UP Weather Alert: यूपी में 23 अगस्त तक भारी बारिश का तांडव, वाराणसी-प्रयागराज समेत 55 जिलों में IMD का अलर्ट; जानें अपने शहर का हाल

UP Weather Alert: यूपी में 23 अगस्त तक भारी बारिश का तांडव, वाराणसी-प्रयागराज समेत 55 जिलों में IMD का अलर्ट; जानें अपने शहर का हाल

उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर विकराल और सक्रिय रूप धारण कर लिया है। राज्य के अधिसंख्य हिस्सों में बादलों का सघन पहरा है और पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) से लेकर पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड तक मेघ जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए 18 अगस्त से लेकर आगामी 23 अगस्त तक पूरे प्रदेश में लगातार रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

मौसम विभाग ने वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, बांदा और सोनभद्र समेत 55 से अधिक जिलों के लिए मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी की है। कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने का खतरा मंडरा रहा है।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, यूपी पर मानसून मेहरबान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास विकसित हुआ गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र (Depression) अब धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वायुमंडल के निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की मजबूत स्थिति बनी हुई है।

मानसून ट्रफ लाइन का पश्चिमी सिरा भी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर तराई क्षेत्रों—फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इन संयुक्त मौसमी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों दिशाओं से लगातार नमी से भरी मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में प्रवेश कर रही हैं, जिससे अगले 5-6 दिनों तक झमाझम बारिश के अनुकूल स्थितियां बनी रहेंगी।

वाराणसी, प्रयागराज और पूर्वांचल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसून का सबसे आक्रामक असर देखने को मिल रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में गंगा के तटीय इलाकों में रुक-रुक कर भारी बौछारें पड़ रही हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। वहीं, संगम नगरी प्रयागराज में पिछले 24 घंटों में 126 मिलीमीटर से अधिक मूसलाधार वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे शहर के कई निचले मुहल्लों में पानी भर गया है।

मौसम विभाग ने प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही (संत रविदास नगर), मिर्जापुर और सोनभद्र के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी रखा है। सोनभद्र के चुर्क में सर्वाधिक 147.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ और बलिया में भी घने बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

राजधानी लखनऊ, कानपुर और अवध क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में भी मानसूनी गतिविधियां चरम पर हैं। लखनऊ में सुबह से ही आसमान में काले-काले घने बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में रुक-रुक कर रिमझिम व तेज बारिश हो रही है। लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को चिपचिपी उमस से बड़ी राहत मिली है।

कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर और बाराबंकी में भी लगातार बादल मेहरबान हैं। रायबरेली में 88.4 मिमी, अयोध्या में 75 मिमी और उन्नाव में 72 मिमी वर्षा बीते 24 घंटों के भीतर दर्ज की गई है। कानपुर और बांदा के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी वर्षा का विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

रुहेलखंड, पश्चिमी यूपी और एनसीआर के जिलों में झमाझम बारिश

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के जिलों में भी बारिश की रफ्तार तेज है। बरेली के बहेड़ी में 141 मिमी, शाहजहांपुर में 80.2 मिमी, लखीमपुर खीरी में 84 मिमी और मुजफ्फरनगर में 76.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बदायूं और संभल में घने बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटे इलाकों में तेज मानसूनी हवाओं के साथ ठंडी फुहारें पड़ने से मौसम पूरी तरह सुहावना बना हुआ है।

बुंदेलखंड और तराई के जिलों में जलभराव और नदियों का उफान

बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में लगातार हो रही बरसात से जनजीवन प्रभावित हुआ है। महोबा और बांदा के कई ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने से रपटों के ऊपर पानी बह रहा है।

वहीं नेपाल सीमा से सटे तराई के जिलों—श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पहाड़ी इलाकों से आने वाले पानी और स्थानीय मूसलाधार बारिश के चलते गंगा, यमुना, सरयू, घाघरा और राप्ती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट: प्रशासन की नागरिकों को सख्त एडवाइजरी

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने बारिश के साथ-साथ तेज बिजली गिरने (Lightning / Thunderstorm) की गंभीर आशंका को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। पिछले 48 घंटों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई स्थानों पर जान-माल के नुकसान की सूचना मिली है।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि:

  • तेज बारिश और बादलों की गर्जना के दौरान खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों या खेतों में जाने से बचें।

  • किसी भी परिस्थिति में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या टीन शेड के नीचे शरण न लें।

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें और मौसम खराब होने पर पक्के मकानों के अंदर ही रहें।

तापमान में तेज गिरावट, उमस भरी गर्मी से मिली राहत

लगातार हो रही मानसूनी फुहारों और ठंडी पछुआ-पुरवैया हवाओं के मेल से पूरे प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। अधिकांश जनपदों में दिन का अधिकतम पारा 27 डिग्री से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट गया है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इस मौसमी बदलाव से अगस्त के पहले पखवाड़े में पड़ रही भीषण धूप और उमस से नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

खेती-किसानी के लिए संजीवनी, धान की फसलों को बड़ा लाभ

यह मानसूनी बारिश राज्य के किसानों, विशेषकर धान उत्पादकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। अगस्त के शुरुआती दिनों में कम बारिश के कारण जिन खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं, वहां अब पानी भर जाने से धान की रोपाई और कल्ले फूटने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जिन खेतों में अत्यधिक पानी भर गया है, वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों को नुकसान न पहुंचे।

23 अगस्त तक कैसा रहेगा उत्तर प्रदेश का मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, 18 और 19 अगस्त को प्रदेश के 55 से ज्यादा जिलों में भारी से अति भारी बारिश होगी। इसके बाद 20, 21, 22 और 23 अगस्त को भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी और राज्य के लगभग सभी संभागों में मध्यम से तेज बारिश की रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी। मौसम विभाग ने लोगों को यात्रा करते समय रूट और मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही निकलने का परामर्श दिया है।

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