सोने के बाद अब चांदी पर मोदी सरकार का  एक्शन सिल्वर बार के आयात पर लगा तत्काल प्रतिबंध

सोने के बाद अब चांदी पर मोदी सरकार का एक्शन सिल्वर बार के आयात पर लगा तत्काल प्रतिबंध

देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और घरेलू बाजार को संतुलित रखने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक और बेहद कड़ा और बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। सोने (Gold) के आयात पर कुछ पाबंदियां लगाने के बाद अब सरकार ने चांदी के बार (Silver Bars) के आयात को भी 'प्रतिबंधित' (Restricted) श्रेणी में डाल दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार का यह नया आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद सराफा बाजार और व्यापारिक जगत में हलचल तेज हो गई है।

क्या है डीजीएफटी (DGFT) का नया नोटिफिकेशन?

डीजीएफटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, चांदी के बार (Silver Bars) के आयात की नीति में बड़ा संशोधन किया गया है। पहले जहां इसका आयात काफी हद तक आसान या 'मुक्त' श्रेणी में आता था, वहीं अब इसे तत्काल प्रभाव से 'मुक्त' (Free) से बदलकर 'प्रतिबंधित' (Restricted) श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी कारोबारी या एजेंसी बिना सरकार की मंजूरी और वैध लाइसेंस के विदेशों से चांदी के बार का आयात नहीं कर सकेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध 'सिल्वर पाउडर' (Silver Powder) और 'सिल्वर शीट' जैसी अन्य श्रेणियों पर लागू नहीं होगा, वे पहले की तरह ही आयात की जा सकेंगी।

आखिर सरकार ने क्यों लिया यह कड़ा फैसला?

आर्थिक विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह देश के बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Deficit) को नियंत्रित करना और चालू खाता घाटे (CAD) को थामना है। पिछले कुछ समय से देश में चांदी के आयात में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जा रही थी। इसके अलावा, सरकार घरेलू रिफाइनरियों और स्थानीय चांदी उद्योग (Domestic Industry) को बढ़ावा देना चाहती है। इस प्रतिबंध के बाद घरेलू स्तर पर चांदी की रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग को मजबूती मिलेगी, जिससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल मिलेगा।

क्या आम जनता और चांदी की कीमतों पर पड़ेगा असर?

सरकार के इस फैसले का सीधा असर आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों और इसकी उपलब्धता पर देखने को मिल सकता है।

  • कीमतों में आ सकती है तेजी: आयात पर प्रतिबंध लगने और लाइसेंसिंग प्रक्रिया अनिवार्य होने से घरेलू बाजार में चांदी की आपूर्ति (Supply) में कुछ समय के लिए कमी आ सकती है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से घरेलू सराफा बाजार में चांदी के दाम बढ़ सकते हैं।

  • सट्टेबाजी और अवैध व्यापार पर लगाम: चांदी के बार के आयात पर नियंत्रण होने से बाजार में होने वाली अनधिकृत सट्टेबाजी और अवैध व्यापार पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।

  • गहने खरीदने वालों के लिए: हालांकि यह प्रतिबंध केवल 'सिल्वर बार' पर है, लेकिन चांदी के कच्चे माल की कीमतों में उछाल आने से चांदी के गहने, बर्तन और सिक्के बनाने की लागत भी बढ़ सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर थोड़ा असर पड़ सकता है।

आरबीआई और डीजीएफटी रखेंगे पैनी नजर

सरकार के इस कदम के बाद अब चांदी के आयात के लिए केवल उन्हीं चुनिंदा संस्थाओं या बैंकों को अनुमति मिलेगी जिनके पास डीजीएफटी द्वारा जारी विशेष लाइसेंस होगा। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों का भी कड़ाई से पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल आयात की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो सकेगी, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी लंबी अवधि में बड़ा फायदा पहुंचेगा।

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