केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अचानक बिगड़ी तबीयत, सीने में बेचैनी के बाद दिल्ली AIIMS के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती; कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन— 'हालत पूरी तरह स्थिर, वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में'

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अचानक बिगड़ी तबीयत, सीने में बेचैनी के बाद दिल्ली AIIMS के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती; कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन— 'हालत पूरी तरह स्थिर, वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में'

देश की राजधानी नई दिल्ली से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में भारीपन, असामान्य दबाव और बेचैनी की शिकायत महसूस हुई थी, जिसके बाद तुरंत एहतियातन उन्हें एम्स के कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग ले जाया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अस्पताल में एडमिट होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक, राजनीतिक और पार्टी हलकों में गहरी चिंता की लहर दौड़ गई। एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों की एक विशेष मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य सूचकांकों की निगरानी कर रही है। स्थिति की गंभीरता और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विराम लगाने के लिए एम्स प्रशासन ने आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनकी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में और स्थिर बताया है।

एम्स में डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरानी: एंजियोग्राफी के बाद स्वास्थ्य स्थिति स्थिर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के मीडिया एवं प्रोटोकॉल प्रभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि 65 वर्षीय केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी और असहजता की शिकायत के बाद देर शाम अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट्स की देखरेख में उनके आवश्यक परीक्षण किए गए। डॉक्टरों ने किसी भी संभावित जोखिम को टालने और हृदय की धमनियों की सटीक स्थिति जांचने के लिए उनकी कोरोनरी एंजियोग्राफी (Coronary Angiography) की।

एम्स के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था, जहां उनकी विस्तृत चिकित्सकीय जांच और कोरोनरी एंजियोग्राफी पूरी की गई है। उनकी स्थिति वर्तमान में पूरी तरह स्थिर है। उन्हें एहतियातन और बेहतर निगरानी के लिए कार्डियोलॉजी विभाग की इंटेंसिव केयर यूनिट/ऑब्जर्वेशन वार्ड में रखा गया है।" डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स—जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, ईसीजी और ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य स्तर पर हैं और किसी आपातकालीन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

अस्पताल में भर्ती होने की पूरी वजह: सीने में भारीपन और बेचैनी की शिकायत

मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री पिछले कई दिनों से लगातार व्यस्त दिनचर्या, बैठकों और यात्राओं में व्यस्त थे। शाम के समय उन्हें अचानक अत्यधिक थकान, पसीना और सीने के ऊपरी हिस्से में दबाव महसूस हुआ। चूंकि वे स्वयं देश के स्वास्थ्य मंत्री हैं और उनका आधिकारिक आवास एम्स के नजदीक है, उनके निजी स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने बिना किसी देरी के उन्हें एम्स के इमरजेंसी और कार्डियोलॉजी विंग में शिफ्ट किया।

अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तुरंत डॉक्टरों की सीनियर फैकल्टी सक्रिय हो गई और उन्हें तुरंत कार्डियक मॉनिटर पर लिया गया। प्राथमिक दवाओं और आराम के बाद उनकी बेचैनी में तुरंत सुधार देखा गया, लेकिन मानक कार्डियक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती रखकर 24 से 48 घंटे के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखने का निर्णय लिया।

कोरोनरी एंजियोग्राफी की रिपोर्ट और डॉक्टरों का परामर्श

कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोनरी एंजियोग्राफी एक अत्यंत सुरक्षित और प्रमाणित डायग्नोस्टिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में कोई संकुचन (Narrowing) या ब्लॉकेज तो नहीं है।

इस प्रक्रिया में हाथ की कलाई (रेडियल आर्टरी) के जरिए एक बहुत बारीक कैथेटर डालकर कंट्रास्ट डाई की मदद से एक्स-रे इमेजिंग की जाती है। सूत्रों के अनुसार, जेपी नड्डा की एंजियोग्राफी रिपोर्ट संतोषजनक रही है और किसी बड़ी गंभीर रुकावट का संकेत नहीं मिला है। डॉक्टरों ने इसे अत्यधिक कार्यभार, शारीरिक थकान और तनाव के चलते उत्पन्न हुई क्षणिक कार्डियक असहजता माना है। मेडिकल टीम ने उन्हें फिलहाल पूर्ण शारीरिक और मानसिक विश्राम (Complete Bed Rest) लेने और रूटीन डाइट पर रहने की सलाह दी है।

लगातार बैठकों और दौरों का दबाव: अस्पताल में भर्ती होने से पहले का व्यस्त कार्यक्रम

जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसा विशाल और जिम्मेदारी भरा मंत्रालय संभाल रहे हैं। हाल के दिनों में संसद सत्र की व्यस्तताओं के अलावा वे देश भर में स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा और विभिन्न राज्यों में पार्टी के सांगठनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे। अस्पताल में भर्ती होने से ठीक पहले उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के सांसदों के साथ 'टीबी मुक्त भारत' और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की प्रगति को लेकर एक मैराथन समीक्षा बैठक की थी।

इसके अलावा वे स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों और राष्ट्रव्यापी अभियानों की तैयारियों को लेकर भी लगातार बैठकें कर रहे थे। अत्यधिक व्यस्तताओं, देर रात तक चलने वाली बैठकों और अनियमित खानपान के चलते शरीर में अत्यधिक थकान जमा हो गई थी, जिसने अंततः इस अस्वस्थता का रूप ले लिया।

राजनीतिक जगत में चिंता की लहर: शीर्ष नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अस्वस्थ होने और एम्स में भर्ती होने की खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, वैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय मंत्रिमंडल के सहयोगियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क साधा।

केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एम्स के निदेशक से फोन पर बात कर जेपी नड्डा के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संदेश जारी कर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना की। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में उनके शीघ्र स्वस्थ होकर काम पर लौटने के लिए विशेष प्रार्थनाएं और पूजा-अर्चना की।

छात्र राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक: जेपी नड्डा का राजनीतिक सफर और केंद्रीय भूमिका

मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से संबंध रखने वाले जेपी नड्डा का सार्वजनिक जीवन पांच दशकों से अधिक के समर्पण और सांगठनिक कौशल का उदाहरण रहा है। पटना विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय स्तर के दायित्वों से लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में तीन बार विधायक, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहने के बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में आए और राज्यसभा सांसद बने। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल (2014-2019) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्होंने 'आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई' (PM-JAY) जैसी दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना की रूपरेखा तैयार की और उसे देश भर में लागू कराया।

इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को अभूतपूर्व विस्तार दिया और कई ऐतिहासिक चुनावी जीत दर्ज कराईं। वर्ष 2024 के आम चुनावों के बाद वे एक बार फिर केंद्रीय कैबिनेट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के रूप में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का दायित्व संभाल रहे हैं।

अस्पताल से कब मिलेगा डिस्चार्ज? आगामी कार्ययोजना और स्वास्थ्य बुलेटिन

एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, जेपी नड्डा की रिकवरी की गति बहुत अच्छी है और वे पूरी तरह होश में हैं तथा परिजनों और डॉक्टरों से सामान्य रूप से बातचीत कर रहे हैं।

चिकित्सकीय नियमों के अनुसार, एंजियोग्राफी के बाद मरीज को 24 से 48 घंटे के लिए निगरानी में रखा जाता है ताकि किसी भी प्रकार के पोस्ट-प्रोसीजरल इन्फेक्शन या जटिलता से पूरी तरह बचा जा सके।

यदि शुक्रवार की देर शाम तक उनके सभी रूटीन ब्लड टेस्ट और कार्डियक मार्कर्स पूरी तरह सामान्य बने रहते हैं, तो शनिवार तक उन्हें अस्पताल से छुट्टी (Discharge) दी जा सकती है। डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज के बाद भी कम से कम 4 से 5 दिनों तक किसी भी भारी यात्रा, जनसभा और तनावपूर्ण आधिकारिक बैठकों से दूर रहकर घर पर ही आराम करने का कड़ा परामर्श दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल उनके दैनिक प्रशासनिक दायित्वों का समन्वय कर रहे हैं।

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