ऋषभ पंत ने आधी रात CM पुष्कर सिंह धामी से लगाई मदद की गुहार: उत्तराखंड में जमीन विवाद को लेकर परेशान हुए विकेटकीपर
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज और उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर ऋषभ पंत को लेकर एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले ऋषभ पंत अपने गृह राज्य उत्तराखंड में जमीन से जुड़े एक विवाद को लेकर बेहद परेशान हो गए हैं। स्थिति इस हद तक गंभीर हो गई कि देर रात ऋषभ पंत को खुद सोशल मीडिया और प्रशासनिक माध्यमों के जरिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे हस्तक्षेप और मदद की गुहार लगानी पड़ी।
ऋषभ पंत ने आधी रात को इस मामले को सार्वजनिक करते हुए अपनी चिंता व्यक्त की और बताया कि किस तरह उनके परिवार से संबंधित भूमि पर अनुचित दावे या गड़बड़ी की कोशिश की जा रही है। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, जिसने देश और राज्य का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है, उसके साथ इस तरह की घटना होने के बाद स्थानीय प्रशासन और शासन में हड़कंप मच गया है।
जमीन से जुड़े विवाद का पूरा सच: आखिर क्यों परेशान हुए ऋषभ पंत?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उत्तराखंड के हरिद्वार जिले (रुड़की क्षेत्र) या देहरादून के आसपास स्थित ऋषभ पंत के पारिवारिक भूखंड से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। ऋषभ पंत के परिवार की इस संपत्ति पर कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों या भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे, जाली कागजात तैयार करने या भूमि पर अनधिकृत हस्तक्षेप करने का प्रयास किया जा रहा था। जब परिवार ने स्थानीय स्तर पर इसका विरोध किया, तो उन्हें प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी और परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्रिकेट की अपनी व्यस्तताओं के बीच परिवार की सुरक्षा और पैतृक संपत्ति पर मंडराते खतरे से तंग आकर ऋषभ पंत ने आधी रात को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। पंत ने अपनी पोस्ट/संदेश में स्पष्ट लिखा कि जब एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के परिवार को अपनी ही जमीन की सुरक्षा के लिए इस प्रकार के मानसिक तनाव और अनिश्चितता से गुजरना पड़ रहा है, तो आम जनता की स्थिति क्या होती होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का त्वरित एक्शन और प्रशासन को सख्त निर्देश
जैसे ही आधी रात को ऋषभ पंत की यह गुहार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। मुख्यमंत्री धामी ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को समझते हुए बिना कोई देर किए संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि से जुड़े सभी दस्तावेजों की तत्काल री-वेरिफिकेशन (पुनः जांच) की जाए और यदि कोई भी व्यक्ति अवैध कब्जे या जालसाजी में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर भू-माफिया अधिनियम के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। सीएम धामी ने यह भी सुनिश्चित किया कि राज्य में किसी भी नागरिक, विशेषकर देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों और उनके परिवारों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस टीम देर रात ही मौके पर पहुंची और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी कर दिए।
उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर के साथ ऐसा मामला: फैंस और जनता में भारी गुस्सा
ऋषभ पंत केवल भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि वे उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के युवाओं और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए घोषित आधिकारिक 'ब्रांड एंबेसडर' भी हैं। जब इस स्तर के सार्वजनिक व्यक्तित्व को अपनी जमीन बचाने के लिए आधी रात को गुहार लगानी पड़ी, तो सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों और उत्तराखंड की आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
इंटरनेट पर हजारों फैंस ने ऋषभ पंत का समर्थन करते हुए राज्य में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से जमीन की धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर देश का स्टार क्रिकेटर सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा है, तो यह स्थानीय प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की फाइल को अपने हाथ में ले लिया है। राजस्व विभाग (Revenue Department) और पुलिस की संयुक्त टीम विवादित भूमि के खसरे-खतौनी और रजिस्ट्री दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ऋषभ पंत के परिवार को पुलिस सुरक्षा और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है। वहीं, ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए त्वरित आश्वासन और प्रशासनिक तत्परता के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में भूमि सुरक्षा और भू-माफियाओं के खिलाफ चल रहे सरकारी अभियानों की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है। देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन कितनी तेजी से दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाता है।