डिफेंस स्टॉक में भयंकर क्रैश: कोचिन शिपयार्ड का शेयर 7% टूटा, एक्सपर्ट्स ने कहा- 'तुरंत बेच दो, आधा हो जाएगा दाम'
भारतीय शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के पसंदीदा शेयरों में से एक, कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd) के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन बेहद मायूस करने वाला रहा। सरकारी डिफेंस कंपनी कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में आज अचानक 7 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य वजह कंपनी द्वारा जारी किए गए चौथी तिमाही (Q4) के कमजोर वित्तीय नतीजे हैं, जो बाजार के अनुमानों पर कतई खरे नहीं उतरे। नतीजों के सामने आते ही दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए इसे बेचने की सलाह दे दी है, जिससे निवेशकों में खलबली मच गई है।
खराब नतीजों के बाद इंट्रा-डे में 1475 रुपये के निचले स्तर पर फिसला शेयर
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सोमवार को कोचिन शिपयार्ड का शेयर भारी बिकवाली के दबाव में 1534 रुपये के स्तर पर खुला था। लेकिन जैसे ही बाजार ने कंपनी के तिमाही नतीजों को देखना शुरू किया, इस स्टॉक में गिरावट गहराती चली गई। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयरों का भाव 7 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 1475 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल (न्यूनतम स्तर) पर आ गया। अचानक आई इस गिरावट से इस डिफेंस स्टॉक में पोजीशन बनाने वाले ट्रेडर्स को तगड़ा झटका लगा है।
रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में आई भारी गिरावट, अनुमान से भी बदतर रहे आंकड़े
शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक जानकारी में कोचिन शिपयार्ड ने स्वीकार किया है कि इस बार रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा है। सालाना आधार पर (Year-on-Year) कंपनी के रेवेन्यू में 26 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली है। इसके साथ ही, कोचिन शिपयार्ड का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA भी 6 प्रतिशत तक लुढ़क गया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े नेट प्रॉफिट के रहे, जिसमें 24 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि बाजार के विश्लेषक इसमें महज 16 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगा रहे थे।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भी वित्तीय मोर्चे पर प्रदर्शन रहा बेहद निराशाजनक
कंपनी का यह खराब प्रदर्शन सिर्फ एक तिमाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भी वित्तीय स्थिति डगमगाती हुई नजर आई। इस पूरे वित्त वर्ष में कंपनी के कुल रेवेन्यू में 5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के पूरे कार्यकाल के दौरान कोचिन शिपयार्ड का EBITDA 23 प्रतिशत और नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) 24 प्रतिशत तक नीचे आ गया है। लगातार घटते मुनाफे ने बड़े संस्थागत निवेशकों को इस शेयर से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है।
दिग्गज ब्रोकरेज कोटक की 'Sell' रेटिंग, सीधे 830 रुपये का दिया टारगेट
कोचिन शिपयार्ड के इस निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए मशहूर ब्रोकरेज हाउस कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) ने इस स्टॉक पर अपनी राय बदलते हुए सख्त 'Sell' (बेचने) की रेटिंग दे दी है। ब्रोकरेज हाउस ने इस डिफेंस शेयर के लिए 830 रुपये का टारगेट प्राइस (Target Price) सेट किया है। इसका मतलब यह हुआ कि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोचिन शिपयार्ड के शेयरों का दाम अपनी मौजूदा बाजार कीमत से करीब आधा (लगभग 45% से ज्यादा नीचे) हो सकता है।
एक साल में 25% टूटा शेयर, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों की अभी भी चांदी
अगर इस शेयर के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो बीते छह महीनों के दौरान कोचिन शिपयार्ड के शेयरों की कीमतों में 11.88 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, पिछले एक साल के भीतर इस सरकारी डिफेंस कंपनी के शेयरों का दाम 25 प्रतिशत तक नीचे गिर चुका है, जबकि इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 8.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। भले ही पिछले एक साल में एंट्री करने वाले नए निवेशकों के लिए यह समय काफी कठिन रहा हो, लेकिन लंबी अवधि के लिए होल्ड करने वाले निवेशक अब भी बंपर मुनाफे में हैं। दो साल पहले निवेश करने वालों को अब भी 1.55 प्रतिशत का रिटर्न मिल रहा है, जबकि तीन साल में इस शेयर ने 451 प्रतिशत और पिछले पांच वर्षों में अपने पोजीशनल निवेशकों को 681 प्रतिशत का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है।