गोल्ड लोन मार्केट में गोदरेज की बड़ी एंट्री! ₹117 करोड़ में की इस कंपनी की खरीद
गोदरेज ग्रुप की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) गोदरेज कैपिटल ने रिटेल और कंज्यूमर फाइनेंस सेगमेंट में अपने पैर पसारते हुए गोल्ड लोन मार्केट में धमाकेदार एंट्री की है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश की प्रमुख एनबीएफसी 'कनकदुर्गा फाइनेंस' के गोल्ड लोन बिजनेस को 117 करोड़ रुपये की बड़ी डील में एक्वायर किया है। यह गोदरेज ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विस शाखा का पहला रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisition) है।
12,000 ग्राहक और 54 शाखाएं होंगी गोदरेज के नाम
कनकदुर्गा फाइनेंस के गोल्ड लोन सेगमेंट का ऐसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) फिलहाल ₹280 करोड़ का है। इस अधिग्रहण के साथ ही गोदरेज फाइनेंस को आंध्र प्रदेश स्थित 54 एक्टिव ब्रांचों का नेटवर्क, करीब 250 अनुभवी कर्मचारियों की टीम और 12,000 से अधिक बने-बनाए ग्राहक मिलेंगे। अब तक मुख्य रूप से एमएसएमई (MSME) लोन और हाउसिंग फाइनेंस के क्षेत्र में काम कर रही गोदरेज कैपिटल को इस कदम से अपना दायरा तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
2031 तक ₹1 लाख करोड़ AUM का महा-लक्ष्य
गोदरेज कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष शाह के अनुसार, यह डील कंपनी को एक मल्टी-प्रोडक्ट लेंडिंग प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2031 तक अपने कुल AUM को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना और 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं देना है। पिछले 5 सालों में टेक्नोलॉजी और रिस्क मैनेजमेंट पर किया गया निवेश इस विज़न को तेजी से पूरा करने में मददगार साबित होगा।
गोल्ड लोन सेगमेंट में अचानक क्यों बढ़ी होड़?
सोने की बढ़ती कीमतों और सुरक्षित लोन एसेट होने के कारण बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घराने इस बिजनेस में उतर रहे हैं। मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में गोल्ड ज्वेलरी के बदले दिया गया लोन 69.9% बढ़कर 3.29 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। गोदरेज से पहले हाल ही में 13 जुलाई को टाटा कैपिटल ने भी केरल की 'योगक्षेमम लोन्स' में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करके गोल्ड लोन सेक्टर में कदम रखा था।