राम मंदिर चंदा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भड़के सांसद चंद्रशेखर आजाद, बोले न्याय संविधान से मिलेगा, पर्ची से नहीं!

राम मंदिर चंदा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भड़के सांसद चंद्रशेखर आजाद, बोले न्याय संविधान से मिलेगा, पर्ची से नहीं!

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत के साथ-साथ अब धार्मिक गलियारों में भी घमासान मच गया है। इस पूरे प्रकरण में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) द्वारा दिए गए एक बयान पर नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (ASP) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बिना नाम लिए बेहद तीखा हमला बोला है। चंद्रशेखर आजाद ने बाबा के दावों को ढोंग करार देते हुए देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था पर भरोसा जताने की अपील की है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था— 'पर्ची खोली तो मुझे निपटा देंगे'

दरअसल, राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर एक कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चौंकाने वाला बयान दिया था। उन्होंने कहा था, > "इस घोटाले में अभी सिर्फ छोटी मछलियां ही पकड़ी गई हैं। मैं राम मंदिर चोरी के असली दोषियों को अच्छी तरह से जानता हूं। लेकिन अगर मैंने अपनी पर्ची खोलकर उन बड़े और रसूखदार नामों का खुलासा कर दिया, तो वे लोग मुझे निपटा देंगे (जान से मार देंगे)।" बाबा बागेश्वर के इसी 'जान के खतरे' वाले बयान पर अब सांसद चंद्रशेखर आजाद बिफर पड़े हैं।

"चमत्कार का दावा करने वाले बाबा अब दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे?"

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर एक लंबा पोस्ट साझा कर बाबा बागेश्वर को आड़े हाथ लिया। चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि जो लोग दूसरों का भूत-भविष्य बताने और पर्ची के जरिए हर समस्या का समाधान करने या चमत्कार करने का दावा करते हैं, वे अब भगवान के ही घर में हुई इस कथित महालूट के असली दोषियों का नाम उजागर करने से क्यों कतरा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि चमत्कार और अंधविश्वास के नाम पर लंबे समय से देश की भोली-भाली जनता को गुमराह किया जाता रहा है।

"न्याय किसी पर्ची से नहीं, देश के संविधान और पुलिस की जांच से मिलेगा"

संवैधानिक संस्थाओं की पैरवी करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने जनता से अपील की कि वे ऐसे दावों के फेर में न आएं। उन्होंने लिखा, "अब देश की जनता को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि न्याय किसी बाबा की पर्ची, कथित चमत्कार या अंधविश्वास से नहीं मिलने वाला है। न्याय सिर्फ और सिर्फ भारत के संविधान, कानून और पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही मिलेगा।" उन्होंने कहा कि अंधविश्वास से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अटूट विश्वास बनाए रखना ही देश के हित में है।

राम मंदिर घोटाले में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी

इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। जून के पहले सप्ताह में सामने आए इस घोटाले की जांच पहले राम मंदिर ट्रस्ट और फिर राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) ने की। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय समेत 7 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अब पुलिस इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (गिरोहबंद अधिनियम) के तहत कठोर कार्रवाई करने के लिए विधिक राय ले रही है, क्योंकि छापेमारी में अब तक करीब 80 लाख रुपये कैश और कई अहम साक्ष्य बरामद हो चुके हैं।

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