बार-बार कूलर की घास बदलने से हैं परेशान? इन 4 आसान तरीकों से दोगुनी हो जाएगी लाइफ, कम खर्च में मिलेगी शिमला जैसी बर्फीली हवा

बार-बार कूलर की घास बदलने से हैं परेशान? इन 4 आसान तरीकों से दोगुनी हो जाएगी लाइफ, कम खर्च में मिलेगी शिमला जैसी बर्फीली हवा

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) के भारी-भरकम बिजली बिल से बचने के लिए कूलर सबसे किफायती और असरदार विकल्प माना जाता है। लेकिन कूलर का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह होती है कि कुछ ही हफ्तों में कूलर की घास (खस या वुड वूल पैड्स) काली पड़ जाती है, उसमें बदबू आने लगती है या फिर पानी में मौजूद नमक व गंदगी जमने से वह पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है। जब घास सख्त और चोक हो जाती है, तो कूलर से ठंडी हवा आना बंद हो जाती है और पंखा सिर्फ गर्म उमस फेंकने लगता है।

नतीजतन, सीजन में दो से तीन बार नई घास लगवानी पड़ती है, जिससे बेवजह का खर्च और झंझट बढ़ जाता है। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो कुछ आसान और आजमूदा घरेलू नुस्खों को अपनाकर कूलर की घास की लाइफ को आसानी से दोगुना कर सकते हैं।

1. पानी में नमक और सफेद सिरके का इस्तेमाल

कूलर की घास खराब होने की सबसे बड़ी वजह पानी में मौजूद कठोरता (Hard Water) और काई (Algae) होती है। खारे पानी की वजह से घास के रेशों पर सफेद परत जम जाती है, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है।

  • इस्तेमाल का तरीका: जब भी कूलर की टंकी में नया पानी भरें, तो महीने में दो बार पानी में 2-3 चम्मच सादा नमक और आधा कप सफेद सिरका (Vinegar) डाल दें।

  • फायदा: सिरका और नमक मिलकर पानी में काई और बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते। साथ ही, यह घास के रेशों पर खारे पानी का नमक जमने से रोकते हैं, जिससे घास लंबे समय तक मुलायम और साफ बनी रहती है।

2. हफ्ते में एक बार टंकी का पानी खाली करना जरूरी

अक्सर लोग कूलर की टंकी में सिर्फ ऊपर से ताजा पानी भरते रहते हैं और हफ्तों तक पुराना पानी नीचे जमा रहता है।

  • टंकी के तलछट में जमी धूल-मिट्टी और कीचड़ वाटर पंप के जरिए बार-बार घास पर चढ़ती है, जिससे घास के बारीक छेद चोक हो जाते हैं।

  • हर 7 से 10 दिन में कूलर की टंकी का ड्रेन प्लग खोलकर गंदा पानी पूरी तरह निकाल दें और तली को ब्रश से रगड़कर साफ करें। साफ पानी की सप्लाई मिलने से घास में सड़ांध नहीं लगती और उसकी उम्र अपने आप बढ़ जाती है।

3. फिटकरी के पानी से करें घास का उपचार

घास को फंगस, दुर्गंध और सड़ांध से बचाने के लिए फिटकरी (Alum) सबसे बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है।

  • एक बाल्टी गुनगुने पानी में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा डालकर अच्छी तरह घोल लें।

  • कूलर के पैनल (जाली) खोलकर इस फिटकरी वाले पानी को मग से घास पर ऊपर से नीचे की ओर डालें।

  • यह घोल घास में पनप रहे कीटाणुओं को खत्म करता है और घास की प्राकृतिक खुशबू को बनाए रखता है। इससे कमरे में उमस भरी बदबू के बजाय ताजी और ठंडी हवा फैलती है।

4. धूप में सुखाना और वाटर डिस्ट्रीब्यूटर की सफाई

घास के जल्दी गलने का एक मुख्य कारण यह भी होता है कि उस पर लगातार पानी टपकता रहता है और कभी हवा नहीं लगती।

  • धूप दिखाना: महीने में एक बार दोपहर के समय कूलर की जाली निकालकर 1-2 घंटे के लिए तेज धूप में रख दें। इससे घास के अंदर फंसी सीलन और बदबू खत्म हो जाती है और रेशे दोबारा कड़क व सक्रिय हो जाते हैं।

  • पाइप के छेद साफ रखें: कूलर की जाली के ऊपर लगे पानी के पाइप (वाटर डिस्ट्रीब्यूटर) के छोटे छेदों में कचरा फंस जाने से पानी घास के केवल एक ही हिस्से पर गिरता है, जिससे वह हिस्सा सड़ जाता है और बाकी हिस्सा सूखा रहता है। किसी सुई या सेफ्टी पिन से इन छेदों को समय-समय पर साफ करते रहें ताकि पानी पूरी घास पर बराबर फैले।

घास लगवाते समय इस बात का रखें ध्यान

नई घास लगवाते समय जाली में उसे बहुत ज्यादा ठूंस-ठूंस कर न भरें। घास की परत इतनी खुली होनी चाहिए कि बाहर की ताजी हवा आसानी से छनकर अंदर आ सके। जरूरत से ज्यादा घनी घास लगाने से न केवल कूलर की मोटर पर दबाव पड़ता है, बल्कि हवा का दबाव घटने से कमरे में ठंडक भी कम होती है।

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