सुबह खाली पेट भिगोकर खाएं ये 8 जादुई चीजें, पेट की समस्याओं से लेकर कमजोरी तक होगी दूर, जानिए डॉक्टर क्यों देते हैं रातभर भिगोकर खाने की सलाह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के दौर में खुद को फिट और ऊर्जावान बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। न्यूट्रिशनिस्ट, आहार विशेषज्ञों और आयुर्वेद आचार्यों का स्पष्ट मानना है कि हम क्या खाते हैं, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह है कि हम उसे किस तरह खाते हैं। हमारी रसोई में कई ऐसे मेवे, अनाज और बीज मौजूद हैं जिन्हें अगर सीधे खाने के बजाय रातभर पानी में भिगोकर खाया जाए, तो उनके पोषण मूल्य में कई गुना वृद्धि हो जाती है। सूखे रूप में खाए जाने वाले मेवों और बीजों में प्राकृतिक रूप से 'फाइटिक एसिड' और 'एंजाइम इनहिबिटर्स' पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को उनके पोषक तत्वों को पूरी तरह अवशोषित करने से रोकते हैं। पानी में भिगोने से ये बाधक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भोजन सुपाच्य बन जाता है और आंतें उसके सभी विटामिन्स व मिनरल्स को आसानी से सोख लेती हैं। यदि आप भी सुबह उठकर अस्वस्थ स्नैक्स या केवल चाय-कॉफी पीने के आदी हैं, तो अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके भिगोई हुई चीजों को शामिल करें। आइए विस्तार से जानते हैं उन 8 चमत्कारी चीजों के बारे में जिन्हें भिगोकर खाने से शरीर को गजब के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
खाद्य पदार्थों को भिगोकर खाने का वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण
चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही इस बात से सहमत हैं कि सूखे मेवों और बीजों को भिगोने से उनकी तासीर में बदलाव आता है। सूखे मेवे स्वभाव से गर्म होते हैं, जो कई लोगों में पाचन संबंधी समस्याएं, मुंह के छाले या एसिडिटी पैदा कर सकते हैं। पानी में भीगने के बाद इनकी गर्मी शांत हो जाती है और इनकी तासीर सामान्य व सात्विक हो जाती है। जब हम किसी बीज या मेवे को पानी में भिगोते हैं, तो उसके अंदर अंकुरण (Germination) की प्रक्रिया शुरू होती है। इस प्रक्रिया से उसमें मौजूद जटिल प्रोटीन, फैट और स्टार्च टूटकर सरल यौगिकों में बदल जाते हैं, जिन्हें हमारा पाचन तंत्र बिना किसी दबाव के पचा लेता है। इसके अलावा, भिगोने से शरीर में गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना) और अपच की समस्या नहीं होती और शरीर को दिनभर के लिए भरपूर ऊर्जा मिलती है।
ये हैं वे 8 सुपरफूड जिन्हें भिगोकर खाने से शरीर को मिलते हैं कई बड़े फायदे
1. भिगोए हुए बादाम (Soaked Almonds): बादाम को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। लेकिन सूखे बादाम के भूरे छिलके में 'टैनिन' नामक तत्व होता है, जो शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है। रातभर पानी में भिगोने के बाद बादाम का छिलका आसानी से निकल जाता है। भिगोए हुए बादाम में विटामिन E, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। रोजाना सुबह छिलका उतारकर 4 से 5 भिगोए बादाम खाने से याददाश्त तेज होती है, दिमाग की कोशिकाएं मजबूत होती हैं, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है और त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है।
2. भिगोया हुआ अखरोट (Soaked Walnuts): अखरोट की बनावट इंसान के दिमाग जैसी होती है और यह मस्तिष्क के लिए सबसे उत्तम आहार माना जाता है। सूखे अखरोट की तासीर काफी गर्म होती है, जिससे कुछ लोगों को पेट में जलन महसूस हो सकती है। रातभर पानी में भिगोकर रखा गया अखरोट पचने में आसान हो जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA), एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर भरपूर होता है। सुबह खाली पेट 2 भिगोए हुए अखरोट खाने से दिल की धमनियां स्वस्थ रहती हैं, डिप्रेशन और तनाव कम होता है तथा जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
3. भिगोई हुई किशमिश और मुनक्का (Soaked Raisins & Munakka): किशमिश और मुनक्का को भिगोकर खाना पेट और खून की सफाई के लिए रामबाण माना जाता है। भिगोने से इनमें मौजूद प्राकृतिक शर्करा (ग्लूकोज और फ्रुक्टोज) का अवशोषण बेहतर होता है। इनमें आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। जो लोग एनीमिया यानी खून की कमी से जूझ रहे हैं, उनके लिए सुबह भिगोई हुई किशमिश और उसका पानी पीना बेहद फायदेमंद है। यह कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करता है, बीपी को नियंत्रित रखता है और लिवर को डिटॉक्स करता है।
4. भिगोया हुआ काला चना (Soaked Black Chickpeas): भारतीय घरों में पारंपरिक रूप से भिगोया हुआ काला चना शारीरिक ताकत और स्टैमिना बढ़ाने के लिए खाया जाता है। चने में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, आयरन और विटामिन्स होते हैं। रातभर पानी में भिगोया हुआ चना सुबह गुड़ या हल्के काले नमक के साथ खाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है और उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो जिम जाते हैं या भारी शारीरिक श्रम करते हैं।
5. भिगोया हुआ मेथी दाना (Soaked Fenugreek Seeds): मेथी का दाना औषधीय गुणों से भरपूर होता है। हालांकि यह स्वाद में कड़वा होता है, लेकिन पानी में भिगोने से इसकी कड़वाहट कम हो जाती है और इसके औषधीय गुण बढ़ जाते हैं। भिगोया हुआ मेथी दाना और उसका पानी डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान माना गया है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। इसके अलावा, यह पेट की चर्बी घटाने, जोड़ों की सूजन कम करने और बालों को झड़ने से रोकने में बेहद असरदार है।
6. भिगोया हुआ सूखा अंजीर (Soaked Dried Figs): सूखा अंजीर फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और जिंक का बेहतरीन स्रोत है। जब अंजीर को रातभर पानी में भिगोया जाता है, तो यह फूलकर नरम हो जाता है और इसका फाइबर आंतों की सफाई के लिए पूरी तरह सक्रिय हो जाता है। रोजाना सुबह 1 से 2 भिगोए हुए अंजीर खाने से सालों पुरानी पुरानी कब्जियत (Chronic Constipation) दूर होती है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) को सुधारता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
7. भिगोई हुई साबुत हरी मूंग (Soaked Whole Green Gram): साबुत हरी मूंग की दाल पचने में सबसे हल्की और पौष्टिक मानी जाती है। जब इसे रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है या हल्का अंकुरित किया जाता है, तो इसमें विटामिन C, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और सुपाच्य प्रोटीन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भिगोई मूंग एक परफेक्ट नाश्ता है। यह लंबे समय तक पेट को भरा रखती है, जिससे बेवजह भूख नहीं लगती और शरीर को निरंतर ऊर्जा मिलती रहती है।
8. भिगोए हुए अलसी और चिया सीड्स (Soaked Flaxseeds & Chia Seeds): अलसी के बीज और चिया सीड्स दोनों ही ओमेगा-3 फैटी एसिड और घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) के पावरहाउस हैं। जब इन बीजों को पानी में भिगोया जाता है, तो ये पानी को सोखकर एक जेली जैसा रूप ले लेते हैं। यह जेल हमारी आंतों की अंदरूनी परत को सुरक्षा प्रदान करता है और पाचन क्रिया को सुगम बनाता है। भिगोए हुए चिया सीड्स या अलसी का सेवन करने से बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कम होता है, दिल का दौरा पड़ने का जोखिम घटता है और त्वचा हाइड्रेटेड रहती है।
भिगोई हुई चीजें खाने का सही समय और जरूरी सावधानियां
भिगोई हुई इन चीजों का पूरा फायदा उठाने के लिए समय और मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इन सभी चीजों का सेवन सुबह खाली पेट, ब्रश करने के बाद करना सबसे उत्तम माना जाता है। ध्यान रखें कि जिन चीजों का पानी साफ हो (जैसे किशमिश, मेथी दाना या अंजीर), उस पानी को फेंकने के बजाय पी लेना चाहिए क्योंकि पानी में भी कई घुलनशील पोषक तत्व आ जाते हैं। हालांकि, बादाम या चने को भिगोने वाले पानी को फेंककर उन्हें साफ पानी से धोकर ही खाना चाहिए।
इसके साथ ही मात्रा पर नियंत्रण रखना भी आवश्यक है। एक साथ बहुत सारी चीजें खाने के बजाय अपनी शारीरिक जरूरत और मौसम के हिसाब से 2 या 3 चीजों का संयोजन (Combination) बनाकर खाएं। यदि आपको कोई गंभीर बीमारी, आंतों का अल्सर या कोई विशेष एलर्जी है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले किसी योग्य डायटीशियन या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सही तरीके से और नियमित रूप से इन 8 चीजों का सेवन करने से आपका शरीर बीमारियों से मुक्त रहेगा और आप दिनभर ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।