बुलंदशहर में आसमानी आफत का कहर! मूसलाधार बारिश में अचानक गिरी मस्जिद की दीवार
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के खुर्जा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। खुर्जा के मूंडाखेड़ा गांव में गुरुवार शाम को भारी बरसात के दबाव के चलते एक मस्जिद की विशाल बाउंड्रीवॉल (सीमांकन दीवार) अचानक भरभराकर ढह गई। यह हादसा इतना भीषण था कि दीवार के ठीक बगल में टेंट लगाकर रह रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे के नीचे पूरी तरह दफन हो गए। इस दर्दनाक हादसे में मौसा और उनके मासूम भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
टेंट पर आ गिरी मलबे की दीवार: जंपिंग झूला लगाकर पेट पाल रहा था पीड़ित परिवार
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के गांव चंदियाना निवासी 45 वर्षीय सलीम पुत्र अब्दुल कुरैशी अपने परिवार के साथ पिछले करीब डेढ़ साल से मूंडाखेड़ा गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित प्राथमिक विद्यालय की खाली जमीन पर टेंट लगाकर रह रहे थे। सलीम मेलों और स्थानीय बाजारों में बच्चों का जंपिंग झूला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे जब पूरा इलाका भारी बारिश की चपेट में था, तब सलीम अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ टेंट के भीतर मौजूद थे। इसी दौरान टेंट से सटी मस्जिद की ऊंची बाउंड्रीवॉल अचानक ताश के पत्तों की तरह उनके अस्थाई आशियाने पर गिर गई, जिससे किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे से चीख-पुकार के बीच निकाले गए छह लोग
मस्जिद की भारी-भरकम दीवार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में घटना स्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत इस हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और खुद फावड़ों और हाथों से मलबा हटाने के काम में जुट गए। कुछ ही देर में खुर्जा कोतवाली पुलिस और एम्बुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए मलबे में दबे सभी छह लोगों को बाहर निकाला। आनन-फानन में पुलिस के वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से सभी को तत्काल जटिया सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने मौसा और 9 वर्षीय मासूम को घोषित किया मृत: दो महिलाओं की हालत नाजुक, जिला अस्पताल रेफर
जटिया अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद झूला कारोबारी 45 वर्षीय सलीम और उनके साढ़ू सूरज के 9 वर्षीय मासूम बेटे आजाद को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के आते ही पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। इसके अलावा हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए सलीम की पत्नी गुलिस्ता, उनकी दो बेटियों जैनब व नाजरीना और मध्य प्रदेश के भिंड निवासी साले रिजवान का डॉक्टरों ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू किया। घायलों में से गुलिस्ता और नाजरीना की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बुलंदशहर रेफर कर दिया है।
एसडीएम और सीओ ने संभाला मोर्चा: मर्चरी भेजे गए शव, परिजनों को सरकारी मदद का भरोसा
इस बड़े हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी (SDM) प्रतीक्षा पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) शोभित कुमार और नायब तहसीलदार राजस्व टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए आपदा राहत कोष से हर संभव आर्थिक और चिकित्सीय मदद दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मर्चरी भेज दिया है। इस हादसे के बाद से पूरे मूंडाखेड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है।