Cross-Border Drone Strike: अफगान तालिबान का पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन; बलूचिस्तान में ISIS के ठिकानों पर दागे ड्रोन, स्कूल तबाह
काबुल/इस्लामाबाद: भारत के दो पड़ोसी मुल्कों—पाकिस्तान और अफगानिस्तान—के बीच सीमा पर चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक और नए मोड़ पर पहुंच गया है। रक्षा और भू-राजनीतिक सूत्रों से आ रही एक बेहद चौंकाने वाली खबर के मुताबिक, अफगान तालिबान ने पहली बार पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के ठिकानों और खुफिया ठिकानों पर भीषण ड्रोन हमले (Drone Strikes) शुरू कर दिए हैं। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।
बलूचिस्तान के सरानन में स्कूल को बनाया निशाना, छिपे थे चरमपंथी
सुरक्षा बलों और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अफगान तालिबान के आत्मघाती ड्रोन विमानों ने पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान (Balochistan) के सरानन इलाके को निशाना बनाया। इस हवाई हमले में एक स्थानीय स्कूल की इमारत को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
दावा किया जा रहा है कि इस स्कूल का इस्तेमाल लंबे समय से शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि आईएसआईएस (ISIS) के सक्रिय आतंकियों और उन खूंखार चरमपंथी समूहों द्वारा एक सुरक्षित पनाहगाह (Safe Haven) के रूप में किया जा रहा था, जो अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर अराजकता, बम धमाके और हिंसा फैलाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
क्यों भड़का तालिबान? सामने आई हमले की असली वजह
तालिबान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वे इस सीमा पार कार्रवाई के लिए पूरी तरह मजबूर थे। खुफिया इनपुट्स से खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय इन आईएसआईएस ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के भीतर बेकसूर आम नागरिकों और बच्चों पर हवाई हमले करने तथा आत्मघाती नेटवर्क को ऑपरेट करने के लिए किया जा रहा था।
अफगानिस्तान में अपनी सत्ता को सुरक्षित रखने और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तालिबान ने सीधे पाकिस्तान की संप्रभुता को चुनौती देते हुए इन लॉन्च पैड्स को नष्ट करने का फैसला किया।
क्षेत्र में बढ़ सकता है बड़ा सैन्य तनाव
इस अप्रत्याशित ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना (Pakistan Army) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अपनी धरती पर अफगान तालिबान के इस सीधे हवाई हमले को पाकिस्तान हल्के में नहीं लेगा। आने वाले दिनों में दोनों देशों की सीमाओं (डूरंड रेखा) पर भारी सैन्य तैनाती और जवाबी कार्रवाई की पूरी आशंका है, जिसने पूरे दक्षिण एशिया के सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।