना आधार पर 15.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

कंपनी की पहली तिमाही में कुल ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर 7,233.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (अप्रैल-जून) में 6,262.94 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने बताया कि गर्मियों के सीजन के दौरान एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई, जिसका सीधा लाभ कंपनी के राजस्व को मिला।

वहीं, परिचालन लागत और विस्तार कार्यों के कारण कंपनी का कुल खर्च भी पहली तिमाही में 14.25 प्रतिशत बढ़कर 6,450 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में कम था। खर्चों में वृद्धि के बावजूद मजबूत मार्जिन और बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन के चलते कंपनी का शुद्ध लाभ और परिचालन मुनाफा विश्लेषकों के अनुमानों के अनुरूप रहा है।

1.16 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप और शेयरों का ऐतिहासिक रिटर्न

शुक्रवार को आई 10 प्रतिशत के करीब की इस लंबी छलांग के साथ ही एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी भारत की सबसे मूल्यवान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों की शीर्ष सूची में मजबूती से स्थापित हो गई है।

यदि शेयर के हालिया रिटर्न और प्रदर्शन पर नजर डालें:

  • बीते 1 महीने का रिटर्न: पिछले 30 दिनों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को लगभग 13 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।

  • बीते 6 महीने का रिटर्न: पिछले 6 महीनों के दौरान कंपनी के स्टॉक प्राइस में करीब 14 प्रतिशत की स्थिर बढ़त देखने को मिली है।

  • साल 2026 में अब तक (YTD): वर्ष 2026 में इस शेयर में दांव लगाने वाले निवेशकों को अब तक 16 प्रतिशत से अधिक का शुद्ध मुनाफा हासिल हो चुका है।

शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि जब से कंपनी की भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टिंग हुई है, तब से ही संस्थागत विदेशी निवेशकों (FIIs) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स (DIIs) का भरोसा इस स्टॉक में लगातार बना हुआ है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी और ग्रोथ आउटलुक

भारत का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिस्पोजेबल इनकम बढ़ने और बिजली की उपलब्धता बेहतर होने से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की मांग साल-दर-साल बढ़ रही है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स भारतीय बाजार में पिछले ढाई दशकों से एक बेहद भरोसेमंद ब्रांड रहा है।

कंपनी रेफ्रिजरेटर, ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन और आवासीय एयर कंडीशनर सेगमेंट में देश की मार्केट लीडर बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, भारत सरकार की विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली पीएलआई (PLI) योजनाओं और स्थानीय उत्पादन पर जोर देने की नीति का सीधा फायदा एलजी को अपनी लागत घटाने और निर्यात बढ़ाने में मिल रहा है। कंपनी भारत को न केवल अपने घरेलू बाजार के रूप में देख रही है, बल्कि पश्चिम एशिया और अफ्रीकी देशों के लिए एक बड़ा एक्सपोर्ट हब बनाने पर भी तेजी से काम कर रही है।

तकनीकी चार्ट पर मजबूती: ब्रेकआउट के संकेत

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, तकनीकी चार्ट पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में एक मजबूत 'कप एंड हैंडल' और 'बुलिश ब्रेकआउट' पैटर्न बनता हुआ दिख रहा है। 1,650 रुपये के अहम रेजिस्टेंस को पार करने के बाद यह शेयर अब नए सपोर्ट लेवल स्थापित कर रहा है।

डेली और वीकली चार्ट्स पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) दोनों ही इंडिकेटर्स स्टॉक में नई तेजी जारी रहने का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि जो निवेशक इस स्टॉक में लंबी अवधि के लिए बने हुए हैं, उन्हें 1,600 रुपये के स्टॉपलॉस के साथ अपने ट्रेलिंग टारगेट्स बढ़ाते रहने चाहिए।

Latest Posts