लखनऊ अग्निकांड का असर: कानपुर के कोचिंग सेंटरों पर KDA की ताबड़तोड़ छापेमारी, अब तक 26 संस्थान पूरी तरह सील
कानपुर : लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड (15 मौतें) के बाद उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह एक्शन मोड में है। राजधानी के हादसे से सबक लेते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने समूचे कानपुर शहर में अवैध बेसमेंट, नियमों के विपरीत चल रहे कमर्शियल स्पेस और बिना फायर एनओसी (अग्नि सुरक्षा उपकरण) के संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा अभियान छेड़ दिया है।
मंगलवार (23 जून 2026) को दूसरे दिन भी जारी रही इस ताबड़तोड़ छापेमारी में 10 और कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। सोमवार को की गई 16 सीलबंदी की कार्रवाई को मिलाकर अब तक कुल 26 प्रतिष्ठानों पर केडीए का ताला लटक चुका है, जबकि 20 अन्य संस्थान केडीए के राडार पर हैं।
बच्चों को बाहर निकाला, फिर लगाया ताला
केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के सीधे निर्देश पर प्रवर्तन टीमों ने शहर के विभिन्न जोनों में छापेमारी की। कई नामचीन कोचिंग संस्थानों में जब केडीए की टीमें पहुंचीं, तो वहां कक्षाएं (क्लासेस) चल रही थीं।
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सुरक्षा को प्राथमिकता: केडीए अधिकारियों ने सबसे पहले संवेदनशीलता बरतते हुए सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रूप से बिल्डिंग से बाहर निकाला।
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सील करने की कार्रवाई: बच्चों के बाहर आते ही पूरी बिल्डिंग को सील करने की विधिक कार्रवाई की गई।
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केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि यह सख्त कदम विशुद्ध रूप से छात्र-छात्राओं की जान की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। जिन सेंटरों को सील किया गया है, वे अग्निशमन सुरक्षा संबंधी पुख्ता इंतजाम और केडीए के मानकों को पूरा करने के बाद ही दोबारा सील खुलवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
फिजिक्स वाला और विद्यापीठ जैसे बड़े नामों पर भी चला हंटर
केडीए की इस औचक कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। केडीए ने सबसे पहले शहर के रसूखदार और बड़े कोचिंग सेंटरों पर धावा बोला। सील किए गए प्रमुख संस्थानों में शामिल हैं:
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विद्यापीठ
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फिजिक्स वाला (Physics Wallah)
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संजीव राठौर कोचिंग सेंटर
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फिजिक्स स्टाइल ऑफ विवेक
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अंकित सर क्लासेज
केडीए के विधि, जनसंपर्क अधिकारी एवं ओएसडी सत शुक्ला के मुताबिक, दो दिनों की कार्रवाई के तहत प्रवर्तन जोन-1ए में तीन, जोन-2बी में पांच, जोन-3 में तीन और जोन-4 में पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध सीलबंदी की सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
दिल्ली हादसे की पुरानी सूची आई काम
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ समय पहले दिल्ली के कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद भी केडीए ने कानपुर के असुरक्षित और नियमों के विपरीत चल रहे बेसमेंट व कोचिंग सेंटरों की एक विस्तृत सूची (डेटाबेस) तैयार की थी। यही वजह रही कि लखनऊ हादसे के बाद शुरू हुए इस आपातकालीन अभियान में केडीए की टीमों को डिफॉल्टर संस्थानों को चिह्नित करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और तुरंत ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया गया।
कार्रवाई के डर से बंद हुए सेंटर, पुलिस कमिश्नर ने बुलाई बैठक:
केडीए की इस सख्त कार्रवाई के खौफ से मंगलवार दोपहर बाद शहर के अधिकांश अन्य कोचिंग संचालकों ने खुद ही अपने सेंटर बंद कर दिए। कई सेंटरों पर आनन-फानन में फायर फाइटिंग उपकरण और रिफिलिंग का काम शुरू करा दिया गया है। इसी बीच, शहर के पुलिस कमिश्नर ने भी कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की है, जिसमें सुरक्षा मानकों को लेकर कई और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।