Westlife Food Q2 Results: 16% उछलकर ₹746 करोड़ हुई आय पर लगा ₹2.7 करोड़ का घाटा, सेम स्टोर सेल्स 10.1% बढ़ी
भारत में मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) के पश्चिमी और दक्षिणी रेस्तरां चेन का संचालन करने वाली प्रमुख क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड (Westlife Foodworld) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ताजा वित्तीय आंकड़ों में एक मिला-जुला रुझान देखने को मिला है, जहां एक ओर कुल राजस्व और परिचालन लाभ (EBITDA) में दोहरे अंकों की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर शुद्ध लाभ के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है। पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में जहां कंपनी ने ₹37 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था, वहीं चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी को ₹2.7 करोड़ का शुद्ध घाटा झेलना पड़ा है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का ध्यान कंपनी की टॉप-लाइन ग्रोथ और मजबूत सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ पर टिका हुआ है, जिसने यह साफ संकेत दिया है कि फूड और बेवरेज सेक्टर में ग्राहकों का भरोसा और फुटफॉल तेजी से लौट रहा है।
राजस्व में 16% की जोरदार तेजी: ₹641 करोड़ से बढ़कर ₹746 करोड़ के पार पहुंची कुल आय
वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड द्वारा जारी वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय (Revenue from Operations) में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की ठोस वृद्धि देखी गई है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹641 करोड़ रहा था, जो अब बढ़कर ₹746 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी की इस आय वृद्धि में उसके इन-स्टोर डाइनिंग, ड्राइव-थ्रू और डिजिटल डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स का सबसे बड़ा योगदान रहा है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले कंज्यूमर स्पेंडिंग में आए सुधार और नए मेनू ऑप्शंस की वजह से रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने एक मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
EBITDA में 40% की छलांग: ₹67 करोड़ से बढ़कर ₹94 करोड़ पर पहुंचा परिचालन मुनाफा
मुनाफे में शुद्ध घाटे के बावजूद कंपनी के मुख्य परिचालन प्रदर्शन में मजबूती बनी रही। वित्तीय नतीजों के मुताबिक, कंपनी का एबिटा (EBITDA) सालाना आधार पर ₹67 करोड़ से बढ़कर ₹94 करोड़ पर पहुंच गया, जो करीब 40 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़ोतरी को दर्शाता है। वहीं, कंपनी के Q2 FY27 हाइलाइट्स के अनुसार ऑपरेटिंग EBITDA सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹981 मिलियन (₹98.1 करोड़) दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 13.1 प्रतिशत रहा। कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता और लागत नियंत्रण के उपायों ने कंपनी को अपने परिचालन मार्जिन को मजबूत बनाए रखने में काफी मदद की है।
सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ में 10.1% की दोहरी छलांग: ग्राहकों की संख्या में दिखा भारी उछाल
क्यूएसआर और रिटेल उद्योग के सबसे महत्वपूर्ण पैमाने सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) के मोर्चे पर वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड ने शानदार प्रदर्शन किया है। दूसरी तिमाही में कंपनी की सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ 10.1 प्रतिशत दर्ज की गई। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, इस मजबूत विकास दर को डाइन-इन और टेक-अवे दोनों माध्यमों से आने वाले ग्राहकों की संख्या (Guest Footfall) में दोहरे अंकों की निरंतर वृद्धि से बड़ा समर्थन मिला है। लंबे समय से चल रही महंगाई के दबाव के बावजूद बर्गर, मिल्कशेक और मील कॉम्बो की मांग में स्थिरता ने कंपनी के वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखा, जिससे पुरानी दुकानों की बिक्री में भी 10 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया।
11 नए रेस्टोरेंट जोड़कर नेटवर्क का विस्तार: 80 शहरों में 492 आउटलेट्स तक पहुंचा दायरा
दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने नेटवर्क विस्तार की आक्रामक रणनीति को जारी रखा। वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड ने जुलाई से सितंबर के बीच 11 नए रेस्टोरेंट जोड़े हैं। इस नए विस्तार के साथ ही कंपनी के कुल आउटलेट्स की संख्या अब भारत के 80 से अधिक प्रमुख शहरों में बढ़कर 492 हो चुकी है। कंपनी दक्षिण और पश्चिम भारत के टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में अपने विस्तार को प्राथमिकता दे रही है, जहां फास्ट-फूड और फैमिली डाइनिंग का नया बाजार तेजी से उभर रहा है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष के अंत तक 500 से अधिक सक्रिय आउटलेट्स के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करना है।
मुनाफे से घाटे में जाने की मुख्य वजह: विस्तार की लागत और परिचालन व्यय का असर
तिमाही के दौरान आय बढ़ने के बावजूद ₹2.7 करोड़ का घाटा दर्ज होने के पीछे मुख्य रूप से नए आउटलेट्स के लॉन्च से जुड़ी शुरुआती लागत, स्टोर रिनोवेशन, उच्च मूल्यह्रास (Depreciation), लीज देनदारियां और ब्याज व्यय (Interest Cost) को जिम्मेदार माना जा रहा है। नए शहरों में प्रवेश करने और डिजिटल तकनीक को अपग्रेड करने के लिए कंपनी ने बड़ा पूंजीगत व्यय किया है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि बुनियादी मांग मजबूत रहने और सेम स्टोर सेल्स में 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि आने वाली तिमाहियों में जैसे ही नए खुले स्टोर्स की उत्पादकता बढ़ेगी, कंपनी का बॉटम-लाइन (शुद्ध लाभ) भी तेजी से सकारात्मक रुख कर सकता है।