US Birthright Citizenship: ट्रंप को बड़ा झटका! अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा जन्मजात नागरिकता का अधिकार

US Birthright Citizenship: ट्रंप को बड़ा झटका! अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा जन्मजात नागरिकता का अधिकार

वाशिंगटन: अमेरिका में प्रवासियों और नागरिकता के अधिकारों को लेकर चल रही लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई में वहां की सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद ऐतिहासिक और युगांतकारी फैसला सुनाया है। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विवादास्पद कार्यकारी आदेश (Executive Order) को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले हर बच्चे को बिना किसी भेदभाव के वहां की नागरिकता मिलती रहेगी, जिससे लाखों प्रवासी परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के भारी बहुमत से पास हुआ ऐतिहासिक फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने मौजूदा सत्र के आखिरी दिन इस बेहद संवेदनशील और बड़े मामले पर 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की सरजमीं पर जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार हासिल रहेगा, चाहे उनके माता-पिता का कानूनी स्टेटस कुछ भी हो। इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन के उस प्रयास को पूरी तरह नाकाम कर दिया है, जिसमें अमेरिका में अवैध या अस्थायी रूप से रह रहे प्रवासियों के बच्चों को जन्मजात नागरिकता के अधिकार से वंचित करने का प्रावधान शामिल था।

कोर्ट के फैसले पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, संसद से कानून बनाने की मांग की

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ट्रंप ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला हमारे देश के लिए बहुत बुरा और नुकसानदेह है। हालांकि, उन्होंने हार न मानते हुए एक नए राजनीतिक रास्ते का एलान किया है। ट्रंप ने दावा किया कि वे इसके लिए किसी लंबे और पेचीदा संवैधानिक संशोधन (Constitutional Amendment) के रास्ते पर जाने के बजाय अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में एक नया कानून लाकर इसे आसानी से बदल देंगे। उन्होंने साफ किया कि जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने के लिए वे संसद को अपना पूरा समर्थन देंगे और रिपब्लिकन पार्टी इस पर जल्द काम शुरू करेगी।

क्या है जन्मसिद्ध नागरिकता और इसका 150 साल पुराना इतिहास?

जन्मसिद्ध नागरिकता यानी बर्थराइट सिटिजनशिप (Birthright Citizenship) अमेरिका का एक बेहद मजबूत कानूनी और संवैधानिक स्तंभ है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) से प्राप्त होता है, जिसे साल 1868 में गृहयुद्ध के बाद पारित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका में पैदा होने वाले सभी बच्चों को बिना किसी नस्लीय या सामाजिक भेदभाव के समान नागरिक अधिकार देना था। इस कानून के तहत यदि कोई भी बच्चा अमेरिकी सीमा के भीतर पैदा होता है, तो वह जन्म से ही वहां का वैध नागरिक बन जाता है, भले ही उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों।

ट्रंप के उस आदेश में क्या था जिसे कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित किया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल की शुरुआत में एक सख्त कार्यकारी आदेश जारी कर इस 150 साल पुराने नियम को पलटने की कोशिश की थी। ट्रंप के उस आदेश के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता तभी मिल सकती थी, जब उनके माता-पिता में से कम से कम कोई एक कानूनी रूप से अमेरिका का निवासी या नागरिक हो। इस कदम का मुख्य उद्देश्य 'बर्थ टूरिज्म' और अवैध प्रवासियों की संख्या पर लगाम लगाना था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस आदेश को पूरी तरह असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद पुराना नियम ही प्रभावी रहेगा, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिका जाने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है।

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