मिर्जापुर की 'बीना भाभी' ने ऐसे शूट किए थे बोल्ड और इंटिमेट सीन: रसिका दुगल बोलीं- सेट पर मौजूद रहते थे इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर
'मिर्जापुर' फ्रेंचाइजी में कालीन भैया की पत्नी 'बीना त्रिपाठी' का किरदार निभाने वाली मशहूर अभिनेत्री रसिका दुगल ने अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। सीरीज से लेकर बड़े पर्दे पर आई 'मिर्जापुर: द मूवी' तक, बीना का किरदार सत्ता, बदले और अपनी शर्तों पर जीने वाली एक बेहद जटिल महिला के रूप में उभरा है। इस किरदार की यात्रा में कई बेहद बोल्ड, संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इंटिमेट सीन्स शामिल रहे हैं। स्क्रीन पर इन दृश्यों को जिस सहजता और संजीदगी के साथ पेश किया गया, उसने हमेशा दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा। अब रसिका दुगल ने खुलकर बात की है कि ऐसे सीन्स को कैमरे के सामने फिल्माना कितना तकनीकी होता है और सेट पर कलाकारों की सुरक्षा व सहजता के लिए किस तरह के कड़े पेशेवर नियम अपनाए जाते हैं।
स्क्रीन पर दिखने वाली सहजता के पीछे होती है कड़ी तकनीकी कोरियोग्राफी
रसिका दुगल ने एक बातचीत के दौरान खुलासा किया कि अक्सर दर्शकों को लगता है कि इंटिमेट सीन करना बेहद अजीब या असहज होता होगा, लेकिन कैमरे के पीछे की सच्चाई बिल्कुल अलग होती है। उन्होंने बताया कि किसी भी एक्शन या डांस सीक्वेंस की तरह ही इंटिमेट सीन्स की भी पूरी तरह से कोरियोग्राफी की जाती है। इसमें पहले से तय होता है कि हाथ कहां रखा जाएगा, मूवमेंट किस तरफ होगा और चेहरे के एक्सप्रेशन कब बदलेंगे। रसिका ने कहा कि जब सब कुछ पहले से तय और कोरियोग्राफ होता है, तो एक कलाकार के रूप में आपका ध्यान केवल अपने किरदार की भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करने पर होता है, न कि किसी असहजता पर।
सेट पर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर की मौजूदगी से मिलती है मानसिक सुरक्षा
बॉलीवुड और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ वर्षों में आए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए रसिका ने 'इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर' (Intimacy Coordinator) की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि आज के दौर में ऐसे संवेदनशील सीन्स के दौरान सेट पर एक पेशेवर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर का होना अनिवार्य हो चुका है। इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर निर्देशक और कलाकारों के बीच एक सुरक्षित पुल का काम करता है। सीन शुरू होने से पहले ही हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की जाती है कि कौन सा कलाकार किस बात में सहज है और किसमें असहज। दोनों सह-कलाकारों की आपसी सहमति (कंसेंट) को लिखित और मौखिक रूप से सुनिश्चित किया जाता है, जिससे सेट पर किसी भी प्रकार की गलतफहमी या मानसिक दबाव की गुंजाइश नहीं बचती।
सीमित क्रू के साथ बंद दरवाजों के पीछे होती है शूटिंग
रसिका ने बताया कि जब भी ऐसे बोल्ड या इंटिमेट दृश्यों की शूटिंग होती है, तो सेट को 'क्लोज्ड सेट' (Closed Set) घोषित कर दिया जाता है। इसका मतलब यह है कि वहां केवल अत्यंत आवश्यक लोग—जैसे निर्देशक, मुख्य कैमरामैन, साउंड पर्सन और इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर ही मौजूद रहते हैं। बाकी सभी क्रू मेंबर्स, स्पॉट बॉय और तकनीकी स्टाफ को सेट से पूरी तरह बाहर भेज दिया जाता है। इसके अलावा, मॉनिटर पर भी हर किसी को झांकने की अनुमति नहीं होती। इस तरह का पेशेवर और सम्मानजनक माहौल एक कलाकार को बिना किसी झिझक के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का भरोसा देता है।
सह-कलाकारों का तालमेल और सम्मान सबसे बड़ी ताकत
बीना त्रिपाठी के किरदार में रसिका दुगल ने कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), राजा (नितिन महेश जोशी) और बाऊजी (कुलभूषण खरबंदा) के साथ कई बेहद इंटेंस और डार्क सीन किए हैं। रसिका ने अपने सह-कलाकारों की तारीफ करते हुए कहा कि जब आपके सामने खड़े अभिनेता पूरी तरह से पेशेवर, संवेदनशील और आपकी सीमाओं का सम्मान करने वाले हों, तो काम बेहद आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर के सेट पर हमेशा कलाकारों की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, यही कारण है कि बीना त्रिपाठी का बोल्ड अंदाज स्क्रीन पर कभी फूहड़ नहीं लगा, बल्कि वह कहानी की एक मजबूत और जरूरी कड़ी बनकर उभरा।