RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले में ED का बड़ा एक्शन: दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक के 4 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले में ED का बड़ा एक्शन: दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक के 4 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की सघन जांच शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह ईडी की दिल्ली जोनल यूनिट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में स्थित कुल 4 परिसरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच एजेंसी की टीमें हमले में शामिल संदिग्धों के वित्तीय नेटवर्क, विदेशी फंड के स्रोत और बैंक खातों के ब्योरे को खंगालने में जुटी हैं।

रांची में देर रात RSS दफ्तर पर फेंके गए थे पेट्रोल बम

यह पूरा मामला इसी साल जून महीने में रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में बने आरएसएस के क्षेत्रीय कार्यालय पर हुए हमले से जुड़ा है:

  • देर रात हुआ था हमला: 16-17 जून की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे दो अज्ञात हमलावरों ने चिली सॉस की बोतलों से बनाए गए दो देसी पेट्रोल बम संगठन के निवारणपुर दफ्तर की ओर फेंके थे।

  • सीमित नुकसान: बोतलों के टकराने के बाद मामूली लपटें उठीं जो कुछ ही देर में खुद बुझ गईं, जिससे कोई जनहानि या बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं हुआ था।

  • स्थानीय पुलिस से NIA को जांच: घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य संदिग्धों—सैफ अंसारी और अमन अंसारी को गिरफ्तार किया था। मामले की संवेदनशीलता और आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच एनआईए को सौंप दी थी।

दुबई कनेक्शन और पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर नजर

एनआईए और अब ईडी की जांच में इस हमले के पीछे गहरे अंतरराष्ट्रीय व सीमापार आतंकी नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है:

  • दुबई में हैंडलर से मुलाकात: जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक पूर्व में दुबई में रह चुका था, जहां वह कथित तौर पर 'राणा साहब' नाम के एक हैंडलर के संपर्क में आया था। संदिग्धों को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

  • शहजाद भट्टी नेटवर्क: जांच एजेंसियों को संदेह है कि हैंडलर का संबंध पाकिस्तान आधारित आतंकी शहजाद भट्टी (Shahzad Bhatti) के नेटवर्क से है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है, जो हथियारों व विस्फोटकों की तस्करी और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में लिप्त रहा है।

4 राज्यों में क्या खंगाल रही है ईडी?

ईडी की इस बहु-राज्यीय कार्रवाई का मुख्य मकसद हमले के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों की ट्रेल (Money Trail) को उजागर करना है:

  • एजेंसी यह पता लगा रही है कि हमले को अंजाम देने, लॉजिस्टिक्स जुटाने और स्थानीय स्तर पर रेकी करने के लिए फंड कहां से ट्रांसफर किया गया था।

  • दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और हवाला लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी में जब्त डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक पड़ताल के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों और हवाला ऑपरेटरों पर शिकंजा कसा जाएगा।

Latest Posts