बाबा के भक्तों के लिए बड़ी खबर! सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में नहीं होंगे VIP दर्शन, प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला
सावन के पवित्र महीने में बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी जाने का प्लान बना रहे शिवभक्तों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम में आगामी सावन माह की विशेष तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं. इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. सावन के पूरे महीने बाबा के दरबार में सुगम और एक समान दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए VIP दर्शन पर पूरी तरह से रोक (सस्पेंड) रहेगी.
सोमवार को वाराणसी पुलिस के आला अधिकारियों ने काशी विश्वनाथ धाम परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और करीब एक महीने बाद शुरू होने जा रहे सावन मेले की सुरक्षा और मैनेजमेंट की समीक्षा की.
पुलिस कमिश्नर का कड़ा रुख, सभी को कतार में लगकर करने होंगे दर्शन
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीआईजी, डीसीपी और स्थानीय थानों की पुलिस फोर्स ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 सहित पूरे परिसर का जायजा लिया. पुलिस कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा कि सावन के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए काशी आते हैं. आम भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. इसी वजह से इस बार सावन में किसी भी तरह की विशेष या वीआईपी दर्शन व्यवस्था लागू नहीं होगी, ताकि हर भक्त को बिना रुकावट के समान रूप से बाबा के दर्शन मिल सकें.
इस बार सावन में होंगे 4 सोमवार, उमड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ भीड़
काशी विश्वनाथ मंदिर में पूरे साल की तुलना में सावन के महीने में सबसे ज्यादा भीड़ रिकॉर्ड की जाती है. इस साल सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस एक महीने की अवधि में 4 सोमवार पड़ेंगे, जिन्हें बेहद विशेष माना जाता है. सोमवार के दिन आम दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं का जनसैलाब कई गुना बढ़ जाता है. इसी भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया जा रहा है.
चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए छांव, पेयजल, और मेडिकल हेल्प डेस्क की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए. मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, सादे कपड़ों में महिला व पुरुष कमांडो और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. बाबा के अलग-अलग गेटों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और कतारबद्ध तरीके से गर्भगृह तक पहुंचाने के लिए अभी से रिहर्सल और प्लानिंग शुरू कर दी गई है.