राम मंदिर दान चोरी में नया धमाका: VIP दर्शन के नाम पर भी लूटे लाखों, लग्जरी होटलों में खुल रहे चोरों के राज

राम मंदिर दान चोरी में नया धमाका: VIP दर्शन के नाम पर भी लूटे लाखों, लग्जरी होटलों में खुल रहे चोरों के राज

रामनगरी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुई दान चोरी की घटना में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस महाघोटाले की परतें उधड़ती जा रही हैं। गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से तीन मुख्य चेहरों—अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश—ने केवल रामलला के दानपात्र में ही सेंध नहीं लगाई, बल्कि 'वीआईपी दर्शन' (VIP Darshan) के नाम पर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से खूब काली कमाई की है। पुलिस की जांच में नामी होटलों, ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों के साथ इनके गहरे नेक्सस (गठजोड़) का पर्दाफाश हुआ है।

VIP दर्शन के नाम पर होटलों और ट्रैवल एजेंसियों से साठगांठ

सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों आरोपियों का अयोध्या के कई प्रतिष्ठित होटलों और ट्रैवल एजेंसियों में सीधा सिक्का चलता था। इनके मोबाइल फोन खंगालने पर कई टूर गाइड और ट्रैवल ऑपरेटरों के नंबर मिले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि होटलों में रुकने वाले अमीर ग्राहकों और पर्यटकों को वीआईपी दर्शन कराने का ठेका इन्ही लोगों के पास था। अपनी इसी ऊंची पहुंच की ठसक के चलते ये बिना किसी वैध 'वाहन पास' के भी वीआईपी गाड़ियों को मंदिर के बिल्कुल करीब तक ले जाते थे। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है।

बुजुर्ग कर्मचारियों की झपकी का ऐसे उठाते थे फायदा

गणना कक्ष (Counting Room) में चोरी की वारदात को कैसे अंजाम दिया जाता था, इसकी कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। जांच में पता चला है कि आरोपी बेहद शातिर थे। वे गणना कक्ष में मौजूद कुछ बुजुर्ग कर्मचारियों की उम्र और थकान का फायदा उठाते थे। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने के कारण जब बुजुर्ग कर्मचारियों को झपकी आ जाती थी, ये शातिर चोर ठीक उसी पल नोटों की गड्डियां पार कर देते थे। खास बात यह है कि चोरी की गई इस रकम का बंटवारा हर रोज एक साथ बैठकर किया जाता था।

होटलों में उड़ाते थे पैसा, खरीदीं कई बेनामी संपत्तियां

रामलला का धन चुराकर इन आरोपियों ने बेहद अय्याशी भरा जीवन जिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये महीने के ज्यादातर दिन अयोध्या के महंगे और प्रतिष्ठित होटलों में गुजारते थे और वहां दिल खोलकर पैसा लुटाते थे। यहां तक कि होटल के कर्मचारियों को भी भारी-भरकम टिप दी जाती थी। पुलिस को अनुकल्प, लवकुश और करुणेश के नाम पर खरीदी गई कई अचल संपत्तियों (जमीनों) की भी अहम जानकारी मिली है। अब पुलिस ने अदालत से इनकी कस्टडी रिमांड मांगी है, ताकि इन बेनामी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जा सके।

शक के घेरे में 400 सुरक्षाकर्मी, चल रही है सख्त पूछताछ

दान चोरी और वीआईपी दर्शन के इस बड़े खेल ने राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां अब मंदिर परिसर में तैनात करीब 400 सुरक्षाकर्मियों से भी कड़ी पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या सुरक्षाकर्मियों ने अपनी ड्यूटी में कोई लापरवाही बरती? अनाधिकृत लोगों को प्रवेश कैसे मिला? पुलिस उन सभी प्रवेश-निकास द्वारों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल कर रही है जहां से चढ़ावे का आवागमन होता है। जांच का दायरा अब केवल दान चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा में हुई हर छोटी-बड़ी चूक को खंगाला जा रहा है।

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