'चारा घोटाले से भी बड़ा स्कैम है यह': योगी सरकार की गोमूत्र योजना पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तीखा हमला, जानें क्या है पूरा विवाद
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू की गई 'गोमूत्र खरीद योजना' पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सहारनपुर से कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और सरकार को युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने चाहिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "बस इसी काम पर रह गए... रोजगार भी दोगे कि नहीं।" इमरान मसूद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि यह योजना केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है और अगर इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो यह बिहार के ऐतिहासिक 'फोडर स्कैम' (चारा घोटाले) से भी बड़ा घोटाला साबित होगा। उन्होंने मांग की कि सरकार को हवा-हवाई योजनाओं के बजाय महंगाई, युवाओं के रोजगार और किसानों के वास्तविक संकट पर ध्यान देना चाहिए।
क्या है योगी सरकार की गोमूत्र खरीद योजना?
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की स्याना तहसील स्थित नरसैना गांव से किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
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10 रुपये प्रति लीटर की दर: योजना के तहत पशुपालकों से 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीदा जा रहा है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 20 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव है।
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गांवों में 200 लीटर के टैंक: पशुपालकों को असुविधा न हो, इसके लिए 15 संबद्ध गांवों में 200 लीटर क्षमता के विशेष कलेक्शन टैंक लगाए गए हैं।
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महिलाओं को रोजगार व कमीशन: इस पूरी व्यवस्था में लगभग 300 स्थानीय महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया गया है। गोमूत्र संग्रह में मदद करने पर महिलाओं को 2 रुपये प्रति लीटर का कमीशन दिया जा रहा है।
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जैविक कीटनाशक का निर्माण: एकत्र किए गए गोमूत्र में विभिन्न जड़ी-बूटियां मिलाकर खेती के लिए रासायनिक-मुक्त दवाएं और कीटनाशक तैयार किए जा रहे हैं।
सपा और कांग्रेस का हमला बनाम भाजपा का बचाव
गोमूत्र योजना पर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी (SP) ने भी हमला बोला है। सपा प्रवक्ताओं ने इसे 'गोमूत्र स्कैम' बताते हुए कहा कि प्रदेश में ज्यादातर गौशालाओं की स्थिति बदहाल है और भाजपा केवल चुनाव के लिए इस तरह के प्रयोग कर रही है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष को हर विकास कार्य और ग्रामीण आय बढ़ाने वाली योजना में खोट दिखाई देता है। इस मॉडल से न केवल बेसहारा गोवंश का संरक्षण होगा, बल्कि दूध न देने वाली गायों से भी पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी का स्थाई जरिया मिलेगा।