DA कैलकुलेशन का बदलेगा फॉर्मूला? 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठन ने उठाई इंडेक्स बदलने की मांग

DA कैलकुलेशन का बदलेगा फॉर्मूला? 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठन ने उठाई इंडेक्स बदलने की मांग

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर उत्सुकता चरम पर है। कर्मचारी लगातार आयोग की बैठकों और उनकी सिफारिशों से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट पर पैनी नजर रख रहे हैं। माना जा रहा है कि आयोग साल 2027 की पहली छमाही (संभावित रूप से मई 2027 तक) अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा।

इसी बीच, विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने वेतन आयोग के सामने अपनी मांगों की लिस्ट (Memorandum) रखनी तेज कर दी है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने एक बेहद महत्वपूर्ण मांग उठाई है, जो सीधे तौर पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) के फॉर्मूले को बदलने से जुड़ी है।

क्यों उठ रही है डीए (DA) की गणना का फॉर्मूला बदलने की मांग?

वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर की जाती है। इस इंडेक्स का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बाजार में बढ़ती रोजमर्रा की महंगाई और जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) से राहत देना है।

हालांकि, 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए अपने दूसरे सप्लीमेंट्री मेमोरेंडम (पूरक ज्ञापन) में AIDEF ने इस मौजूदा इंडेक्स की समीक्षा करने या इसे पूरी तरह बदलने की मांग की है। फेडरेशन का तर्क है कि:

  • वास्तविक महंगाई दिखाने में नाकाम: वर्ष 2022-23 में शुरू की गई संशोधित सीपीआई (CPI) बास्केट खाने-पीने की चीजों और मौसमी कृषि उत्पादों (सब्जियां, फल आदि) की कीमतों में होने वाले वास्तविक उछाल को सही और निष्पक्ष रूप से नहीं दर्शाती।

  • कमोडिटी वेटेज का गणित: संशोधित इंडेक्स में खाने-पीने की वस्तुओं का हिस्सा (Weightage) कुल बास्केट का सिर्फ 36.75% ही रखा गया है। जबकि असल जिंदगी में एक आम कर्मचारी या मध्यमवर्गीय परिवार की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा भोजन और राशन पर खर्च होता है।

  • पर्सनल महंगाई दर है ज्यादा: फेडरेशन के मुताबिक, कागजी इंडेक्स में दिखाई गई महंगाई दर की तुलना में एक कर्मचारी की 'व्यक्तिगत महंगाई दर' (Personal Inflation Rate) कहीं अधिक है। इस विसंगति के कारण कर्मचारियों और विशेषकर पेंशनभोगियों को हर महीने आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वर्तमान में कितना है महंगाई भत्ता?

आपको बता दें कि वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) 60 प्रतिशत के स्तर पर है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के इस भत्ते में आखिरी बार बढ़ोतरी अप्रैल 2026 में की गई थी, जब सरकार ने इसमें 2 प्रतिशत का इजाफा किया था।

आगे क्या होगा?

AIDEF की इस मांग के बाद अब गेंद 8वें वेतन आयोग के पाले में है। यदि आयोग इस तर्क से सहमत होता है और केंद्र सरकार को डीए गणना के लिए एक नए या अधिक व्यावहारिक इंडेक्स (Consumer Price Index) को आधार बनाने की सिफारिश करता है, तो भविष्य में कर्मचारियों के भत्ते में और अधिक तार्किक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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