श्वेता तिवारी का छलका दर्द: दोनों पूर्व पतियों राजा चौधरी और अभिनव कोहली पर लगाए धोखेबाज़ी के गंभीर आरोप, बोलीं— 'मैंने दोनों को मौका दिया पर उन्होंने...'

श्वेता तिवारी का छलका दर्द: दोनों पूर्व पतियों राजा चौधरी और अभिनव कोहली पर लगाए धोखेबाज़ी के गंभीर आरोप, बोलीं— 'मैंने दोनों को मौका दिया पर उन्होंने...'

भारतीय टेलीविजन जगत की सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में से एक श्वेता तिवारी अक्सर अपनी पेशेवर और व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं। 'कसौटी जिंदगी की' धारावाहिक से घर-घर में 'प्रेरणा' के रूप में अपनी अमिट पहचान बनाने वाली श्वेता तिवारी ने भले ही अपने अभिनय के दम पर सफलता के कई मुकाम हासिल किए हों, लेकिन उनका निजी जीवन हमेशा से ही काफी संघर्षपूर्ण और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। हाल ही में एक दिल खोलकर दिए गए इंटरव्यू में श्वेता तिवारी ने अपनी दो टूटी हुई शादियों पर खुलकर बातचीत की और अपने दोनों पूर्व पतियों—राजा चौधरी और अभिनव कोहली—पर बेवफाई तथा चीटिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

श्वेता तिवारी ने अपने व्यक्तिगत जीवन की त्रासदियों को बयां करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दोनों रिश्तों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की थी, लेकिन सामने से उन्हें केवल धोखा और प्रताड़ना ही मिली। श्वेता ने कहा कि जब कोई व्यक्ति शादी के पवित्र बंधन में बंधता है, तो वह जीवनभर साथ निभाने का सपना देखता है। लेकिन जब जीवनसाथी ही आपके विश्वास को बार-बार ठेस पहुंचाए, तो उस रिश्ते में बने रहना खुद के आत्मसम्मान की हत्या करने जैसा हो जाता है। श्वेता ने बताया कि उन्होंने दोनों को अपनी गलतियों को सुधारने के कई मौके दिए, पर आखिरकार उन्हें अपने और अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उस कड़वे रिश्ते से बाहर निकलना ही पड़ा।

समाज के ताने और घरेलू हिंसा: पहली शादी से लेकर दूसरी शादी तक का कठिन सफर

श्वेता तिवारी की पहली शादी महज 19 साल की उम्र में साल 1998 में अभिनेता राजा चौधरी के साथ हुई थी। उस समय श्वेता अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्ते में दरार आने लगी। श्वेता ने कई मौकों पर खुलासा किया है कि राजा चौधरी शराब के आदी थे और उनके साथ शारीरिक व मानसिक रूप से घरेलू हिंसा करते थे। इसके अलावा, राजा पर वफादार न रहने और चीटिंग करने के भी गंभीर आरोप लगे। श्वेता ने साल 2000 में बेटी पलक तिवारी को जन्म दिया, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया और राजा का अत्याचार असहनीय हो गया, तो श्वेता ने साल 2007 में तलाक की याचिका दायर की और 2012 में कानूनी रूप से उनसे अलग हो गईं।

पहली शादी के दर्दनाक अंत के बाद श्वेता ने अपनी जिंदगी को एक और मौका देने का फैसला किया। साल 2013 में उन्होंने अभिनेता अभिनव कोहली के साथ दूसरी शादी की। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा और साल 2016 में दोनों के बेटे रेयांश का जन्म हुआ। लेकिन कुछ ही सालों में यह शादी भी विवादों के भंवर में फंस गई। श्वेता ने अभिनव पर भी घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। श्वेता ने बताया कि लोग बहुत आसानी से कह देते हैं कि 'दूसरी शादी भी नहीं चली, गलती औरत में ही होगी', लेकिन कोई यह नहीं समझता कि कोई भी महिला खुशी-खुशी अपना घर नहीं तोड़ती। श्वेता के मुताबिक, उन्होंने अपने दोनों पतियों को सुधरने और रिश्ते को संभालने का पूरा समय व मौका दिया था, लेकिन जब सामने वाले इंसान की नीयत में ही खोट हो, तो रिश्ता टिक नहीं सकता।

'बच्चों के लिए बनी मजबूत': पलक और रेयांश की सिंगल मदर के रूप में परवरिश

अपनी दोनों शादियों के दुखद अंत के बाद श्वेता तिवारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक मिसाल कायम करते हुए अपने दोनों बच्चों—बेटी पलक तिवारी और बेटे रेयांश—की परवरिश बतौर सिंगल मदर पूरी हिम्मत और लगन के साथ की। श्वेता ने कहा कि जब उनके रिश्ते टूट रहे थे, तब उनके मन में सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर थी। एक मां के तौर पर वह अपने बच्चों को किसी भी तरह के जहरीले (toxic) वातावरण में बड़ा नहीं करना चाहती थीं।

आज उनकी बेटी पलक तिवारी बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं और अपने करियर की शुरुआत कर चुकी हैं, जिसका पूरा श्रेय पलक अपनी मां श्वेता के त्याग और परवरिश को देती हैं। वहीं श्वेता अपने छोटे बेटे रेयांश का भी पूरा ख्याल रख रही हैं। श्वेता ने इंटरव्यू में कहा कि कई बार समाज और सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया, उन पर तरह-तरह के लांछन लगाए गए, लेकिन उन्होंने अपने काम और अपने बच्चों के खुशहाल चेहरे को ही अपना सबसे बड़ा जवाब माना।

महिलाओं के लिए श्वेता तिवारी का संदेश: आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान ही असली ताकत

श्वेता तिवारी ने अपने इस बेबाक इंटरव्यू के जरिए उन तमाम महिलाओं को एक मजबूत संदेश दिया है जो किसी न किसी रूप में घरेलू हिंसा, बेवफाई या खराब रिश्तों का शिकार हो रही हैं। श्वेता का कहना है कि किसी भी महिला को केवल समाज या तानों के डर से किसी जहरीले या हिंसक रिश्ते को झेलते नहीं रहना चाहिए। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहिए ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें और किसी पर निर्भर न रहें।

श्वेता ने कहा, "लोग क्या कहेंगे, यह सोचकर अगर आप किसी गलत इंसान के साथ जिंदगी गुजारते रहेंगे, तो आप कभी खुश नहीं रह पाएंगे। खुद से प्यार करना और अपने आत्मसम्मान की रक्षा करना कोई पाप नहीं है। मैंने अपने जीवन में बहुत दर्द सहा है, लेकिन आज मुझे गर्व है कि मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और अपने बच्चों को एक सुरक्षित और खुशहाल माहौल दे पाई हूं।" श्वेता तिवारी का यह बयान आज देश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है, जो अपनी जिंदगी में कठिन परिस्थितियों से जूझ रही हैं।

 

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