'गटर से निकलते हैं कॉकरोच', अपने 'जनरेशन गटर' वाले बयान पर सफाई देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर भड़कीं कंगना रनौत, जानें क्या है पूरा विवाद और कानूनी दांव-पेच
हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक बयानों के कारण देश की राजनीति के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों और 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी 'जनरेशन गटर' (Generation Gutter) को लेकर घिरीं कंगना ने अब इस पर खुलकर अपनी सफाई पेश की है। इसके साथ ही उन्होंने संसद के बजट सत्र के दौरान जारी गतिरोध को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।
न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कंगना रनौत ने अपने विरोधियों और आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने किसी एक पूरे युवा वर्ग को गटर नहीं कहा था, बल्कि यह टिप्पणी उन विशेष लोगों के लिए थी जो खुद को ही गलत संज्ञा देते हैं। इसके अलावा उन्होंने संसद में गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने और फिर उनकी बात न सुनने की विपक्ष की रणनीति को 'निम्न आईक्यू' (Low IQ) वाली राजनीति करार दिया है।
'जो खुद को कॉकरोच कहें, उनका घर गटर ही होगा': कंगना की बयान पर सफाई
कंगना रनौत ने अपने 'जनरेशन गटर' वाले बयान का बचाव करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कुछ विशेष समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग खुद ही अपने लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं या खुद को कॉकरोच (Cockroach) बताते हैं, तो फिर उन्हें सच्चाई सुनकर बुरा क्यों लगता है? कंगना ने कहा, "जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, और अगर हम कहें कि कॉकरोच तो गटर से ही निकलते हैं, तो इसमें गलत क्या है? मेरा सीधा सा मतलब यह है कि अगर लोग खुद को कॉकरोच बता रहे हैं और हम कहें कि गटर उनका घर है, तो उन्हें बुरा क्यों लगना चाहिए?"
सांसद कंगना ने आगे स्पष्ट किया, "मैं खुद को कॉकरोच नहीं मानती। अगर कोई मुझसे कहे कि मैं गटर में रहती हूं, तो मैं तुरंत इसका खंडन कर दूंगी। लेकिन अगर कोई खुद दावा कर रहा है कि वह कॉकरोच है, तो जाहिर सी बात है कि कॉकरोच गटर में ही रहेगा, और कहां रहेगा?" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी टिप्पणी देश के सभी युवाओं या पूरे जेन-जी समुदाय के लिए नहीं थी, बल्कि उन्होंने केवल कुछ चुनिंदा लोगों, असामाजिक तत्वों और गलत दिशा में जा रहे व्यक्तियों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि जो युवा नशे, जुए या डार्क वेब की दलदल में फंसे हैं, उस पर बात करने का मतलब पूरी युवा पीढ़ी को गलत ठहराना नहीं होता।
'संसद का मजाक बना रहे हैं राहुल गांधी': नेता प्रतिपक्ष पर तीखा हमला
अपने इस बयान की सफाई देने के बाद कंगना रनौत ने अपना रुख सीधे कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ मोड़ दिया। संसद में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर जारी गतिरोध का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब मैं भारतीय संसद का इस तरह से मजाक बनते हुए देख रही हूं। उनके लिए सब कुछ एक मजाक बन चुका है। एक तरफ वे कहते हैं कि हमें गृह मंत्री अमित शाह जी से जवाब चाहिए, और दूसरी तरफ जब वे बोलने खड़े होते हैं तो कहते हैं कि हम उनकी बात नहीं सुनना चाहते। यह कैसी राजनीति है?"
कंगना ने तंज कसते हुए कहा, "क्या विपक्ष यह उम्मीद करता है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह जी संसद के आंगन में आकर उन्हें वन-ऑन-वन (आमने-सामने) जवाब देंगे? इतने कम आईक्यू (Low IQ) वाले लोगों से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा से भाग रहा है और जिस तरह से राहुल गांधी अपनी हताशा निकाल रहे हैं, उससे पूरे देश और नागरिकों का अपमान हो रहा है। कंगना ने दावा किया कि जिस तरह का आचरण राहुल गांधी का है, उसे देखते हुए बतौर नेता प्रतिपक्ष यह उनका आखिरी कार्यकाल साबित हो सकता है।
नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड कलाकारों की मानसिकता पर उठाए सवाल
बातचीत के दौरान कंगना रनौत ने केवल राजनीतिक नेताओं पर ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की हालिया टिप्पणियों पर भी कड़ा एतराज जताया। देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल उठाते हुए कंगना ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को 'देश से निकाल देंगे' या 'मार देंगे' जैसी बातें कहना बिल्कुल भी सभ्य आचरण नहीं है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि हमारे देश में कुछ लोग इस देश की मिट्टी का खाते हैं, यहीं से नाम और शोहरत कमाते हैं, लेकिन मौका मिलते ही अंतरराष्ट्रीय मंचों या मीडिया में देश की छवि को खराब करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों से लेकर इंटरव्यूज तक पाकिस्तान के प्रति एक विशेष 'लव स्टोरी' दिखाई जाती है, जो समझ से परे है। लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने की मर्यादा होनी चाहिए, लेकिन गाली-गलौज और देशविरोधी भाषा को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से लेकर आगरा कोर्ट तक: कानूनी शिकंजे में फंसीं कंगना
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। उस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो क्लिप्स को शेयर करते हुए कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था कि इन वीडियोज में जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, उसे देखकर उबकाई (puke-inducing) आती है। इसी दौरान उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों के लिए 'जनरेशन गटर' शब्द का प्रयोग किया था।
कंगना के इस बयान के बाद देश भर के छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों में रोष फैल गया। उत्तर प्रदेश के आगरा में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रामशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ अदालत में परिवाद (Case) दाखिल कर दिया है। अधिवक्ता का आरोप है कि कंगना ने देश के मेधावी छात्रों को 'गटर की उपज' कहकर उनके माता-पिता और पूरे छात्र समुदाय का घोर अपमान किया है। आगरा की स्पेशल एमपी-एमएलए (MP/MLA Special Court) अदालत में इस मामले पर 21 अगस्त 2026 को सुनवाई होना तय हुआ है।