राम मंदिर दान चोरी में टिन्नू और सुभाष की 14 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर, ड्राइवर से करोड़पति बनने के राज से उठेगा पर्दा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हुए बहुचर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण की तफ्तीश कर रही पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत ने मामले के दो सबसे अहम आरोपियों—रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मंदिर के पूर्व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की 14 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। अदालत के आदेश के मुताबिक, दोनों आरोपी बुधवार (15 जुलाई) को सुबह 8:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक पुलिस की हिरासत में रहेंगे। इस दौरान मामले के विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी दोनों आरोपियों को विभिन्न गुप्त ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ और चोरी की गई भारी-भरकम नकदी व जेवरातों की बरामदगी की कार्रवाई करेंगे।
कोर्ट में चली लंबी बहस, 7 दिन के बदले मिली 14 घंटे की रिमांड
सीओ अयोध्या ने बीते 10 जुलाई को अदालत में दोनों आरोपियों की 7 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। मंगलवार को इस पर विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष (अधिवक्ता कुलशेखर सिंह) के बीच तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तफ्तीश की गंभीरता को देखते हुए 14 घंटे की सशर्त रिमांड का आदेश पारित किया, जिससे इस महाघोटाले के कई दबे हुए राज बाहर आने की उम्मीद है।
ड्राइवर से 'करोड़पति' बनने वाले टिन्नू यादव पर टिकीं पुलिस की नजरें
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को होने वाली इस मैराथन पूछताछ में सबसे मुख्य निशाना रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू है। पुलिस टिन्नू से उन सभी कड़ियों को उगलवाएगी जो अयोध्या में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई हैं:
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अकूत संपत्ति का राज: टिन्नू कुछ साल पहले तक एक साधारण ड्राइवर था। पुलिस यह जानना चाहती है कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं में शामिल होने के बाद महज कुछ वर्षों के भीतर उसके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति कहां से आई?
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हाई-प्रोफाइल बैकर्स: इतनी ऊंचाई तक पहुंचने और मंदिर के प्रशासनिक लूप में पैठ बनाने में आखिरकार पुलिस, प्रशासन या ट्रस्ट के किन बड़े चेहरों ने उसका साथ दिया?
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शाही शादी का खर्च: हाल ही में टिन्नू ने अपने बेटे के विवाह समारोह में पानी की तरह पैसा बहाया था। विवेचक उस शादी में खर्च हुए लाखों-करोड़ों रुपयों के स्रोत (Source of Income) का पूरा हिसाब मांगेंगे।
क्या था इस 'चढ़ावा चोरी गैंग' का पूरा नेटवर्क?
इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेक्सस का भंडाफोड़ हुआ था। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य किरदारों और उनकी भूमिकाओं को नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित किया है:
| आरोपी का नाम | गैंग में भूमिका / पद | अब तक की बरामदगी व कार्रवाई |
| अविनाश शुक्ला | चढ़ावा चोरी गैंग का मुख्य लीडर | सबसे ज्यादा 20,39,220 रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी बरामद। |
| रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू | मुख्य सूत्रधार और संपत्ति निवेशक | वर्तमान में पुलिस रिमांड पर; बेहिसाब संपत्ति और पैसे के लेन-देन के राज उगलेगा। |
| सुभाष श्रीवास्तव | राम मंदिर का पूर्व गणना प्रभारी (रिटायर्ड बैंक कर्मी) | कर्मचारियों की अवैध भर्ती और बैंक मैनेजमेंट में लापरवाही का आरोप। (फिलहाल कोई बरामदगी नहीं)। |
| अनुक्ल्प, लवकुश व करुणेश | अविनाश के जीजा-साले व सहयोगी | पुलिस इन्हें उन गुप्त स्थानों पर ले जा चुकी है जहां चोरी की रकम का आपस में बंटवारा होता था। |
पूर्व बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव की लापरवाही पर भी सवाल
गैंग के दूसरे सदस्य सुभाष श्रीवास्तव पर आरोप है कि वह पूर्व बैंक कर्मचारी होने के बावजूद मंदिर में चढ़ावे की गिनती और बैंक प्रणालियों में भारी लापरवाही बरत रहा था। उसी ने बिना किसी कड़े वेरिफिकेशन के कई संदिग्ध कर्मचारियों की भर्ती की थी। पुलिस उससे यह उगलवाएगी कि उसने किसके इशारे पर इन लोगों को रखा था और इतनी बड़ी चोरियों की भनक उसे या बैंक को क्यों नहीं लगी।
जानकारों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन में टिन्नू यादव की मजबूत पकड़ किसी से छिपी नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और एसआईटी (SIT) की सक्रियता के कारण इस बार उसका बचना नामुमकिन लग रहा है। आज रात 10:00 बजे तक चलने वाली इस रिमांड अवधि में टिन्नू के बयान इस पूरे केस की दिशा तय करेंगे, जिससे ट्रस्ट के कुछ बड़े नामों पर भी गाज गिर सकती है।